बच्चों की सेहत को लेकर FSSAI सख्त: स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक-फूड पर लगेगी रोक! ड्राफ्ट जारी
FSSAI ने स्कूलों के 50 मीटर दायरे में हाई फैट, शुगर और सॉल्ट वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर ड्राफ्ट जारी किया है। जानें क्या बदलेगा और कब लागू होगा नियम।
FSSAI Junk Food Ban: बच्चों की सेहत और बढ़ते मोटापे को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्ती की तैयारी शुरू कर दी है। स्कूलों और उनके आसपास हाई फैट, हाई शुगर और हाई सॉल्ट यानी HFSS फूड की बिक्री को लेकर नया ड्राफ्ट जारी किया गया है।
मौजूदा नियमों के तहत स्कूल परिसर और उसके 50 मीटर के दायरे में ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री और बच्चों को आकर्षित करने वाले विज्ञापनों पर रोक का प्रावधान है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं था कि किन-किन खाद्य पदार्थों को HFSS श्रेणी में रखा जाएगा। नए ड्राफ्ट में पोषण संबंधी मानकों के आधार पर इसे स्पष्ट करने की तैयारी की गई है।
चिप्स, बिस्किट और कोल्ड ड्रिंक पर अभी सीधा बैन नहीं
FSSAI के प्रस्ताव को लेकर यह समझना जरूरी है कि फिलहाल चिप्स, बिस्किट, नमकीन, कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट या दूसरे पैकेज्ड फूड पर सीधे तौर पर प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है।
ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिए जाने के बाद नमक, चीनी और फैट की निर्धारित मात्रा के आधार पर यह तय किया जाएगा कि कौन से उत्पाद HFSS श्रेणी में आएंगे और स्कूलों के 50 मीटर दायरे में उनकी बिक्री पर रोक लागू होगी।
हेल्दी फूड की अनिवार्य लिस्ट अभी तैयार नहीं
FSSAI के अनुसार स्कूलों के लिए फिलहाल कोई अनिवार्य हेल्दी मेन्यू या खाद्य पदार्थों की निश्चित सूची जारी नहीं की गई है। न्यूट्रिशन से जुड़े ड्राफ्ट को अंतिम रूप मिलने के बाद ही प्रतिबंधित उत्पादों की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद स्कूलों और संबंधित कर्मचारियों को नए नियमों के बारे में ट्रेनिंग और गाइडेंस देने की योजना है।
'ईट राइट स्कूल' प्रोग्राम अभी अनिवार्य नहीं
FSSAI का 'ईट राइट स्कूल' कार्यक्रम फिलहाल स्कूलों के लिए अनिवार्य नहीं है। स्कूल अपनी इच्छा के अनुसार इस पहल से जुड़ सकते हैं। वहीं, 50 मीटर के नियम की निगरानी और उसका पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों की होगी।
अभी लागू होने की तारीख तय नहीं
नए पोषण मानकों वाला ड्राफ्ट जारी होने के बावजूद इसे पूरी तरह लागू करने की कोई निश्चित डेडलाइन अभी तय नहीं हुई है। ड्राफ्ट की प्रक्रिया पूरी होने और अंतिम नियम जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन से उत्पाद प्रतिबंध के दायरे में आएंगे और नियम किस तारीख से प्रभावी होंगे।
बच्चों में तेजी से बढ़ रहा है मोटापा
जंक फूड का बढ़ता चलन सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन गया है। वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। देश में 5 से 19 साल की उम्र के जो बच्चे साल 2015 में ओवरवेट या Child Obese (मोटी तोंद या शरीर वाले) थे, उनकी संख्या करीब 2.8 करोड़ थी। यह आंकड़ा बढ़कर 2025 में 4.1 करोड़ तक पहुंच गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2040 तक यह बढ़कर 5.6 करोड़ हो जाएगा।






