बारिश बिगाड़ सकती है दशहरा का रंग! MP में आंधी का अलर्ट; जानिए आज किन शहरों में गिरेगा पानी
महू में गरबा और दुर्गा पंडालों में पानी भर गया। बारिश से वहां रखे रावण के पुतले भी भीग गए। गुना और खंडवा में भी शाम के समय बारिश दर्ज की गई।
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में दशहरे के उत्साह के बीच मौसम लोगों की चिंता बढ़ा सकता है। प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन कई जिलों में अब भी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने सोमवार, 19 अक्टूबर को भोपाल समेत 15 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। वहीं, मंगलवार 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन इंदौर और उज्जैन समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के 14 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है। ऐसे में खुले मैदानों में होने वाले रावण दहन और दूसरे कार्यक्रमों की तैयारियों पर मौसम का असर पड़ सकता है।
आज 15 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, सोमवार को भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह में बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की भी आशंका है।
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रविवार को भी कई इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। सीहोर में बारिश और हवा के कारण माता के पंडालों के टेंट उड़ने की खबर सामने आई, जबकि महू में गरबा और दुर्गा पंडालों में पानी भर गया। बारिश से वहां रखे रावण के पुतले भी भीग गए। गुना और खंडवा में भी शाम के समय बारिश दर्ज की गई।
दशहरे के दिन इन 14 जिलों में अलर्ट
मंगलवार, 20 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में तेज हवा चलने और बिजली चमकने की आशंका भी जताई गई है।
दशहरे पर कई जगह रावण दहन के कार्यक्रम खुले मैदानों में आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में बारिश होने पर पुतलों, मंच और बैठने की व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है। आयोजकों को मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए तैयारियां करने की जरूरत होगी। हालांकि, बारिश से किसी कार्यक्रम के रद्द होने की पुष्टि नहीं हुई है।
मानसून लौटने के बाद भी क्यों हो रही बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को विदा हो गया था। इसके बावजूद प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी हैं। इसकी वजह पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसपास सक्रिय मौसम प्रणालियां हैं। ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण वातावरण में नमी बनी हुई है, जिससे बादल बन रहे हैं और कई जगह बारिश हो रही है।
मौसम का यह बदलाव अक्टूबर के दौरान तापमान में होने वाले उतार-चढ़ाव से भी जुड़ा है। दिन में धूप और गर्मी के बाद शाम या रात में बादल छाने और बारिश होने की स्थिति बन रही है।
21 और 22 अक्टूबर को भी बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 21 और 22 अक्टूबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। दूसरी ओर, पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में स्थिति बदल सकती है।
बारिश के इस दौर से कुछ क्षेत्रों में गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन दशहरे के कार्यक्रमों के लिए मौसम चुनौती बन सकता है। लोगों को खुले मैदानों में जाने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। आंधी और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और अस्थायी टेंट के नीचे खड़े होने से बचना भी जरूरी है।

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