धार के आदिवासी अंचल को मिली रेल सौगात, PM मोदी ने किया रेलखंड का लोकार्पण; पहली बार दौड़ेगी ट्रेन
टांडा रोड स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री और धार सांसद सावित्री ठाकुर ने मेमू ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन के संचालन के साथ ही क्षेत्र में लोगों में उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक मौके के गवाह बने।
MP News: मध्य प्रदेश के धार जिले के लिए 8 सितंबर 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया। आजादी के बाद पहली बार जिले के इस हिस्से में नियमित यात्री रेल सेवा शुरू हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा से छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के तहत जोबट-टांडा रोड नए रेलखंड का लोकार्पण किया। इसके साथ ही टांडा रोड से वडोदरा के प्रतापनगर स्टेशन तक मेमू यात्री ट्रेन सेवा भी शुरू हो गई। अब धार जिला गुजरात से सीधे जुड़ेगा।
दशकों का इंतजार खत्म, केंद्रीय मंत्री ने मेमू ट्रेन रवाना की
धार जिले के आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से रेल सुविधा की मांग की जा रही थी। नई रेल सेवा शुरू होने से अब टांडा रोड और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को गुजरात की ओर आने-जाने के लिए एक नया और सुविधाजनक विकल्प मिल गया है।
टांडा रोड स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री और धार सांसद सावित्री ठाकुर ने मेमू ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन के संचालन के साथ ही क्षेत्र में लोगों में उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक मौके के गवाह बने।
28 किलोमीटर के नए रेलखंड का लोकार्पण
छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के तहत जोबट से टांडा रोड के बीच करीब 28 किलोमीटर लंबा रेलखंड तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी हिस्से को राष्ट्र को समर्पित किया। यह परियोजना मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।
फिलहाल टांडा रोड से शुरू हुई यात्री सेवा क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार ट्रेन सुबह वडोदरा के प्रतापनगर स्टेशन से चलकर टांडा रोड पहुंचेगी और शाम को वापस वडोदरा के लिए रवाना होगी। इससे रोजमर्रा के यात्रियों के साथ विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और कारोबारियों को फायदा मिलेगा।
गुजरात से सीधा संपर्क मजबूत
इस रेल सेवा का सबसे बड़ा असर मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों और गुजरात के बीच संपर्क पर पड़ेगा। अब टांडा रोड, जोबट और अलीराजपुर क्षेत्र के लोगों के लिए वडोदरा की यात्रा काफी आसान होगी।
रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ने से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए परिवहन आसान होने के साथ क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
रेल सुविधा का लाभ केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहने वाला है। बेहतर कनेक्टिविटी से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं के लिए भी यात्रा आसान होगी।
इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, पर्यटन और स्थानीय कारोबार के विस्तार में भी रेल सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि रेलवे के विस्तार के साथ यहां नई आर्थिक गतिविधियां विकसित होंगी।
अभी सिर्फ शुरुआत, लक्ष्य बड़ा
छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना का अंतिम लक्ष्य इससे कहीं बड़ा है। टांडा रोड से आगे धार की दिशा में रेल लाइन का काम अभी पूरा होना बाकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार टांडा रोड से तिरला-धार तक लगभग 46 किलोमीटर रेल लाइन का काम शेष है। पूरी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3,900 करोड़ रुपये बताई गई है।
ऐसे में जोबट-टांडा रोड रेलखंड की शुरुआत को पूरी परियोजना की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। यदि आगे का काम भी समय पर पूरा होता है तो धार और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
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