दिल्ली नगर निगम में AAp-BJP पार्षद भिड़ीं, माइक्रोफोन तोडऩे की कोशिश; मेयर को सुरक्षित निकाला गया
बहस इतनी बढ़ी कि पार्षद एक-दूसरे से माइक छीनते और धक्का-मुक्की करते नजर आए। कुछ पार्षद महापौर की कुर्सी के पास तक पहुंच गए। हालात बिगड़ने के बीच महापौर प्रवेश वाही को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

Delhi Nagar Nigam: दिल्ली नगर निगम (MCD) की बैठक में गुरुवार, 22 अक्टूबर को सफाई व्यवस्था और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। सदन में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा के पार्षदों के बीच विवाद का माहौल बन गया। बहस इतनी बढ़ी कि पार्षद एक-दूसरे से माइक छीनते और धक्का-मुक्की करते नजर आए। कुछ पार्षद महापौर की कुर्सी के पास तक पहुंच गए। हालात बिगड़ने के बीच महापौर प्रवेश वाही को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
कांग्रेस नेता के बयान के बाद बढ़ा विवाद
बैठक में सफाई व्यवस्था और प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान कांग्रेस दल की नेता नाजिया दानिश ने अपनी बात रखते हुए आम आदमी पार्टी के पार्षदों पर टिप्पणी की। इसके बाद सदन में बहस तेज हो गई। AAP की नेता प्रतिपक्ष और महिला पार्षद शगुफ्ता चौधरी समेत अन्य पार्षद महापौर के आसन के पास पहुंच गए।
सदन में मौजूद पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सामने आए वीडियो में पार्षदों को जोर-जोर से बहस करते और एक-दूसरे से माइक छीनने की कोशिश करते देखा गया। मामला केवल बहस तक सीमित नहीं रहा और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई।
माइक तोड़ने और चाय फेंकने के भी आरोप
हंगामे के दौरान माइक छीनने और उसे तोड़ने की कोशिश करने के आरोप भी लगे। महापौर की कुर्सी के पास चाय फेंके जाने की बात भी सामने आई। विवाद बढ़ने के बाद सदन में सामान्य तरीके से कामकाज करना मुश्किल हो गया।
महापौर प्रवेश वाही ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई और संबंधित पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए। उनका कहना है कि सदन में इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में भी कार्रवाई की बात कही गई है।
पार्षदों के फंड को लेकर भी मुद्दा गरमाया
MCD की बैठक में पार्षदों को मिलने वाली विकास निधि को लेकर भी विवाद सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक पार्षद को सालाना दो करोड़ रुपये का फंड दिए जाने के मुद्दे पर विपक्ष ने विरोध जताया। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सवाल-जवाब हुए।
सदन के नेता जय भगवान यादव ने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विपक्ष पहले निगम की सत्ता में था, तब पार्षदों को 25 लाख रुपये का फंड दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से निगम की अलग-अलग परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि दी गई है। फंड को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस ने बैठक का माहौल और तनावपूर्ण कर दिया।
हंगामे के बीच पास हुआ एजेंडा
सदन में विवाद और हंगामे के बावजूद महापौर प्रवेश वाही ने बैठक का एजेंडा पास कराया। इसके बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गई। निगम की बैठक में सफाई व्यवस्था और प्रदूषण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन पार्षदों के बीच विवाद के कारण बैठक का बड़ा हिस्सा हंगामे में बीता।
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण और सफाई व्यवस्था नगर निगम के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसे में सदन के भीतर इस तरह का विवाद होने से निगम के कामकाज पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल महापौर ने हंगामे में शामिल पार्षदों के आचरण पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। आगे यह देखना होगा कि निगम प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सदन की अगली बैठक में कामकाज किस तरह आगे बढ़ता है।


