MP में मानसून की विदाई के बाद फिर गिरा पानी, अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट; ग्वालियर-चंबल में दिखेगा ज्यादा असर
इससे पहले गुरुवार को नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और शिवपुरी में हल्की बारिश, बादल और आंधी वाला मौसम रहा।
MP News: मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) सक्रिय है। इस वजह से अगले 4 दिन तक ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग में मौसम बदला रहेगा। शुक्रवार को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में आंधी-बारिश का अलर्ट है।
IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, 15 अक्टूबर को अधिकृत रूप से पूरे देश से मानसून लौट गया है, लेकिन अभी भी कई सिस्टम एक्टिव है। जिसकी वजह से बारिश का दौर है। एमपी से एक ट्रफ गुजर रही है। वहीं, उत्तरी हिस्से में दो सिस्टम एक्टिव है। इनकी वजह से प्रदेश में मौसम बदलने का अनुमान है।
5 जिलों में बदला रहेगा मौसम
शुक्रवार को पांच जिलों में मौसम बदला रहेगा। वहीं, 17 अक्टूबर को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बारिश होने का अनुमान है। 18 और 19 अक्टूबर को भी यहां पर बारिश हो सकती है।
इससे पहले गुरुवार को नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और शिवपुरी में हल्की बारिश, बादल और आंधी वाला मौसम रहा।
अमरकंटक में पारा 15.8 डिग्री पहुंचा
मौसम विभाग के अनुसार, 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इससे पहले कई शहरों में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से नीचे चल रहा है।
अनूपपुर का अमरकंटक सबसे ठंडा है। बीती रात यहां न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री, शाजापुर में 17.4 डिग्री, भोपाल में 17.6 डिग्री, इंदौर और बालाघाट के मलाजखंड में 17.8 डिग्री, रायसेन और छिंदवाड़ा में 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
प्रदेश से लौट चुका मानसून, लेकिन बारिश जारी
प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर फिर से शुरू हुआ। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का असर देखा गया। हालांकि, रविवार और सोमवार को भी कहीं आंधी-बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले 10 साल के आंकड़ों देखें तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा।
इस साल सामान्य से कम हुई बारिश
दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।
प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।
इन 25 जिलों में बारिश का कोटा फुल
भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।
वहीं 30 जिलों में कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।
