'बेटियों दुर्गा बनो, काली बनो लेकिन बुर्के वाली ना बनो', हिंदू एकता यात्रा में धीरेंद्र शास्त्री बोले- एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे
धीरेंद्र शास्त्री की यह यात्रा हिंदू समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। यात्रा के दौरान वे अलग-अलग स्थानों पर लोगों से मिल रहे हैं और सभाओं के जरिए अपनी बात रख रहे हैं। लोगों ने कई जगह पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।
MP News: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा मध्य प्रदेश के सागर पहुंची। यात्रा के दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए हिंदू समाज से एकजुट रहने की अपील की। अपने बयान में उन्होंने युवतियों से कहा कि वे दुर्गा और काली जैसी शक्तिशाली बनें, लेकिन बुर्के वाली नहीं। उन्होंने हिंदुओं से अपने धर्म और परंपराओं को लेकर जागरुक रहने की अपील की।
‘एक रहेंगे, नेक रहेंगे और सेफ रहेंगे’
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा के उद्देश्य के बारे में बात करते हुए कहा कि समाज के लोगों को एक साथ रहने की जरूरत है। उन्होंने ‘एक रहेंगे, नेक रहेंगे और सेफ रहेंगे’ का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान लोगों से सीधे संवाद करने और अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।
युवतियों को सोशल मीडिया को लेकर किया सतर्क
सागर में मीडिया से बातचीत के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने युवतियों को सोशल मीडिया की रील और आकर्षण के आधार पर किसी पर भरोसा करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी युवक के बाहरी रूप से प्रभावित होकर उस पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए।
उन्होंने इस विषय को लव जिहाद से जोड़ते हुए भी अपनी बात रखी। उनके बयान में खास तौर पर युवतियों को रिश्तों में सावधानी बरतने और किसी के बहकावे में नहीं आने का संदेश था।
पुष्पवर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया
धीरेंद्र शास्त्री की यह यात्रा हिंदू समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। यात्रा के दौरान वे अलग-अलग स्थानों पर लोगों से मिल रहे हैं और सभाओं के जरिए अपनी बात रख रहे हैं। सागर में भी यात्रा के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने कई जगह पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।
इससे पहले यात्रा दमोह पहुंची थी। वहां एक सभा में शास्त्री ने जातिवाद खत्म करने और हिंदू समाज को एकजुट रहने की अपील की थी। उन्होंने धर्मांतरण, गौहत्या और लव जिहाद जैसे मुद्दे भी उठाए। इस दौरान युवतियों को अपनी धार्मिक पहचान और सुरक्षा को लेकर जागरूक रहने की सलाह दी गई।
'आंदोलन का अधिकार है, लेकिन देश की छवि खराब न हो'
शास्त्री से जब जेन-जी आंदोलन को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने और आंदोलन करने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विरोध या आंदोलन के दौरान देश की छवि खराब नहीं होनी चाहिए। युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
सनातन हिंदू एकता यात्रा के दौरान दिए गए बयानों से धार्मिक पहचान, सामाजिक एकता और युवतियों की सुरक्षा जैसे मुद्दे चर्चा में आ गए हैं। शास्त्री अपने संबोधनों में समाज को एकजुट रहने का संदेश दे रहे हैं।



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