दमोह में पुलिस कस्टडी में मौत के बाद बवाल; पथराव में SDM,TI समेत कई घायल
इलाके में तनाव के बाद एसडीओपी प्रिया सिंधी चार थानों की पुलिस लेकर गांव पहुंची और किसी तरह ग्रामीणों को शांत करवाया।
MP News: दमोह में पुलिस रेड के दौरान एक ग्रामीण की मौत के बाद बवाल हो गया। हिंडोरिया थाना क्षेत्र के हिनौता गांव में गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इसमें दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व और पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत समेत कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद बड़ी संख्या में चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीओपी प्रिया सिंधी को हाथ जोड़ना पड़ा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी अधिकारी उन्हें समझाने आए हैं। इसके बाद किसी तरह समझाबुझाकर ग्रामीणों का शांत करवाया गया। हालांकि इलाके में तनाव को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल अभी भी तैनात है।
जुआ फड़ पर कार्रवाई के दौरान बिगड़ी थी तबीयत
मामला गुरुवार रात का है। यहां जुआ खेले जाने की की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई करने पहुंची थी। इसी दौरान शिव सिंह लोधी नाम के एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद शिव सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम के बाद जब मृतक का शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। जब पुलिस और प्रशासन की टीम उन्हें समझाने पहुंची तो ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इलाके में तनाव के बाद एसडीओपी प्रिया सिंधी चार थानों की पुलिस लेकर गांव पहुंची और किसी तरह ग्रामीणों को शांत करवाया।
पुलिस बोली- बेहोशी की हालत में मिला था ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान शिव सिंह लोधी से मारपीट की थी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके कारण उसकी मौत हो गई है। वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि ग्रामीण मौके पर बेहोशी की हालत में मिला था, जिसे बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
SDM और TI समेत कई लोग घायल
हंगामे के दौरान दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व के पैर में चोट लगी। पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत और कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। जहां घायलों को बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र में प्रारंभिक उपचार के बाद बड़े अस्पताल में रेफर किया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक स्थिति को बाद में बातचीत के जरिए नियंत्रित कर लिया गया। अंतिम संस्कार भी कराया गया और गांव में पुलिस बल तैनात रखा गया।
8 पुलिसकर्मी लाइन अटैच, जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए दमोह एसपी आनंद कलादगी ने कार्रवाई में शामिल आठ पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया है। इनमें एएसआई राजेंद्र मिश्रा, एएसआई रामकुमार सिंह, हेड कांस्टेबल संजय पाठक समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।
पूरे मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। पुलिस के अनुसार मर्ग जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
परिवार को शासन की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है। फिलहाल इस मामले में मौत की वजह को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने हैं। परिजन पुलिस पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस इसे जांच का विषय बता रही है। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी






