दिल्ली में एशियन गेम्स मेडलिस्ट से मिले PM मोदी, बोले- जब जुनून जीत में बदलता है तो मेडल की चमक भी लाता है
खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने प्रधानमंत्री को अपनी जर्सी भेंट की। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की मेहनत और खेल भावना को देश के लिए गर्व का विषय बताया।
PM Modi Meets Asian Games Medalist: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की। गुरुवार, 15 अक्टूबर को दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों, कोच और सहयोगी स्टाफ के साथ बातचीत की। इस दौरान भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने उन्हें अपनी जर्सी भेंट की। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की मेहनत और खेल भावना को देश के लिए गर्व का विषय बताया।
'आप सभी की उपलब्धियों ने देश को अपार खुशी दी'
मोदी ने इससे पहले एशियन गेम्स के समापन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारतीय दल को बधाई देते हुए कहा था कि खिलाड़ियों ने दृढ़ संकल्प, जुनून और शानदार खेल भावना के साथ देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियों ने देश को अपार खुशी दी है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई थी कि इन खेलों से आने वाले वर्षों में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी और जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
'जुनून जब जीत में बदलता है तो मेडल आता है'
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, 'आप सभी के बीच आना मुझे भी ऊर्जा से भर देता है। इतने सारे पदकवीर से मिलना कोई मामूली बात नही है। ये एक सुखद एहसास है. जब जुनून जीत में बदलता है तो यह चेहरे के साथ-साथ मेडल की चमक भी लाता है। आपने 140 करोड़वासियों को गौरव का मौका दिया है। सबसे बड़ी सफलता तिरंगे की शान बढ़ाना है। आपने तिरंगे की शान बढ़ाई है, तिरंगे का मान बढ़ाया है। यह सफलता सिर्फ आपकी नहीं, देश के करोड़ों-करोड़ों नागरिकों की सफलता है।'
85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत
जापान के आइची-नागोया में हुए एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल 85 पदक जीते। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। देश ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में शीर्ष पांच देशों में जगह बनाई।
इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐसे प्रदर्शन किए, जिन्होंने खेल जगत का ध्यान खींचा। तीरंदाजी, मुक्केबाजी, कुश्ती, निशानेबाजी और हॉकी में भारत को अहम सफलता मिली। कुछ खेलों में लंबे समय बाद पदक हासिल हुए, जबकि सॉफ्ट टेनिस और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत ने पहली बार पदक जीते।
पुरुष और महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर देश को बड़ी सफलता दिलाई। पुरुष टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। इस जीत के साथ टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीता। महिला टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
दोनों टीमों की इस उपलब्धि ने भारतीय हॉकी को नई मजबूती दी है। पुरुष टीम की जीत ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी पक्का किया। हॉकी टीमों की ओर से प्रधानमंत्री को जर्सी भेंट करना इस मुलाकात का खास पल रहा।
कई खेलों में मिली ऐतिहासिक सफलता
एशियन गेम्स में भारत को महिला ट्रैप निशानेबाजी में पहली बार स्वर्ण पदक मिला। भारोत्तोलन में 28 साल बाद रजत पदक हासिल हुआ। ग्रीको-रोमन कुश्ती में भी भारत ने 64 साल बाद फाइनल में जगह बनाकर रजत पदक जीता। तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं। वहीं मुक्केबाजी और कुश्ती में भी खिलाड़ियों ने देश के लिए स्वर्ण पदक जीते।
खेलों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर
प्रधानमंत्री की ओर से खिलाड़ियों को दिया गया संदेश केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं था। उन्होंने खेलों को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की उम्मीद भी जताई थी। इसका मतलब है कि बच्चों और युवाओं को शुरुआती स्तर से बेहतर प्रशिक्षण, खेल सुविधाएं और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
भारत के 85 पदक इस बात का संकेत हैं कि अलग-अलग खेलों में देश की मौजूदगी बढ़ रही है। अब चुनौती इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाने और ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों में भी बेहतर प्रदर्शन करने की है।

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