PPE किट पहनकर ज्वेलरी शॉप में घुसे चोर, लाखों के जेवर लेकर फरार; पड़ोसियों ने ताला टूटने की खबर दी
तीनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए PPE किट पहन रखी थी। उन्होंने चेहरे भी कपड़े से ढक रखे थे और अंधेरे में देखने के लिए टॉर्च का इस्तेमाल किया।
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MP News: मध्य प्रदेश के रतलाम में चोरी की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसमें आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए PPE किट का इस्तेमाल किया। तीन चोर शहर के चौमुखीपुल इलाके में स्थित भंडारी ज्वेलर्स में घुसे और दो लाख रुपये से अधिक कीमत के आर्टिफिशियल गहने और करीब 20 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। बुधवार सुबह दुकान का ताला टूटा मिलने के बाद घटना का पता चला। पुलिस अब दुकान में लगे CCTV कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
आधी रात PPE किट पहनकर पहुंचे आरोपी
जानकारी के मुताबिक चोरी की यह वारदात मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात हुई। दुकान संचालक रजत भंडारी मंगलवार रात करीब 9 बजे दुकान बंद करके घर चले गए थे। इसके बाद देर रात तीन चोर वहां पहुंचे। CCTV फुटेज के अनुसार, आरोपी बुधवार तड़के करीब 3:50 बजे दुकान के अंदर दिखाई दिए।
तीनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए PPE किट पहन रखी थी। उन्होंने चेहरे भी कपड़े से ढक रखे थे और अंधेरे में देखने के लिए टॉर्च का इस्तेमाल किया। आरोपियों ने दुकान का ताला तोड़ा और अंदर रखे आभूषणों के बॉक्स खंगालने लगे। इसके बाद गहने और नकदी लेकर वहां से निकल गए।
सुबह पड़ोसी दुकानदार ने दी सूचना
बुधवार सुबह दुकान के पास कारोबार करने वाले दिनेश सुराना ने रजत भंडारी को फोन किया। उन्होंने बताया कि दुकान का ताला टूटा हुआ है। सूचना मिलने पर रजत दुकान पहुंचे तो अंदर सामान बिखरा पड़ा था।
जांच करने पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी के तीन-चार बॉक्स खाली मिले। दुकान से व्हाइट मेटल की पायल, कंदोरे, कड़ियां और अन्य आर्टिफिशियल आभूषण चोरी हुए हैं। दुकानदार के अनुसार, चोरी गए गहनों की कीमत दो लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा गल्ले में रखे करीब 20 हजार रुपये भी गायब मिले। इस तरह चोर गहनों के साथ नकदी भी ले गए। सुबह बाजार खुलने के समय घटना सामने आने से इलाके के व्यापारियों में चिंता बढ़ गई।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की जांच
चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रों, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया और माणकचौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान ने दुकान का निरीक्षण किया। पुलिस ने दुकान के अंदर और ऊपरी मंजिल पर जाकर भी स्थिति देखी। अधिकारियों के मुताबिक CCTV फुटेज में तीन संदिग्ध दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इन फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
PPE किट के कारण पहचान में मुश्किल
इस वारदात में PPE किट पहनकर पहुंचना जांच का अहम पहलू है। आमतौर पर PPE किट का इस्तेमाल संक्रमण और दूसरे जोखिमों से बचाव के लिए किया जाता है, लेकिन इस घटना में आरोपियों ने इसका इस्तेमाल अपनी पहचान छिपाने के लिए किया। चेहरे ढके होने से संदिग्धों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन सकता है।
अब जांच में CCTV फुटेज के साथ दूसरे उपलब्ध सुरागों की मदद ली जा रही है। पुलिस की कोशिश है कि आरोपियों की पहचान कर चोरी गए गहनों और नकदी का पता लगाया जाए।
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