MP में वायरल फीवर का प्रकोप, सर्दी-खांसी के हर दिन 3 हजार मरीज; एंटीबायोटिक का पड़ सकता है बुरा प्रभाव
दर्द और बुखार में इस्तेमाल होने वाली कुछ पेनकिलर दवाएं, खासकर NSAIDs, गलत मात्रा में या लंबे समय तक लेने पर किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उन्हें इन दवाओं के इस्तेमाल में विशेष सावधानी की जरूरत होती है।
MP News: मध्य प्रदेश में इन दिनों वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीज अस्पतालों की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग इन लक्षणों से परेशान हैं। ऐसे में जल्दी राहत पाने के लिए कुछ लोग डॉक्टर की सलाह लेने के बजाय खुद ही पेनकिलर और एंटीबायोटिक लेने लगे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, यह आदत सेहत पर भारी पड़ सकती है।
भोपाल में वायरल बुखार के हर रोज 600 मरीज पहुंच रहे
उपलब्ध स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में जेपी अस्पताल, हमीदिया अस्पताल, जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में रोज करीब 600 मरीज सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इंदौर और जबलपुर में लगभग 500-500, ग्वालियर में 200 और उज्जैन में करीब 150 मरीज रोज सामने आ रहे हैं। अन्य शहरों को मिलाकर प्रदेश में अनुमानित रोजाना करीब 3 हजार मरीज पहुंचने का अनुमान है।
आधे मरीज पहले ही ले चुके होते हैं दवा
एमबीबीएस, एमडी और एफआईसीडी डॉ. समन ताहिर के मुताबिक, उनके पास इलाज के लिए आने वाले करीब 50 प्रतिशत मरीज डॉक्टर से मिलने से पहले ही खुद दवा ले चुके होते हैं। कई बार दवा से कुछ समय के लिए राहत मिल जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बीमारी ठीक हो गई है।
डॉ. ताहिर ने अपने क्लिनिकल अनुभव के आधार पर बताया कि उनके पास आने वाले ऐसे मरीजों में करीब 60 से 70 प्रतिशत में किसी न किसी तरह की दवा से जुड़ी परेशानी या जटिलता देखने को मिली है।
पेनकिलर से किडनी को नुकसान का खतरा
दर्द और बुखार में इस्तेमाल होने वाली कुछ पेनकिलर दवाएं, खासकर NSAIDs, गलत मात्रा में या लंबे समय तक लेने पर किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उन्हें इन दवाओं के इस्तेमाल में विशेष सावधानी की जरूरत होती है।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने 21 सितंबर 2026 को जारी सर्कुलर में पेनकिलर और एंटीबायोटिक के बिना जरूरत इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी थी। संगठन ने कहा कि इन दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर, सही मात्रा और तय अवधि तक ही किया जाना चाहिए।
वायरल बुखार में एंटीबायोटिक खुद से न लें
वायरल संक्रमण और बैक्टीरियल संक्रमण अलग-अलग होते हैं। एंटीबायोटिक बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण के इलाज में काम आती हैं, लेकिन सामान्य वायरल संक्रमण में इनका फायदा नहीं होता। बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने से बैक्टीरिया पर दवाओं का असर कम होने की समस्या यानी एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस बढ़ सकती है। इससे भविष्य में संक्रमण का इलाज मुश्किल हो सकता है।
दवा की मात्रा और अवधि भी जरूरी
हर मरीज के लिए एक ही दवा और उसकी एक ही मात्रा सही नहीं होती। उम्र, पहले से मौजूद बीमारियां, दूसरी दवाओं का इस्तेमाल और किडनी की स्थिति को ध्यान में रखकर इलाज तय किया जाता है। इसलिए पुरानी पर्ची देखकर दवा लेना या किसी दूसरे व्यक्ति की दवा इस्तेमाल करना ठीक नहीं है।
अगर बुखार या दूसरे लक्षण बने रहते हैं, बढ़ते हैं या हालत बिगड़ती है, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खुद से एंटीबायोटिक शुरू करने या पेनकिलर बार-बार लेने के बजाय सही जांच और सलाह के आधार पर इलाज कराना ही सुरक्षित तरीका है।
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