कूनो में चीता प्रोजेक्ट के 4 साल पूरा होने पर तोहफा! भारत में जन्मी चीता ने 4 शावकों को दिया जन्म
खास बात यह है कि KGP12 का जन्म भारत में ही हुआ था। वह दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी की बेटी है। अब KGP12 ने कूनो के जंगल में खुद शावकों को जन्म देकर प्रोजेक्ट चीता की अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाया है।
MP News: मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर खुशखबरी आई है। भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार नए शावकों को जन्म दिया है। यह खबर ऐसे समय आई है, जब भारत में प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे हुए हैं। नए शावकों के जन्म के साथ देश में चीतों की कुल संख्या 56 हो गई है।
खास बात यह है कि KGP12 का जन्म भारत में ही हुआ था। वह दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी की बेटी है। अब KGP12 ने कूनो के जंगल में खुद शावकों को जन्म देकर प्रोजेक्ट चीता की अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाया है।
दूसरी पीढ़ी के चीते का बढ़ रहा है कुनबा
प्रोजेक्ट चीता के लिए इस जन्म को इसलिए खास माना जा रहा है, क्योंकि अब भारत में पैदा हुई मादा चीता भी जंगल में प्रजनन कर रही है। यानी भारत में बाहर से लाए गए चीतों की अगली पीढ़ी भी अपना कुनबा बढ़ा रही है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस खबर को साझा करते हुए खुशी जताई है। उन्होंने इसे प्रोजेक्ट चीता के लिए उम्मीद और संरक्षण के प्रयासों से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
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अप्रैल में भी KGP12 बनी थी मां
KGP12 पहले भी चार शावकों को जन्म दे चुकी है। अप्रैल 2026 में उसने कूनो में चार शावकों को जन्म दिया था। उस समय भी यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण थी, क्योंकि भारत में जन्मी किसी मादा चीता के जंगल में शावकों को जन्म देने का यह पहला रिकॉर्ड था। केंद्र सरकार ने तब इसे चीता संरक्षण के लिए बड़ा पड़ाव बताया था।
हालांकि उस पहले जन्म के चारों शावक करीब एक महीने बाद मृत पाए गए थे। वन अधिकारियों ने शुरुआती तौर पर किसी दूसरे जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई थी। अब KGP12 के दोबारा मां बनने से कूनो में चीता संरक्षण की कोशिशों को एक नई उम्मीद मिली है।
चार साल में बदल गई प्रोजेक्ट चीता की तस्वीर
भारत में प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी। इसी दिन नामीबिया से आठ चीते भारत लाए गए थे। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से भी चीते लाए गए और धीरे-धीरे कूनो में इनका कुनबा बढ़ा।
अब भारत में पैदा हुए चीते भी प्रजनन करने लगे हैं। यही वजह है कि KGP12 के चार नए शावकों का जन्म प्रोजेक्ट चीता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शावकों की निगरानी कर रही है वन विभाग की टीम
नए शावकों की निगरानी वन विभाग की टीम कर रही है। कूनो के अधिकारी फिलहाल इनसे दूरी बनाए रखते हुए उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, ताकि मां और शावकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
कूनो में चार नए शावकों की किलकारी से एक बार फिर उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में भारत में चीता आबादी प्राकृतिक तरीके से और मजबूत हो सकती है।


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