राहुल के दौरे से पहले विवाद की गूंज! कार्यक्रम के लिए 31 शर्तें, प्रशासन ने राजीव गांधी हत्याकांड का भी दिया हवाला
रिपोर्ट के मुताबिक IDA ने कांग्रेस से करीब 4.03 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान की मांग की है। प्राधिकरण का कहना है कि निर्धारित तारीख से पहले जमीन के एक हिस्से का इस्तेमाल किया गया था।
MP News: इंदौर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। यह कार्यक्रम 19 सितंबर को आयोजित होना है। कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से बातचीत करेंगे। लेकिन राहुल गांधी के आने से पहले ही कार्यक्रम को लेकर विवाद शुरू हो गया है। पुलिस और प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर आयोजकों के सामने 31 शर्तें रख दी हैं। कार्यक्रम के दौरान इनका पालन करना जरूरी होगा। इन शर्तों में आने वाली भीड़ का शपथ पत्र देना भी शामिल है।
राजीव गांधी हत्याकांड का दिया हवाला
पुलिस ने सुरक्षा निर्देशों में 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद हुई जांच और जस्टिस जेएस वर्मा आयोग की रिपोर्ट का भी हवाला दिया है। पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम में भीड़ नियंत्रण, प्रवेश व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है।
1500 वॉलंटियर की तैनाती
कार्यक्रम स्थल पर कम से कम 1500 वॉलंटियर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें 500 महिला वॉलंटियर होना जरूरी है। भीड़ को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर हर सेक्टर की जिम्मेदारी एक प्रभारी को देने के लिए कहा गया है। एक सेक्टर में करीब 2 हजार लोगों की क्षमता रखने की व्यवस्था की जाएगी।
भीड़ का देना होगा शपथ पत्र
पुलिस ने आयोजकों से कार्यक्रम में आने वाली भीड़ का शपथ-पत्र देने को कहा है। इसमें पुरुषों, महिलाओं और छात्राओं की संख्या अलग-अलग बतानी होगी। साथ ही किस जिले, तहसील और कॉलेज से कितने लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे, इसकी जानकारी भी देनी होगी। कार्यक्रम में आने वाले वाहनों और उनके ड्राइवरों का विवरण भी आयोजकों को पुलिस के साथ शेयर करना होगा।
6 एंट्री, 8 एग्जिट और 40 CCTV
सुरक्षा प्लान के तहत कार्यक्रम स्थल पर कम से कम 6 एंट्री गेट और 8 एग्जिट रखने के निर्देश हैं। तलाशी के लिए मेटल डिटेक्टर और हैंड-हेल्ड डिटेक्टर लगाए जाएंगे। पूरे परिसर पर नजर रखने के लिए कम से कम 40 नाइट विजन CCTV कैमरे लगाने होंगे। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग को 30 दिनों तक सुरक्षित रखने की बात कही गई है।
मंच के सामने एक निर्धारित हिस्सा खाली रखने और बैरिकेडिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मंच, मीडिया, छात्रों और वॉलंटियर के लिए अलग-अलग क्षेत्र बनाए जाएंगे। आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकालने के लिए रास्ता खाली रखना होगा।
मेडिकल और पार्किंग की भी व्यवस्था
पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल सुविधा रखने के निर्देश दिए हैं। इसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस की व्यवस्था शामिल है। नजदीकी अस्पताल के साथ आपात स्थिति के लिए समन्वय रखने को भी कहा गया है। भीड़ के हिसाब से पीने के पानी, मोबाइल और टॉयलेट की व्यवस्था करनी होगी।
कार्यक्रम स्थल के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी तैयारी की जा रही है। पार्किंग के लिए अलग जगह तय करने और मुख्य रास्तों पर वाहनों को खड़ा नहीं करने के निर्देश हैं। ड्रोन के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी, जबकि पुलिस अपने स्तर पर निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर सकती है।
जमीन के इस्तेमाल को लेकर भी विवाद
कार्यक्रम के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण ने रीजनल पार्क के पास करीब 12 हजार वर्गमीटर जमीन उपलब्ध कराई है। इस जमीन के इस्तेमाल को लेकर अतिरिक्त भुगतान का मामला भी सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक IDA ने कांग्रेस से करीब 4.03 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान की मांग की है। प्राधिकरण का कहना है कि निर्धारित तारीख से पहले जमीन के एक हिस्से का इस्तेमाल किया गया था। कांग्रेस की ओर से इस मांग पर आपत्ति जताई गई है।
फिलहाल कार्यक्रम से पहले पुलिस और प्रशासन का फोकस सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर है। 19 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे।
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