Bhopal Ticket Scam : भोपाल रेलवे स्टेशन पर टिकट स्कैम! ‘ब्रोकर को प्राथमिकता’ के आरोप, वीडियो वायरल

Bhopal Ticket Scam : मध्य प्रदेश। भोपाल रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर से जुड़ा एक विवाद इन दिनों चर्चा में है। यहां एक यात्री और टिकटिंग स्टाफ के बीच तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें यात्री ने स्टाफ पर लाइन में लगे लोगों को नजरअंदाज कर एक कथित “ब्रोकर” को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है। लाइन में लगे लोगों को नजरअंदाज यह वीडियो X (पूर्व ट्विटर) यूज़र सूरज कुमार द्वारा शेयर किया गया, जिन्होंने इसे “टिकट स्कैम” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइन में इंतजार कर रहे लोगों को नजरअंदाज किया गया, जबकि एक व्यक्ति, जो लाइन में भी नहीं था, उसे पहले टिकट दे दिया गया। सूरज कुमार ने इसे स्टाफ और एजेंटों के बीच सांठगांठ का मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। Jagannath Temple Ratna Bhandar : सोने-चांदी का जखीरा! 48 साल बाद खुला जगन्नाथ मंदिर का भीतरी रत्न भंडार एक ही व्यक्ति को बार-बार प्राथमिकता क्यों वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति टिकट काउंटर पर मौजूद महिला क्लर्क से सवाल करता है कि एक ही व्यक्ति को बार-बार प्राथमिकता क्यों दी जा रही है। वह पूछता है, “काहे का पहले नंबर है तेरा? यह सब में क्या इनका पहले नंबर ही रहता है?” Petrol and Diesel Prices : चुनाव के बाद लग सकता है बड़ा झटका! पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक हो सकता है महंगा क्या यह सब मिलीभगत से हो रहा है? यात्री ने इस दौरान मिलीभगत के आरोप भी लगाए और कहा, “क्या यह सब मिलीभगत से हो रहा है? ग्राहक को पागल समझ रखा है क्या?” बहस बढ़ने पर उसने अधिकारियों को टैग करने और शिकायत करने की चेतावनी भी दी। वहीं, काउंटर पर मौजूद महिला कर्मचारी ने आपत्ति जताते हुए कहा, “क्या आप मुझसे बदतमीजी कर रहे हैं?” इस पर यात्री ने जवाब दिया कि वह केवल व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है और किसी तरह की बदतमीजी नहीं कर रहा। Taniya – Chahal Controversy : डिलीट करो वीडियो! एक्ट्रेस तानिया चटर्जी पर क्रिकेटर चहल की टीम बना रही प्रेशर रेलवे ने दिया जवाब मामले के सामने आने के बाद भारतीय रेलवे के भोपाल मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले मार्च में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन से भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था, जिसमें टिकट को लेकर यात्री और कर्मचारी के बीच विवाद हुआ था। फिलहाल, भोपाल की इस घटना को लेकर जांच जारी है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि रेलवे प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। यहां देखिये वीडियो
Jagannath Temple Ratna Bhandar : सोने-चांदी का जखीरा! 48 साल बाद खुला जगन्नाथ मंदिर का भीतरी रत्न भंडार

Jagannath Temple Ratna Bhandar : पुरी। ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ के रत्न भंडार की गणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सदियों से रहस्य और आस्था का केंद्र रहे इस खजाने की गिनती को लेकर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। आंतरिक रत्न भंडार की हो रही गिनती गणना का काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण में चलित खजाने की गिनती की गई, जिसमें भगवान के दैनिक श्रृंगार में उपयोग होने वाले आभूषण रखे जाते हैं। इसके बाद बाहरी खजाने की गणना पूरी हुई, जिसमें उत्सव और विशेष अवसरों पर इस्तेमाल होने वाले आभूषण शामिल हैं। अब सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील माने जाने वाले आंतरिक रत्न भंडार की गिनती की जा रही है, जहां बेशकीमती और दुर्लभ आभूषण सुरक्षित रखे गए हैं। Temple Donations : श्री रेणुका यल्लम्मा मंदिर में रिकॉर्ड चढ़ावा, दान पेटियों से निकले 3.07 करोड़ रुपये 3D मैपिंग, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की जा रही इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। गिनती के दौरान 3D मैपिंग, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की जा रही है, ताकि हर वस्तु का सही रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। सुरक्षा के लिहाज से केवल गणना समिति के अधिकृत सदस्यों को ही रत्न भंडार के अंदर जाने की अनुमति दी गई है। रत्न भंडार की गिनती 13 अप्रैल से हुई शुरू जानकारी के अनुसार, आंतरिक रत्न भंडार की गिनती 13 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और यह प्रक्रिया 16 से 18 अप्रैल के बीच भी जारी रहेगी। इस संवेदनशील कार्य को लेकर पहले एक अहम बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें गिनती के नियम और प्रक्रिया तय की गई। Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple : महाशिवरात्रि पर 44 घंटे खुले महाकाल के पट, उज्जैन में उमड़ा आस्था का सागर बहुमूल्य रत्न और दुर्लभ आभूषण सुरक्षित मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के बहुमूल्य रत्न और दुर्लभ आभूषण सुरक्षित हैं। इन आभूषणों को विभिन्न कालखंडों में राजा-महाराजाओं और श्रद्धालुओं ने भगवान को अर्पित किया था। पुरी का यह रत्न भंडार न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अब भक्तों को उस क्षण का इंतजार है, जब इस खजाने से जुड़े रहस्य दुनिया के सामने आएंगे।
Nitish Kumar Resignation : ‘सुशासन बाबू’ का युग अब खत्म, नीतीश कुमार ने सीएम पद से दिया इस्तीफा

Nitish Kumar Resignation : पटना। बिहार की राजनीति में आज एक बड़े युग का अंत हो गया। ‘सुशासन बाबू’ के नाम से पहचाने जाने वाले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के साथ राज्य की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। जानकारी के मुताबिक, अब नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया है, लेकिन बिहार की राजनीति और प्रशासन पर उनका प्रभाव आगे भी बना रहने की संभावना जताई जा रही है। NDA का मजबूत गणित बिहार विधानसभा में 202 सदस्यीय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का आंकड़ा मजबूत स्थिति में है। इसमें जनता दल यूनाइटेड के 85 विधायक, चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के 19 विधायक और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के 5 विधायक शामिल हैं। इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 5 विधायक भी इस गठबंधन का हिस्सा हैं। Bengal Elections 2026 : 100 सीटों पर टिकी सत्ता की चाबी, बदलते समीकरणों से बढ़ी सियासी हलचल संघर्ष से शिखर तक का सफर नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने 1977 में हरनौत से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 1980 में भी वे करीब 5 हजार वोटों से चुनाव हार गए। हालांकि 1985 में उन्होंने जोरदार वापसी की और करीब 22 हजार वोटों से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और बिहार की राजनीति में लगातार अपनी पकड़ मजबूत करते गए। केंद्र से राज्य तक मजबूत पहचान 1989 में उन्होंने बाढ़ सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। बाद में राजनीतिक बदलावों के बीच उन्होंने शरद यादव के साथ मिलकर 2003 में जनता दल यूनाइटेड का गठन किया। केंद्र सरकार में वे 1998-1999 के दौरान रेल मंत्री रहे और 2001 से 2004 तक कृषि मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। 2004 में उन्होंने नालंदा लोकसभा सीट से जीत हासिल की। Nitish Kumar Resignation : नीतीश कुमार की आखिरी कैबिनेट बैठक खत्म, इस्तीफे का किया ऐलान 2005 में बने पहली बार मुख्यमंत्री साल 2005 में नीतीश कुमार पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक राज्य की सत्ता संभाली और अपनी प्रशासनिक शैली के कारण ‘सुशासन बाबू’ के रूप में पहचान बनाई। अब उनके इस्तीफे के साथ बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य की कमान किसके हाथों में जाती है और नई सरकार किस दिशा में आगे बढ़ती है।
Bengal Elections 2026 : 100 सीटों पर टिकी सत्ता की चाबी, बदलते समीकरणों से बढ़ी सियासी हलचल

Bengal Elections 2026 : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार सत्ता का रास्ता उन करीब 100 विधानसभा सीटों से होकर गुजरता दिख रहा है, जहां पिछली बार हार-जीत का अंतर बेहद कम रहा था। चुनावी दावों और वादों के बीच जमीनी स्तर पर सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस पहले से ज्यादा सीटें जीतकर चौथी बार सरकार बनाएगी। