'अरुणाचल में चीन से झड़प जारी, कई बार हुआ फेस ऑफ', ITBP DG ने किया चौंकाने वाला खुलासा
ITBP ने ‘स्ट्राइक’ नाम से एक नया ट्रेनिंग कोर्स भी शुरू किया है। इसका मकसद गलवान जैसी परिस्थितियों में जवानों की तैयारी और मुकाबला करने की क्षमता बढ़ाना है। महानिदेशक के मुताबिक, पूरी फोर्स को 2027 के अंत तक इस ट्रेनिंग से गुजारने का लक्ष्य रखा गया है।
ITBP DG On LAC: भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर चर्चा में है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने पुष्टि की है कि अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास कई जगह भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थिति बनी हुई है। उनके मुताबिक, यह स्थिति जुलाई से जारी है। इस बयान से साफ है कि दोनों देशों के बीच बातचीत के बावजूद सीमा पर चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं।
'कई जगह आमने-सामने की स्थिति'
ITBP प्रमुख ने राजस्थान के अलवर में जवानों को संबोधित करते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना हुआ है और स्थिति अब भी जारी है। रिपोर्टों में तवांग क्षेत्र के उत्तर में स्थित तकसिंग और असफिला जैसे संवेदनशील इलाकों का जिक्र किया गया है।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थिति का मतलब हर बार गोलीबारी होना नहीं है। सीमा पर गश्त, किसी इलाके में पहुंच और दूसरी तरफ की गतिविधियों को लेकर भी सैनिकों के बीच तनाव पैदा हो सकता है। फिलहाल ITBP प्रमुख के बयान में इन घटनाओं के सभी स्थानों और हर घटना के विस्तृत ब्योरे का खुलासा नहीं किया गया है।
चीन से मुकाबले के लिए शौर्य कमांडो
सीमा पर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए ITBP ने शौर्य कमांडो की विशेष टीमें तैयार की हैं। इन कमांडो को कठिन परिस्थितियों में मुकाबला करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। योजना है कि ऐसी टीमें सीमा पर तैनात हर बटालियन में मौजूद रहें, ताकि जरूरत पड़ने पर तेजी से कार्रवाई की जा सके।
ITBP ने ‘स्ट्राइक’ नाम से एक नया ट्रेनिंग कोर्स भी शुरू किया है। इसका मकसद गलवान जैसी परिस्थितियों में जवानों की तैयारी और मुकाबला करने की क्षमता बढ़ाना है। महानिदेशक के मुताबिक, पूरी फोर्स को 2027 के अंत तक इस ट्रेनिंग से गुजारने का लक्ष्य रखा गया है।
ड्रोन और भूमिगत बंकरों पर जोर
आधुनिक युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका को देखते हुए ITBP ने अपनी सीमा इकाइयों में ड्रोन प्लाटून तैयार की हैं। इनका इस्तेमाल निगरानी और सीमा से जुड़ी जानकारी जुटाने में मदद के लिए किया जा सकता है। इसके साथ ही, दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों में जवानों की सुरक्षा के लिए मजबूत भूमिगत शेल्टर और बंकर बनाने पर भी काम हो रहा है।
इन तैयारियों का मकसद केवल हथियारों और तकनीक को बढ़ाना नहीं, बल्कि मुश्किल मौसम और आपात स्थिति में जवानों को सुरक्षित रखना भी है।
सीमा विवाद पर कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
ITBP प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अरुणाचल में जारी तनाव पर प्रधानमंत्री और सरकार की ओर से पर्याप्त सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने सीमा पर गश्त, चीन की गतिविधियों और दोनों देशों के व्यापार घाटे का मुद्दा भी उठाया।
ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं। सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं दी गई है। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। ऐसे में ITBP की नई ट्रेनिंग, कमांडो टीम और तकनीकी तैयारियां सीमा सुरक्षा के लिहाज से अहम हैं। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सैन्य बातचीत और सीमा पर हालात पर नजर बनी रहेगी।


