PM फंड में एक करोड़ देंगे HC के पूर्व जज, रि. जस्टिस और उनकी पत्नी देहदान भी करेंगी
करीब 33 साल की सेवा के बाद 1 मई 2023 को उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जज के तौर पर शपथ ली। जस्टिस अवनींद्र सिंह ने हाईकोर्ट में करीब तीन साल की सेवा के बाद 17 सितंबर 2026 को वे रिटायर हुए।
MP News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह 36 साल से ज्यादा तक न्यायिक सेवा के बाद 17 सितंबर 2026 को रिटायर हो गए। उनके विदाई समारोह में उनके एक फैसले की हर तरफ चर्चा हो रही है। रि. जस्टिस ने अपने GPF खाते में जमा 1 करोड़ 1 लाख रुपये PM CARES Fund में देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने पत्नी के साथ देहदान का भी संकल्प लिया है। जस्टिस सिंह की विदाई के लिए हाईकोर्ट में फुल कोर्ट फेयरवेल कार्यक्रम रखा गया था। इसी दौरान उन्होंने अपने भविष्य के इन दोनों फैसलों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इंसान को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी कुछ करना चाहिए।
पत्नी के साथ देहदान का रजिस्ट्रेशन करवाया
जस्टिस अवनींद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने दो दिन पहले ही जबलपुर मेडिकल कॉलेज में देहदान के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। उनका कहना था कि मौत के बाद शरीर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और रिसर्च के काम आ सकता है।
रिटायर्ड जस्टिस ने बताया कि जिस शरीर ने पूरी जिंदगी न्यायिक जिम्मेदारी निभाई, वही शरीर मृत्यु के बाद किसी मेडिकल छात्र के सीखने में मदद करे तो यह समाज के लिए उपयोगी योगदान होगा। वहीं उनके इस फैसले की जानकारी मिलने के बाद विदाई समारोह में मौजूद लोग भावुक हो गए।
GPF की पूरी राशि देने का फैसला
देहदान के साथ जस्टिस सिंह ने अपनी जमा पूंजी को लेकर भी बड़ा फैसला किया। उन्होंने अपने GPF में जमा 1 करोड़ 1 लाख रुपये PM CARES Fund में देने की घोषणा की। यह रकम उनकी लंबे समय की न्यायिक सेवा के दौरान जमा हुई थी।
उन्होंने कहा कि जीवनभर की सेवा से मिली कमाई का इस्तेमाल जरूरतमंदों और समाज के काम में होना चाहिए। उनके इस फैसले की विदाई समारोह में काफी चर्चा हुई। PM CARES Fund आपदा और आपात स्थिति में राहत से जुड़े कार्यों के लिए बनाया गया फंड है।
1990 में की थी न्यायिक सफर की शरुआत
जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने 31 मई 1990 को सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में अलग-अलग पदों पर काम किया। करीब 33 साल की सेवा के बाद 1 मई 2023 को उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जज के तौर पर शपथ ली।
हाईकोर्ट में करीब तीन साल की सेवा के बाद 17 सितंबर 2026 को वे रिटायर हुए। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या 38 रह गई है, जबकि स्वीकृत पदों की संख्या 53 है।
विदाई समारोह में सहयोगियों को दिया धन्यवाद
अपने फेयरवेल कार्यक्रम में जस्टिस सिंह ने न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों, अधिकारियों और वकीलों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था का काम किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं चलता। इसमें जजों के साथ कर्मचारियों और अधिवक्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
रिटायरमेंट के मौके पर उनके दो फैसले—अपनी बचत को PM CARES Fund में देने और मृत्यु के बाद देहदान करने का संकल्प—उनकी विदाई के सबसे खास हिस्सों में रहे।
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