नरोत्तम मिश्रा ने फिर की BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात, सियासी पंडितों के बीच अटकलों का बाजार गर्म!
फिलहाल मुलाकात के उद्देश्य को लेकर दोनों नेताओं की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सियासी पंडितों का कहना है कि राजनीति में कुछ भी यूं नहीं होता है। पूर्व मंत्री का बार-बार प्रदेश अध्यक्ष से मिलने के पीछे कोई बड़े संकेत हो सकते हैं।
Narottam Mishra Meets Hemant Khandelwal: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मुलाकातों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एक बार फिर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मुलाकात के मायने तलाश रहे राजनीतिक जानकार
प्रदेश में भाजपा संगठन और राजनीति से जुड़े घटनाक्रमों के बीच इस मुलाकात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसके पीछे कोई खास राजनीतिक वजह है या यह पार्टी के भीतर सामान्य संवाद का हिस्सा है। फिलहाल मुलाकात के उद्देश्य को लेकर दोनों नेताओं की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सियासी पंडितों का कहना है कि राजनीति में कुछ भी यूं नहीं होता है। पूर्व मंत्री का बार-बार प्रदेश अध्यक्ष से मिलने के पीछे कोई बड़े संकेत हो सकते हैं। दतिया उप चुनाव में नरोत्तम मिश्र का टिकट भले ही कट गया हो। लेकिन मिश्रा सूबे की सियासत के पुराने खिलाड़ी हैं, इसलिए बड़े से बड़े सियासी जानकार उन्हें चुका हुआ नहीं मानता है। जिसके कारण अटकलों का बाजार गर्म है।
प्रदेश में गृहमंत्री का पद संभाल चुके हैं
नरोत्तम मिश्रा मध्यप्रदेश की राजनीति में भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। वे राज्य सरकार में गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वहीं, हेमंत खंडेलवाल प्रदेश भाजपा संगठन की कमान संभाल रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बार-बार हो रही मुलाकातों को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
आगे के सियासी घटनाक्रम पर नजर
नरोत्तम मिश्रा और हेमंत खंडेलवाल की इस मुलाकात के बाद अब सबकी नजर आगे होने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर है। क्या दोनों नेताओं की बातचीत का कोई संगठनात्मक पहलू है या यह सामान्य राजनीतिक संवाद था, इसकी तस्वीर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही साफ होगी। फिलहाल, इस मुलाकात ने मध्य प्रदेश भाजपा की राजनीति में चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।

