कौन हैं जितेंद्र ठाकुर ? जो खंडवा में संभाल रहे 3 जनपद CEO का प्रभार
खंडवा में एक ही अधिकारी के पास तीन जनपद पंचायतों के सीईओ का प्रभार है।

Khandwa News: खंडवा में हरसूद जनपद पंचायत के सीईओ जितेंद्र सिंह ठाकुर के पास किल्लौद और छैगांवमाखन का अतिरिक्त प्रभार भी है। खास बात यह है कि इन जनपद पंचायतों के बीच करीब 110 किलोमीटर की दूरी है। वहीं, छैगांवमाखन जनपद पंचायत में नए सीईओ की पोस्टिंग होने के बाद भी वित्तीय अधिकार अभी जितेंद्र सिंह ठाकुर के पास ही बताए जा रहे हैं।
एक अधिकारी के पास तीन जनपदों की जिम्मेदारी
जितेंद्र सिंह ठाकुर वर्तमान में हरसूद जनपद पंचायत के सीईओ हैं। इसके साथ ही उन्हें किल्लौद और छैगांवमाखन जनपद पंचायत का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
हाल ही में शासन की ओर से जिले में नए जनपद सीईओ की पदस्थापना की गई। इनमें विकास गरवाल को छैगांवमाखन जनपद पंचायत का सीईओ बनाया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार गरवाल के पास फिलहाल प्रशासनिक अधिकार हैं, जबकि वित्तीय पावर जितेंद्रसिंह ठाकुर संभाल रहे हैं।
खालवा, पंधाना जनपद में CEO के पास दोनों प्रभार
वहीं, पंधाना और खालवा जनपद पंचायतों में पदस्थ सीईओ के पास प्रशासनिक और वित्तीय दोनों अधिकार हैं। पंधाना में शुभम निमामे और खालवा में रत्तीलाल कनासे सीईओ के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
ऐसे में छैगांवमाखन में नए सीईओ की पदस्थापना के बावजूद वित्तीय अधिकार दूसरे अधिकारी के पास रहने और एक ही अधिकारी को तीन जनपदों की जिम्मेदारी दिए जाने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
2003 में छैगांवमाखन से शुरू हुई थी पोस्टिंग
जितेंद्रसिंह ठाकुर की खंडवा जिले में शुरुआती पोस्टिंग वर्ष 2003 में छैगांवमाखन जनपद पंचायत में हुई थी। इसके बाद वे जिले की अलग-अलग जनपद पंचायतों में सीईओ की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। तबादले के बाद दोबारा खंडवा जिले में पोस्टिंग कराई और अब एक साथ तीन-तीन जनपदों का प्रभार है।
सीएम हेल्पलाइन और कार्य आदेश प्रभावित
तीन जनपद पंचायतों का प्रभार एक ही अधिकारी के पास होने से कामकाज प्रभावित होने की बात भी सामने आई है। पंचायत विभाग से जुड़े कार्यों में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण, जीरामजी योजना, पंच परमेश्वर, 15वें और 16वें वित्त आयोग से जुड़े कार्य आदेश शामिल हैं।
जनपद सीईओ के लॉगिन और हस्ताक्षर से जुड़े काम होने के कारण अधिकारियों की अनुपलब्धता का असर फाइलों के निपटारे पर पड़ रहा है।
‘गांव की बेटी’ योजना से जुड़े दस्तावेज भी प्रभावित
कॉलेज में प्रवेश के दौरान गांव की बेटी योजना में जनपद सीईओ के हस्ताक्षर दस्तावेज पर होना अनिवार्य हैं। ऐसे में कई फाइलें दफ्तरों में अटकी पड़ी हैं।
विकास गरवाल बोले- पहले से चली आ रही व्यवस्था
छैगांवमाखन जनपद पंचायत के प्रशासनिक सीईओ विकास गरवाल ने बताया कि इससे पहले उनकी जगह संविदाकर्मी पंकज डाले को सीईओ बनाया गया था। संविदाकर्मी होने के कारण वित्तीय अधिकार जितेंद्र सिंह ठाकुर के पास रखे गए थे।
गरवाल के अनुसार, उनकी पदस्थापना के बाद प्रशासनिक और वित्तीय दोनों प्रभार मिलना थे, लेकिन फिलहाल पहले वाली व्यवस्था ही जारी है। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह संभवत: जिला पंचायत सीईओ की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया जा सकता है।

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