शाजापुर में बलराम कृषि महोत्सव, CM मोहन यादव ने किसानों से किया संवाद, बोले- प्राकृतिक खेती और तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि शाजापुर जिले की पहचान प्याज, आलू और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए है। इसके साथ ही जिला कृषि आधारित उद्योगों और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है।
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बिहार के बोधगया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शाजापुर में आयोजित ‘भगवान बलराम कृषि महोत्सव’ में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर खेती को लाभकारी बनाने, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिंचाई, बिजली, सौर ऊर्जा, भंडारण और खाद्य प्रसंस्करण जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शाजापुर जिले की पहचान प्याज, आलू और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए है। इसके साथ ही जिला कृषि आधारित उद्योगों और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। प्रस्तावित सड़क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से जिले के विकास को गति मिलेगी। इससे किसानों और व्यापारियों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी।
प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रहे कृषक कल्याण वर्ष के तहत खेती को अधिक लाभकारी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने, सोलर पंप लगाने और सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए शाजापुर जिले में किसानों का चयन किया जा रहा है। साथ ही कृषि सखियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि किसानों तक नई तकनीकों और खेती के बेहतर तरीकों की जानकारी पहुंच सके।
उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, फूलों की खेती और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री के मुताबिक, खेती के साथ आय के दूसरे साधन विकसित करने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
आलू-प्याज की प्रोसेसिंग और फूड पार्क की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आलू और प्याज के भंडारण, प्रोसेसिंग और फूड पार्क की स्थापना को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने और बेहतर कीमत हासिल करने में मदद मिल सकती है। कृषि उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भंडारण की व्यवस्था को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकता है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सांची दुग्ध संघ को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गौशालाओं के संचालन के लिए हर गौमाता के लिए प्रतिदिन सहायता दी जा रही है। पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताएं और पुरस्कार योजनाएं भी संचालित की जाएंगी।
सड़क निर्माण पर चार गुना मुआवजा, गांवों तक बस सेवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सड़कों के निर्माण के लिए किसानों को चार गुना मुआवजा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम सहायता बस योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बस सेवा पहुंचाने की बात कही।
उन्होंने ग्रामीण परिवारों के आवासों की नि:शुल्क रजिस्ट्री की सुविधा और किसानों को सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
MSP पर बोनस और भावांतर योजना का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार फैसले ले रही है। गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बोनस समेत खरीदी और भावांतर योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और उनकी आय बढ़ाना है।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि किसान देश की समृद्धि का आधार हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिए किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिलने की बात कही। शाजापुर विधायक अरुण भीमावद ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों को उन्नत खेती और नई तकनीकों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
