गधा बना ‘नर्स’! फोटो के साथ जारी हुआ नर्सिंग सर्टिफिकेट, MPNRC सिस्टम में बड़ा फर्जीवाड़ा
राजधानी भोपाल में गधे के नाम पर नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने का मामला सामने आया है।
.jpg&w=3840&q=75)
MP Nursing Certificate Scam: मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और परीक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से उठ रहे सवालों के बीच अब नर्सिंग रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी विवादों में आ गई है। NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने दावा किया है कि MPNRC की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में गधे की फोटो और कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज अपलोड करने के बावजूद भी रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी हो गया, जिनसे आवेदक की वास्तविक नर्सिंग योग्यता साबित नहीं होती थी। परमार के मुताबिक, उन्होंने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली की जांच के लिए खुद आवेदन प्रक्रिया का परीक्षण किया।
आवेदक का नाम 'डंकी', पिता का नाम 'डंकी फादर'
NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने काउंसिल की ऑनलाइन व्यवस्था की जांच के लिए यह आवेदन किया था। इसमें आवेदक के नाम में 'डंकी', फोटो में गधे की तस्वीर, पिता के नाम में 'डंकी फादर', माता के नाम में 'डंकी मदर' और जाति के कॉलम में 'एनिमल' दर्ज किया गया। पता भी मनमाने तरीके से भरा गया। इसके अलावा कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज अपलोड किए गए, जिनसे शैक्षणिक योग्यता प्रमाणित नहीं होती थी। निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के बाद आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ी और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी होने का दावा किया गया। परमार ने इसका वीडियो भी जारी किया है।
बिना सत्यापन जारी हो रहे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
रवि परमार ने आशंका जताई कि यदि बिना वास्तविक दस्तावेज सत्यापन के रजिस्ट्रेशन जारी हो सकते हैं तो फर्जी रजिस्ट्रेशन का दुरुपयोग भी संभव है। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर MPNRC अध्यक्ष बीनू कुशवाह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। परमार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था संचालित करने वाली एजेंसी MP Online की भूमिका की जांच की मांग की है।
नर्सिंग काउंसिल की तरफ से नहीं आया कोई बयान
इस मामले में फिलहाल मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट आधिकारिक रूप से वैध थे या मामला ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी अथवा सत्यापन प्रक्रिया से जुड़ी किसी खामी का परिणाम था। काउंसिल या संबंधित एजेंसी की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
मरीजों की सुरक्षा का सवाल
एनएसयूआई ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना वास्तविक नर्सिंग योग्यता के रजिस्ट्रेशन हासिल कर लेता है और बाद में इसके आधार पर अस्पताल या नर्सिंग होम में नौकरी करता है तो इसका असर मरीजों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। संगठन ने इसे सिर्फ पोर्टल की तकनीकी समस्या मानने के बजाय स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
NSUI ने दी आंदोलन की चेतावनी
रवि परमार ने मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि आवेदन में इतनी स्पष्ट रूप से गलत जानकारी दर्ज होने के बावजूद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया कैसे पूरी हुई। NSUI ने मामले में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। फिलहाल पूरे मामले में MPNRC और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था से जुड़े संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है।



