बाबा बागेश्वर की चौथी सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा UP में निकलेगी, लखनऊ से अयोध्या के बीच होगी
लंबी यात्रा में व्यवस्थाओं और लगातार चलने की चुनौतियों को देखते हुए अब अगली यात्रा में रोजाना करीब 40 से 50 किलोमीटर चलने का लक्ष्य रखने की बात कही गई है।
Baba Bageshwar: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी चौथी सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा को लेकर जानकारी साझा की है। उन्होंने भक्तों को बताया कि अगली यात्रा उत्तर प्रदेश में निकाली जा सकती है। इसके लिए लखनऊ से अयोध्या तक का मार्ग प्रस्तावित है। हालांकि, यात्रा किस तारीख से शुरू होगी, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है।
यह घोषणा उनकी तीसरी रथ यात्रा के पूरा होने के बाद हुई है। हाल ही में बुंदेलखंड में निकली तीसरी यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने पांच दिनों में करीब 500 किलोमीटर का सफर तय किया था। यह यात्रा पांच जिलों और करीब 3 हजार गांवों से होकर गुजरी। इस दौरान सामाजिक एकता और नशामुक्ति समेत कई संकल्पों का संदेश दिया गया।
तीसरी यात्रा में सात संकल्पों का संदेश
बागेश्वर महाराज की तीसरी यात्रा का उद्देश्य लोगों तक सामाजिक और धार्मिक संदेश पहुंचाना था। यात्रा के दौरान नशे से दूर रहने, जातिगत भेदभाव खत्म करने और परिवार व समाज में जागरूकता बढ़ाने जैसे मुद्दे उठाए गए। लव जिहाद के खिलाफ जागरूकता का संदेश भी दिया गया। आयोजकों के मुताबिक, यात्रा में अलग-अलग जगहों पर श्रद्धालु शामिल हुए और सभाओं के जरिए लोगों से संवाद किया गया।
चौथी यात्रा में 50 KM प्रतिदिन चलने की तैयारी
तीसरी यात्रा के दौरान प्रतिदिन 100 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करनी पड़ी थी। कई बार यात्रा 17 से 19 घंटे तक चली। इतनी लंबी यात्रा में व्यवस्थाओं और लगातार चलने की चुनौतियों को देखते हुए अब अगली यात्रा में रोजाना करीब 40 से 50 किलोमीटर चलने का लक्ष्य रखने की बात कही गई है।
इस बदलाव से रास्ते में पड़ने वाले गांवों और शहरों में लोगों से मिलने, सभाएं करने और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अधिक समय मिल सकता है। हालांकि, यात्रा का पूरा कार्यक्रम, पड़ाव और अंतिम मार्ग अभी घोषित होना बाकी है।
छत्तीसगढ़ और बिहार में भी हो सकती है यात्रा
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने लखनऊ से अयोध्या के अलावा छत्तीसगढ़ और बिहार में भी रथ यात्रा निकालने की संभावना जताई है। अभी यह तय नहीं है कि चौथी यात्रा किस राज्य में और किस मार्ग पर अंतिम रूप से आयोजित होगी। तारीख को लेकर भी उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
बागेश्वर धाम की पिछली यात्राओं में धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी जोर दिया गया था। अब चौथी यात्रा के जरिए किन संकल्पों को आगे बढ़ाया जाएगा और इसमें कौन-कौन से संत शामिल होंगे, इसकी जानकारी आने वाले दिनों में सामने आ सकती है।






