बच्चों की मुफ्त बस सेवा पर संकट! MP में किराया वसूलने की तैयारी, कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव
मध्य प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में मुफ्त बस सेवा को शुल्क आधारित बनाने का प्रस्ताव है। मंजूरी मिलने पर कलेक्टर किराया तय कर सकते हैं। कैबिनेट के फैसले से शुल्क और राहत संबंधी नियम स्पष्ट होंगे।
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MP Sandipani School News: मध्य प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की बस सुविधा को लेकर नियम बदलने की तैयारी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसा प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत अभिभावकों से परिवहन शुल्क लिया जा सकता है। प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर अब तक मुफ्त बस सेवा का लाभ ले रहे परिवारों पर खर्च का नया बोझ पड़ सकता है।
कलेक्टर तय कर सकेंगे बसों का किराया
प्रस्ताव के अनुसार, जिलों में संचालित सांदीपनि विद्यालयों की बसों का शुल्क निर्धारित करने की जिम्मेदारी कलेक्टरों को दी जा सकती है। उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर किराया तय करने और अभिभावकों से भुगतान लेने की व्यवस्था लागू करने का अधिकार मिल सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बस का किराया कितना रखा जाएगा। यह भी तय नहीं है कि सभी विद्यार्थियों से शुल्क लिया जाएगा या कुछ परिवारों को राहत मिलेगी। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए किसी विशेष छूट का प्रावधान होगा या नहीं, इस पर भी तस्वीर साफ होना बाकी है।
370 स्कूलों में चल रही मुफ्त परिवहन व्यवस्था
बता दें, प्रदेश में करीब 370 सांदीपनि विद्यालयों में विद्यार्थियों को घर से स्कूल लाने और वापस छोड़ने के लिए बस सेवा उपलब्ध कराई जाती है। इस सुविधा पर होने वाले खर्च को देखते हुए विभाग व्यवस्था में बदलाव पर विचार कर रहा है।यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो मौजूदा निशुल्क परिवहन व्यवस्था की जगह शुल्क आधारित प्रणाली लागू हो सकती है। हालांकि, अंतिम नियम और किराये की दरें सरकार के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होंगी।
चार जिलों में महिला-बाल विकास कार्यालयों पर भी चर्चा संभव
कैबिनेट की बैठक में मैहर, पांढुर्णा, निवाड़ी और मऊगंज में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय खोलने और वहां जरूरी पदों के सृजन से जुड़े प्रस्ताव पर भी विचार हो सकता है। इसके साथ ही 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के तहत किए गए कामों और उसकी प्रगति की समीक्षा भी मुख्यमंत्री मंत्रियों के साथ कर सकते हैं। इन प्रस्तावों पर अंतिम स्थिति कैबिनेट के निर्णय के बाद ही सामने आएगी।


