हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के बंगले के पास लूट की कोशिश, जबलपुर के सिविल लाइंस में युवक को चाकू दिखाकर रोका
घटना के बाद वैभव किसी तरह सिविल लाइन थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। मामला चीफ जस्टिस के बंगले के पास का होने के कारण सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में देर रात लूट की कोशिश का मामला सामने आया है। शहर में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के बंगले से चंद कदमों की दूरी पर पांच युवकों ने एक युवक को रोककर लूटने की कोशिश की। आरोपियों ने युवक के साथ धक्का-मुक्की की और चाकू निकाल लिया। युवक ने जब विरोध किया तो बदमाश उसकी ओर बढ़ने लगे। अपनी जान बचाने के लिए युवक को वहां से भागना पड़ा। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश शुरू कर दी है।
देर रात घर लौट रहा था युवक
जानकारी के मुताबिक रांझी निवासी वैभव दुबे एक निजी कंपनी में काम करते हैं। 12 अक्टूबर की रात वह अपनी एक्टिवा से घर लौट रहे थे। रात करीब 1 बजकर 52 मिनट पर जब वह सिविल लाइन चौराहे के पास पहुंचे, तभी दो एक्टिवा पर सवार पांच युवकों ने उन्हें रोक लिया।
आरोपियों ने वैभव को घेर लिया। इसके बाद उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और चाकू निकालकर डराने की कोशिश की गई। अचानक हुए इस हमले से वैभव मुश्किल में पड़ गए। उन्होंने बदमाशों का सामना करने और उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों के चाकू लेकर उनकी तरफ बढ़ने पर उन्हें अपनी जान बचाने के लिए वहां से निकलना पड़ा।
पुलिस थाने पहुंचकर दी शिकायत
घटना के बाद वैभव किसी तरह सिविल लाइन थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। मामला चीफ जस्टिस के बंगले के पास का होने के कारण सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने या आरोपियों के कुछ सामान लेकर भागने की पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार वारदात के समय आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपियों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। पुलिस इन फुटेज की जांच कर रही है, ताकि पांचों युवकों की पहचान की जा सके।
एक आरोपी की पहचान करने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को पांच आरोपियों में से एक ऐसे युवक की पहचान करने में सफलता मिली है, जिसने चेहरे पर मास्क लगा रखा था। बाकी आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सिविल लाइन थाना प्रभारी शशि धुर्वे के अनुसार, आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल मामले में जांच जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के पीछे की वजह को लेकर आगे की जानकारी सामने आने का इंतजार है।
सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी
इस घटना ने एक बार फिर रात के समय शहर की सड़कों पर लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खास तौर पर ऐसे इलाके में वारदात की कोशिश, जहां महत्वपूर्ण सरकारी और न्यायिक अधिकारियों के आवास हैं, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।


