सिंहस्थ-2028 निर्माण कार्यों की CM मोहन यादव ने की समीक्षा, बोले- आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं में कोई कमी नहीं हो
मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ मेला कार्यालय, कलेक्ट्रेट और सिंहस्थ सेल में जरूरी अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती इसी सप्ताह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
MP News: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन में निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी काम तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। जिन निर्माण कार्यों की स्वीकृति अभी लंबित है, उनकी मंजूरी नवंबर तक अनिवार्य रूप से लेने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ मेला कार्यालय, कलेक्ट्रेट और सिंहस्थ सेल में जरूरी अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती इसी सप्ताह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
20 हजार करोड़ की लागत के निर्माण काम
बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ से जुड़े करीब 20 हजार करोड़ रुपये की लागत के 175 निर्माण कार्य चल रहे हैं। तय योजना के अनुसार, दिसंबर 2026 तक 51 काम, जनवरी से मार्च 2027 तक 36, अप्रैल से जून 2027 तक 61 और जुलाई से अक्टूबर 2027 तक 23 काम पूरे करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होते ही उन्हें आम लोगों के उपयोग के लिए खोल दिया जाए।
श्रद्धालुओं के ठहरने और यातायात की व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए आवागमन, पार्किंग, ठहरने और दूसरी जरूरी सुविधाओं की योजना तैयार करने को कहा। घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों के विकास और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग पर डोम बनाने के काम पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आसपास के स्कूलों और कॉलेजों को चिन्हित किया जाएगा। वहां शौचालय, पेयजल और दूसरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जाएगी। घट्टिया, तराना और आसपास के क्षेत्रों में टेंट सिटी तथा होल्डिंग एरिया बनाने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। किसानों और सामाजिक संस्थाओं को टेंट सिटी विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ होम-स्टे की सुविधाएं बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। बिजली व्यवस्था बेहतर रखने के लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अलग सिंहस्थ डिवीजन बनाने के निर्देश दिए गए।
सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों को मिलेगी जगह
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान स्थानीय व्यापारियों के रोजगार और व्यवसाय का ध्यान रखा जाए। जिन दुकानदारों की दुकानें प्रभावित होंगी, उनके पुनर्वास के लिए वैकल्पिक बाजार विकसित करने की योजना बनाई जाए। बर्तन बाजार और सोना-चांदी के व्यापारियों के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। नजर अली मिल और कवेलू कारखाना क्षेत्र या आसपास की उपयुक्त जगहों पर विक्रम क्लॉथ मार्केट की तर्ज पर नया बाजार बनाने की संभावनाएं तलाशने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि सिंहस्थ की तैयारियों में देरी नहीं होनी चाहिए और विकास कार्यों से नागरिकों को कम से कम परेशानी होनी चाहिए।

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