'माइक तेरी....'TI ने आदिवासी छात्रों को गालियां दी; उमंग सिंघार बोले- वर्दी की ताकत अपमानित करने के लिए नहीं
सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए आगे कहा, 'पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल नागरिकों को अपमानित करने के लिए नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए होना चाहिए।'
MP News: भोपाल में टीआई के प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों के साथ गाली गलौज करने का मामला सामने आया है। मिसरोद थाना प्रभारी रत्न सिंह परिहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान टीआई ने छात्रों को गालियां दीं। यह प्रदर्शन छात्रों की समस्याओं को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की स्टूडेंट विंग की ओर से किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत आदिवासी संगठनों ने संबंधित पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है। वीडियो में आरोपी पुलिस अधिकारी जोहार शब्द को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। वहीं भारी विरोध के बाद भोपाल पुलिस कमिश्नर ने आरोपी टीआई रत्न सिंह परिहार को सस्पेंड कर दिया है।
'जोहार कोई गाली नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति है'
इस मामले में मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले आदिवासी छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उमंग सिंघार ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘जोहार कोई गाली नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, पहचान, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह शब्द प्रेम, आदर और भाईचारे का संदेश देता है। आदिवासी समाज की संस्कृति और अस्मिता का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'
सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए आगे कहा, 'पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल नागरिकों को अपमानित करने के लिए नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए होना चाहिए।'
https://x.com/UmangSinghar/status/2110232673335792054?s=20
'जय जोहार' बोलते ही गालियां देना शुरू कर दिया
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में कुछ आंदोलन करने वाले कुछ छात्र ऑटो में बैठे थे। इस दौरान छात्रों ने जय जोहार का नारा लगाना शुरू कर दिया। लेकिन जैसे ही छात्रों ने नारा लगाया आरोपी मिसरोद टीआई रत्न सिंह परिहार ने छात्रों को गालियां देनी शुरू कर दी। उन्होंने पहले तो गालियां दी और फिर जोहार को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस दौरान छात्र पुलिस अधिकारी से कहते हुए नजर आए कि तमीज से बात करिए लेकिन टीआई पर छात्रों की बातों का कोई फर्क नहीं पड़ा।
पुलिस कमिश्नर ने TI को सस्पेंड किया
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि दोषी के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कानून लागू कराने वाले पुलिसकर्मियों से खुद कानून और संविधान का सम्मान करने की अपेक्षा की जाती है।
फिलहाल, वायरल वीडियो के आधार पर भोपाल पुलिस कमिश्नर ने आरोपी टीआई को सस्पेंड कर दिया है।



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