'राहुल गांधी और CJP अराजक गुट, सरकार सख्ती से निपटेगी', नितिन नवीन बोले- विदेशी ताकतों के साथ देश को अस्थिर करने की कोशिश
बीजेपी अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि सरकार देश में तनाव पैदा करने की कोशिशों से सख्ती से निपटेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि देश के नागरिक ऐसी गतिविधियों का विरोध करेंगे।
Nitin Naveen On Rahul Gandhi: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार, 10 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल राजनीतिक फायदे के लिए देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। नवीन ने यह भी दावा किया कि इन गतिविधियों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है। उनके बयान ऐसे समय आए हैं, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
राहुल गांधी और केजरीवाल पर साधा निशाना
नितिन नवीन ने विपक्षी दलों को दो समूहों में बांटते हुए कहा कि एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व वाला INDIA गठबंधन है और दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल के सहयोगियों से जुड़ी CJP है। उनके मुताबिक, दोनों समूह देश में ज्यादा अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावों में हार के बाद विपक्षी दल जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय सरकार और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोग विपक्ष की राजनीति और उसके बयानों को देख रहे हैं। नवीन ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश को अस्थिर करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के युवा लोकतंत्र और संविधान के प्रति प्रतिबद्ध हैं और देश की व्यवस्था को चुनौती देने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे।
विदेशी ताकतों को लेकर क्या बोले BJP अध्यक्ष?
नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल विदेशी ताकतों के इशारे पर भारत की प्रगति को रोकने और देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक संकटों के बावजूद आगे बढ़ रहा है और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम जारी है।
बीजेपी अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि सरकार देश में तनाव पैदा करने की कोशिशों से सख्ती से निपटेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि देश के नागरिक ऐसी गतिविधियों का विरोध करेंगे। हालांकि, विदेशी ताकतों के साथ विपक्ष के कथित संबंधों को लेकर उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया।
CEC के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर विवाद
यह राजनीतिक बयान ऐसे दिन आया, जब दिल्ली में CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का कार्यक्रम था। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया का भी विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने पहले ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस के अनुसार, आयोजकों ने बहुत कम समय पहले प्रदर्शन की सूचना दी थी। 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के लिए आगे बढ़ रहे कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आईं।
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। वहीं, बीजेपी इसे राजनीतिक अभियान बताते हुए विपक्ष पर निशाना साध रही है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
SIR पर राजनीतिक टकराव बढ़ा
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची की विशेष जांच करके उसे अपडेट करना है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने कथित गड़बड़ियों और मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका जताई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
बीजेपी का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाकर विपक्ष जनता के बीच भ्रम फैलाता है। दूसरी ओर, विपक्ष का रुख है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। फिलहाल, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर विवाद राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। नितिन नवीन के ताजा बयान से बीजेपी और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के संकेत हैं।


