उज्जैन में गरबा एंट्री के लिए पास बेचने पर विवाद, हिंदूवादी संगठनों ने किया हंगामा; भगदड़ जैसे हालात
एसडीएम एलएन गर्ग ने स्पष्ट किया कि कोठी महल क्षेत्र में गरबा आयोजनों के लिए आए आवेदनों में शुल्क या निशुल्क प्रवेश का उल्लेख नहीं था। आयोजकों को शर्तों के साथ अनुमति दी गई है और कोई भी आयोजक सशुल्क आयोजन नहीं कर सकता।
MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों में प्रवेश के लिए पैसे लेने को लेकर विवाद बढ़ गया है। प्रशासन से निशुल्क आयोजन की शर्त पर अनुमति मिलने के बावजूद कई जगह ₹150 से ₹1500 तक के पास बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। गुरुवार रात हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने मित्तल होटल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। विवाद बढ़ने के बाद आयोजकों ने सभी लोगों को निशुल्क प्रवेश देने की बात कही। वहीं, दो आयोजकों ने अपने कार्यक्रम निरस्त कर दिए।
मित्तल होटल में पास दिखाकर जताया विरोध
मित्तल होटल में चल रहे ‘केसरिया रास’ कार्यक्रम के दौरान हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने प्रवेश शुल्क लेने का विरोध किया। कार्यकर्ताओं के मुताबिक, मौके पर एक युवक ने ₹1500 के पास दिखाए। इसके अलावा ₹150 से ₹500 तक के पास बेचे जाने की भी शिकायत सामने आई।
संगठन के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य अर्जुन सिंह भदौरिया ने आरोप लगाया कि आयोजन स्थल पर प्रवेश के लिए दो गेट बनाए गए थे। एक गेट से लोगों को निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा था, जबकि दूसरे गेट से पास के आधार पर एंट्री मिल रही थी। विरोध के बाद सभी के लिए प्रवेश निशुल्क करने की बात कही गई। हालांकि, ‘केसरिया रास’ के आयोजक कपिल कसेरा ने पास बेचने के आरोपों से इनकार किया। उनका कहना है कि पास निशुल्क बांटे गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर सनातनी कार्यक्रम को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
राजाराम रिसोर्ट में भीड़ के बाद बंद हुआ आयोजन
नागदा बायपास स्थित राजाराम रिसोर्ट में 13 अक्टूबर से ‘डांडिया बीट’ नाम से गरबा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। यहां भी निशुल्क आयोजन की शर्त पर अनुमति दी गई थी। बुधवार रात बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद प्रवेश द्वार पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। इसके बाद पुलिस ने कार्यक्रम बंद करा दिया और आयोजन की अनुमति भी निरस्त कर दी गई।
आयोजकों का दावा है कि उन्होंने पास निशुल्क बांटे थे। हालांकि, भीड़ और प्रवेश व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दो आयोजकों ने अपने कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं।
कई जगह शुल्क लेने की शिकायत
नवरात्रि के दौरान होटल मित्तल एवेन्यू, राजमहल, राजाराम रिसोर्ट, आस्था गार्डन, परमेश्वरी गार्डन और श्रीराम वन में गरबा आयोजनों के लिए प्रवेश शुल्क लेने की शिकायतें सामने आई हैं। हिंदू जागरण मंच इन आयोजनों का विरोध कर रहा है।
इससे पहले भी उज्जैन में नवरात्रि से पहले व्यावसायिक गरबा आयोजनों को लेकर विवाद हुआ था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू जागरण मंच और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन मंच ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर ऐसे आयोजनों पर सख्ती की मांग की थी।
एसडीएम बोले- शुल्क लेकर आयोजन की अनुमति नहीं
एसडीएम एलएन गर्ग ने स्पष्ट किया कि कोठी महल क्षेत्र में गरबा आयोजनों के लिए आए आवेदनों में शुल्क या निशुल्क प्रवेश का उल्लेख नहीं था। आयोजकों को शर्तों के साथ अनुमति दी गई है और कोई भी आयोजक सशुल्क आयोजन नहीं कर सकता। यदि कोई पास बेचता है, तो पुलिस को उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
