MP में 16 सितंबर को मेधावियों को तोहफा! 7500 विद्यार्थियों को मिलेगी ई-स्कूटी; 70 प्रतिशत अंकों के साथ ये शर्त जरूरी
पहले योजना में 60 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले और अपने स्कूल में प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को पात्र माना जाता था। अब न्यूनतम अंक की सीमा बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दी गई है।
MP News: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 12वीं की परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 सितंबर को राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत 7,500 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी की सौगात देंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में सुबह 10 बजे से आयोजित होगा। इस योजना का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के साथ उनकी उच्च शिक्षा के दौरान आने-जाने की सुविधा आसान करना है।
70% अंक होना जरूरी
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना में इस साल पात्रता के नियमों में बदलाव किया गया है। अब कक्षा 12वीं की परीक्षा में कम से कम 70 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी होगा। इसके साथ विद्यार्थी का अपने संबंधित सरकारी स्कूल में प्रथम स्थान पर होना भी आवश्यक है। इसके अलावा विद्यार्थी के 12वीं की परीक्षा पहले प्रयास में पास की होनी चाहिए। यानी केवल 70 प्रतिशत अंक हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थी को अपने स्कूल में मेरिट के आधार पर प्रथम स्थान भी प्राप्त करना होगा।
पहले योजना में 60 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले और अपने स्कूल में प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को पात्र माना जाता था। अब न्यूनतम अंक की सीमा बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दी गई है।
7,500 से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रदेशभर के 7,500 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। इनमें स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाले सरकारी हायर सेकंडरी स्कूलों के विद्यार्थी शामिल हैं। योजना सभी संकायों के पात्र विद्यार्थियों के लिए लागू है।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत विद्यार्थियों को ई-स्कूटी खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार इस साल पात्र विद्यार्थियों के लिए लगभग 1 लाख से 1.25 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है। विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक के साथ पेट्रोल स्कूटर का विकल्प भी योजना के नियमों के अनुसार मिल सकता है। इस साल ई-स्कूटी की ओर विद्यार्थियों का रुझान अधिक बताया जा रहा है।
अब तक 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को मिली सौगात
मध्य प्रदेश सरकार के मुताबिक मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत अब तक 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के क्रियान्वयन पर सरकार करीब 246 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। सरकार का कहना है कि इस पहल से सरकारी स्कूलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिल रहा है और उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज तक पहुंच आसान हो रही है।
कॉलेज आने-जाने में मिलेगी मदद
सरकार इस योजना को केवल पुरस्कार के तौर पर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा को आसान बनाने वाली पहल के रूप में भी देख रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्कूल के बाद कॉलेज या अन्य उच्च शिक्षण संस्थान तक आने-जाने में परिवहन की समस्या का सामना करना पड़ता है। ई-स्कूटी मिलने से उनके आवागमन में सुविधा होगी और पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल सकेगी।
16 सितंबर को होने वाला राज्य स्तरीय कार्यक्रम इसी योजना के तहत इस साल के पात्र विद्यार्थियों को सम्मानित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण करेंगे।

