अमेरिका में पहली बार मौत की सजा टीवी पर लाइव, 13 लोगों के हत्यारे को मिलेगी सजा
अमेरिका में फोर्ट हुड मिलिट्री बेस शूटर निदाल मलिक हासन को गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी। सजा देने की प्रक्रिया लाइवस्ट्रीम की जाएगी।
Nidal Hasan Death Penalty: अमेरिका में वह होने जा रहा है जो आधुनिक इतिहास में कभी नहीं हुआ. 2009 में फोर्ट हुड में हुई गोलीबारी में 13 सैनिकों की जान लेने वाले दोषी आर्मी अफसर निदाल हसन को दुनिया के सामने 3 दिसंबर को मौत की सजा दी जाएगा, उसे टीवी पर दिखाया जाएगा. यह तरीका अमेरिका में लगभग एक सदी पहले बंद हो गया था और अब यह ईरान, नॉर्थ कोरिया और अफगानिस्तान में तालिबान सरकार जैसे कुछ ही देशों में अपनाया जाता है.
13 लोगों की हत्या का दोषी है हासन
हसन अमेरिकी सेना में मेजर और साइकियाट्रिस्ट था। 5 नवंबर 2009 को वह बेस की एक मेडिकल बिल्डिंग में पहुंचा, जहां सैनिक तैनाती से पहले मेडिकल जांच और टीकाकरण के लिए लाइन में खड़े थे। हासन ने वहां गोलीबारी की थी। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 32 लोग घायल हुए थे। जवाबी एक्शन में पुलिस ने हासन को गोली मारी थी, जिसके बाद से वह कमर के नीचे के हिस्से में लकवाग्रस्त है और व्हीलचेयर का इस्तेमाल करता है।
हसन को हमले पर कोई पछतावा नहीं
हसन ने हमले पर कोई पछतावा नहीं जताया। सैन्य मानसिक स्वास्थ्य पैनल के सामने उसने कहा कि वह चाहता था कि हमले में उसकी भी मौत हो जाती, ताकि वह शहीद बन सके। उसका यह तक कहा कि मौत की सजा मिलने पर भी वह खुद को शहीद मानेगा।
अमेरिकी रक्षा मंत्री क्या बोले ?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि इस सजा का लाइव टेलिकास्ट किया जाएगा, ताकि आम लोग इसे देख सकें। हसन को 3 दिसम्बर को उसी टेक्सास मिलिट्री बेस बेस पर मौत की सजा दी जाएगी, जहां उन्होंने हमला किया था। BBC के मुताबिक, 100 साल में यह अमेरिका में पहली सार्वजनिक तौर पर दी गई मौत की सजा होगी।
अदालत में अपील करने से सजा अब भी टल सकती है
अमेरिकी सैन्य कानून के तहत किसी कैदी को मौत की सजा देने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी है। इसके बाद भी कानूनी अपील के चलते सजा रुक सकती है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने 2 अक्टूबर को हसन को गोली मारकर मौत की सजा देने की मंजूरी दी थी। हालांकि, हसन के पास दोषी ठहराए जाने और सजा के खिलाफ अपील करने का विकल्प है। इससे सजा पर रोक लग सकती है।



