भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया, रॉयल्टी नहीं मांगी’, जानिए मोदी के भाषण की 8 बड़ी बातें
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में PM मोदी ने भारत की वैश्विक भूमिका, सस्ती दवाओं, वैक्सीन सप्लाई, AI, आर्थिक विकास और नागरिकों को सशक्त बनाने पर जोर दिया।

PM Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भारत की आर्थिक प्रगति, तकनीकी क्षमता और वैश्विक भूमिका पर बात की। अपने संबोधन में उन्होंने सस्ती दवाओं, कोरोना वैक्सीन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल कनेक्टिविटी, गरीबी में कमी और लोकतंत्र जैसे मुद्दों का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि भारत की ताकत का उद्देश्य केवल अपना विकास करना नहीं, बल्कि दूसरे देशों और लोगों के लिए भी नए अवसर तैयार करना है। नई दिल्ली में आयोजित इस फोरम का विषय “A World in Play: Defining the New Levers of Power” है। भारत पहली बार इस वैश्विक मंच की मेजबानी कर रहा है। कार्यक्रम में वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक, निवेश और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों पर चर्चा हो रही है।
Speech के दौरान PM मोदी की 8 बड़ी बातें
1. भारत ने दुनिया को सस्ती दवाएं और टैलेंट दिया
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने दुनिया को सस्ती दवाएं और प्रतिभाशाली लोग दिए हैं। उन्होंने भारत की क्षमताओं और वैश्विक योगदान पर जोर दिया। पीएम ने संबोधन में संदेश देते हुए कहा कि भारत की उपलब्धियों का लाभ दूसरे देशों और लोगों तक भी पहुंचना चाहिए।
2. कोरोना में 100 से ज्यादा देशों तक पहुंचाई वैक्सीन
प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान भारत की वैक्सीन सप्लाई का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत ने 100 से अधिक देशों तक वैक्सीन पहुंचाई। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने संकट के समय अंतरराष्ट्रीय सहयोग और दूसरे देशों की मदद करने की भूमिका को रेखांकित किया।
3. ताकत का मकसद लोगों को सशक्त बनाना
मोदी ने कहा कि शक्ति और शासन का उद्देश्य लोगों को सशक्त बनाना होना चाहिए। इसका मतलब है कि नागरिकों को शिक्षा, तकनीक और रोजगार के अवसर मिलें, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें। उन्होंने विकास को लोगों की भागीदारी और अवसरों से जोड़कर पेश किया।
4. AI और टेक्नोलॉजी बदल रहे वैश्विक समीकरण
पीएम PM ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऊर्जा, खनिज संसाधनों और तकनीक को बदलती दुनिया के अहम क्षेत्र बताया। इन क्षेत्रों में क्षमता और संसाधनों की उपलब्धता आने वाले समय में देशों की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
5. वैश्विक सप्लाई चेन में भरोसेमंद साझेदार जरूरी
प्रधानमंत्री ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भरोसेमंद साझेदारों की जरूरत पर जोर दिया। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत सप्लाई चेन जरूरी है, क्योंकि उत्पादन और आपूर्ति के लिए कई देश एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं। सहयोग और भरोसे के जरिए सप्लाई चेन से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।
6. 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा
PM मोदी ने पिछले एक दशक में करीब 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने की बात कही। उन्होंने इस आंकड़े को भारत में हुए सामाजिक और आर्थिक बदलावों के संदर्भ में पेश किया।
7. GDP ग्रोथ और डिजिटल इंडिया का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक वृद्धि और विदेशी मुद्रा भंडार का उल्लेख किया। उन्होंने 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ और 700 अरब डॉलर से अधिक के विदेशी मुद्रा भंडार की बात कही। मोदी ने डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि सस्ते मोबाइल डेटा से लोगों की ऑनलाइन पढ़ाई, जानकारी और रोजगार के अवसरों तक पहुंच बढ़ी है।
8. भारत को बताया ‘लोकतंत्र की जननी’
पीएम मोदी ने भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ बताते हुए नागरिकों को सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य लोगों को व्यवस्था पर निर्भर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर देना होना चाहिए।
15 अक्टूबर तक चलेगा ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम
बता दें, ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का आयोजन 13 से 15 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस मंच पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीकी बदलाव, निवेश, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।




