सैलानियों को लुभा रहा मध्य प्रदेश, 3 साल में दोगुनी हुई संख्या; बागेश्वर धाम की लोकप्रियता बढ़ी
साल 2025 में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 8.40 करोड़ से ज्यादा रही। इससे पहले 2023 में यहां करीब 5.28 करोड़ और 2024 में 7.23 करोड़ पर्यटक पहुंचे थे।
MP News: मध्य प्रदेश में घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। साल 2025 में प्रदेश में 21 करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटक पहुंचे। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 में यह संख्या 11.19 करोड़ थी, जो 2024 में बढ़कर 13.39 करोड़ हो गई। इसके बाद 2025 में पर्यटकों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक इमारतों और प्राकृतिक सुंदरता वाले पर्यटन केंद्रों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।
उज्जैन बना पर्यटकों की पहली पसंद
मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र उज्जैन रहा। भगवान महाकाल के दर्शन और महाकाल महालोक देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। साल 2025 में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 8.40 करोड़ से ज्यादा रही। इससे पहले 2023 में यहां करीब 5.28 करोड़ और 2024 में 7.23 करोड़ पर्यटक पहुंचे थे।
उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के अलावा दूसरे धार्मिक स्थल भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां पर्यटकों की संख्या और बढ़ जाती है। इससे होटल, परिवहन, भोजन और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को भी काम मिलता है।
इंदौर, चित्रकूट और मैहर में भी बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
धार्मिक पर्यटन के साथ मध्य प्रदेश के दूसरे शहर भी पर्यटकों के पसंदीदा स्थान बने हुए हैं। इंदौर में शहरी पर्यटन, खानपान और आसपास के पर्यटन स्थलों के कारण बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
सतना जिले के चित्रकूट में धार्मिक महत्व के कारण पर्यटकों की आवाजाही बनी हुई है। वहीं मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। दतिया का पीतांबरा पीठ और रतनगढ़ माता मंदिर, सीहोर का कुबेरेश्वर धाम और छतरपुर का बागेश्वर धाम भी प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल हैं। साल 2025 में कुबेरेश्वर धाम में करीब 1.50 करोड़ और रतनगढ़ माता मंदिर में लगभग एक करोड़ पर्यटकों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बागेश्वर धाम में भी लाखों श्रद्धालु पहुंचे।
जंगल और ऐतिहासिक धरोहरों का भी आकर्षण
मध्य प्रदेश की पहचान केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं है। कान्हा, बांधवगढ़ और दूसरे राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीवों को देखने के शौकीन पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। खजुराहो के मंदिर और ओरछा की ऐतिहासिक इमारतें भी प्रदेश की खास पहचान हैं।
इन स्थानों पर पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। होटल, गाइड, टैक्सी, होम स्टे और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिल सकता है।
विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी
घरेलू पर्यटकों के मुकाबले विदेशी पर्यटकों की संख्या काफी कम है, लेकिन इसमें भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। साल 2025 में करीब 1.83 लाख विदेशी पर्यटक मध्य प्रदेश पहुंचे, जबकि 2024 में यह संख्या करीब 1.68 लाख थी। विदेशी पर्यटकों के बीच खजुराहो और बांधवगढ़ जैसे स्थान खास पसंद बने हुए हैं।
पर्यटन के इन आंकड़ों से साफ है कि मध्य प्रदेश में धार्मिक स्थलों के साथ प्रकृति और ऐतिहासिक धरोहर देखने की मांग भी बनी हुई है। आने वाले समय में पर्यटन स्थलों पर बेहतर सुविधाएं, परिवहन और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाएं मजबूत करना जरूरी होगा, ताकि पर्यटकों को अच्छा अनुभव मिल सके और स्थानीय लोगों को इसका आर्थिक लाभ भी मिले।
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