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भारतीय जनता पार्टी के लिए 170 सीटों का लक्ष्य तय किया है। West Bengal SIR Case : चुनाव की आंधी से अंधे नहीं बन सकते -बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी 100 सीटों का निर्णायक गणित राज्य के 23 जिलों में फैली ये करीब 100 सीटें चुनाव का केंद्र बन गई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2024 लोकसभा चुनाव के आधार पर लगभग 119 विधानसभा सीटों पर जीत-हार का अंतर 100 से 15 हजार वोटों के बीच रहा था। कई सीटों पर यह अंतर 100 वोट से भी कम था। अगर 2021 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को देखें, तो एक से 15 हजार वोटों के अंतर वाली सीटों की संख्या 101 थी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन सीटों पर मामूली वोट स्विंग भी पूरे नतीजे को पलट सकता है। इन 100 सीटों में कोलकाता और आसपास की करीब 40 सीटें शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर बंगाल, मुर्शिदाबाद, बांकुड़ा, पुरुलिया और पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर जिलों की कई सीटें भी इस श्रेणी में आती हैं। Yogi-Adhikari Viral Video : CM योगी के सामने दंडवत हुए सुवेंदु अधिकारी, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल शहरी इलाकों में भी बदलेगा खेल ग्रेटर कोलकाता की 126 सीटों में से भाजपा को पिछली बार केवल 18 सीटें मिली थीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 107 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कोलकाता, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना में भाजपा का खाता तक नहीं खुल पाया था। हालांकि उत्तर 24 परगना, नदिया और हुगली जैसे जिलों में भाजपा को कुछ सीटें मिली थीं, जहां मतुआ वोट बैंक अहम भूमिका निभाता है। इन क्षेत्रों में दो से तीन प्रतिशत वोटों का बदलाव भी चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है। Bengal Election BJP Manifesto : बंगाल में BJP महिलाओं को देगी 3 हजार, 6 महीने में UCC लागू! जानिए घोषणापत्र में और क्या वोटर लिस्ट में बदलाव से बदला समीकरण इस बार चुनावी गणित को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला कारक मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) माना जा रहा है। इसमें मृत, अवैध और स्थानांतरित करीब 91 लाख नाम हटाए गए हैं। इसका सबसे ज्यादा असर सीमावर्ती जिलों जैसे मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर और उत्तर व दक्षिण 24 परगना में देखने को मिल सकता है। इन बदलावों से कई सीटों पर वोट बैंक का संतुलन प्रभावित होने की संभावना है। पिछले चुनावों के आंकड़े क्या कहते हैं 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को करीब 2.90 करोड़ वोट (48.46%) मिले थे, जबकि भारतीय जनता पार्टी को करीब 2.29 करोड़ वोट (37.98%) प्राप्त हुए थे। वहीं 2024 लोकसभा चुनाव में तृणमूल को करीब 2.76 करोड़ वोट मिले, जबकि भाजपा को 2.34 करोड़ वोट हासिल हुए, जो कुल वोटों का लगभग 39.10 प्रतिशत था। Bengal Election 2026 : बंगाल चुनाव में नई सियासी चाल! ओवैसी-कबीर गठबंधन से बदल सकता है मुस्लिम वोट बैंक का खेल निर्णायक होगी छोटी बढ़त राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन 100 सीटों पर मामूली अंतर ही सत्ता का फैसला करेगा। यदि किसी भी पार्टी ने इन सीटों पर अपने वोट प्रतिशत में थोड़ी बढ़त हासिल कर ली, तो पूरे चुनाव का परिणाम बदल सकता है। कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल में इस बार का चुनाव बेहद कांटे का मुकाबला बनने जा रहा है, जहां हर वोट की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
Petrol and Diesel Prices : चुनाव के बाद लग सकता है बड़ा झटका! पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक हो सकता है महंगा

Petrol and Diesel Prices : नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत में फिलहाल ईंधन के दाम स्थिर रखे गए हैं, जिससे तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। 46 दिनों में 27 डॉलर महंगा हुआ कच्चा तेल पिछले कुछ हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 27 फरवरी को कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था, जो महज 20 दिनों में 19 मार्च को बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि बाद में कीमतों में कुछ गिरावट आई और 14 अप्रैल को यह 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इस तरह 46 दिनों में कच्चे तेल की कीमत में कुल 27 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Taniya – Chahal Controversy : डिलीट करो वीडियो! एक्ट्रेस तानिया चटर्जी पर क्रिकेटर चहल की टीम बना रही प्रेशर कंपनियों को रोजाना हजारों करोड़ का नुकसान कच्चे तेल की महंगाई का सीधा असर तेल कंपनियों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल पर करीब 18 रुपए और डीजल पर 35 रुपए का नुकसान हो रहा है। पिछले महीने के उच्चतम स्तर पर यह नुकसान करीब 2,400 करोड़ रुपए प्रतिदिन तक पहुंच गया था। एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए की कटौती के बाद भी कंपनियां हर दिन करीब 1,600 करोड़ रुपए का घाटा झेल रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी से पेट्रोल-डीजल पर लगभग 6 रुपए प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है। Iran- US Peace Talks : अमेरिका-ईरान के बीच गुरुवार से नई वार्ता की तैयारी, JD वेंस का बड़ा बयान आयात पर निर्भरता बढ़ा रही चिंता भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल आयात करता है। इसमें से करीब 45% मिडिल ईस्ट और 35% रूस से आता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उछाल का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। कच्चे तेल की महंगाई से देश का चालू खाता घाटा (CAD) भी बढ़ सकता है। अनुमान है कि 2026 की पहली तिमाही में यह घाटा 20 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। एक्साइज ड्यूटी में लगातार कमी सरकार के राजस्व में पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी का योगदान भी घटा है। वित्त वर्ष 2017 में यह 22% था, जो अब घटकर 8% रह गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार पूरी एक्साइज ड्यूटी हटा भी दे, तब भी तेल कंपनियों का मौजूदा घाटा पूरी तरह खत्म नहीं होगा। Noida Labour Protest Update : QR कोड से जोड़े गए प्रदर्शनकारी, जांच में कई बड़े खुलासे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़े दाम अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत अगस्त 2022 के बाद पहली बार 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई है। वहीं पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए जा चुके हैं। फिलहाल भारत में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में आम लोगों को ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ सकता है।
Taniya – Chahal Controversy : डिलीट करो वीडियो! एक्ट्रेस तानिया चटर्जी पर क्रिकेटर चहल की टीम बना रही प्रेशर

Taniya – Chahal Controversy : स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) और ओटीटी एक्ट्रेस तानिया चटर्जी (Taniya Chatterjee) के बीच सोशल मीडिया पर चल रहा विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हाल ही में तानिया द्वारा पैपराजी के सामने इंस्टाग्राम DM दिखाने के बाद शुरू हुई चर्चा अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। DM विवाद के बाद नया दावा हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में तानिया चटर्जी ने दावा किया है कि वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें चहल की PR टीम की ओर से मैसेज मिले। उन्होंने बताया कि PR टीम ने उनसे सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो हटाने की मांग की। तानिया ने कहा कि उनकी और चहल के बीच कभी फोन या व्हाट्सएप पर बातचीत नहीं हुई। उन्होंने सिर्फ इंस्टाग्राम पर आए मैसेज दिखाए थे। उनके मुताबिक, “मैंने कुछ गलत या झूठ नहीं कहा था। उन्होंने सिर्फ मेरी तारीफ की थी, फिर इसे इतना बड़ा मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है?” Noida Labour Protest Update : नोएडा में फिर बवाल.. पुलिस वाहनों पर पत्थरबाजी, NCR में हाई अलर्ट “सीधे बात क्यों नहीं करते?” तानिया ने यह भी कहा कि अगर युजवेंद्र चहल को इस पूरे मामले से कोई आपत्ति है, तो वे सीधे उनसे बात कर सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि PR टीम के जरिए बात क्यों की जा रही है। उनका यह भी दावा है कि चहल ने उन्हें एक से ज्यादा बार मैसेज किया था। शुरुआत में उन्होंने इन मैसेज पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन बाद में प्रोफाइल देखने पर उन्हें पता चला कि वह एक जाने-माने क्रिकेटर हैं। AI और फर्जीवाड़े के आरोपों पर जवाब सोशल मीडिया पर इस पूरे विवाद को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, जिनमें चैट को फर्जी बताने की बातें भी शामिल हैं। इस पर तानिया ने साफ कहा कि लाइव स्क्रीन पर DM दिखाना आसान नहीं होता। उनके मुताबिक, “वीडियो या फोटो में बदलाव किया जा सकता है, लेकिन लाइव दिखाए गए मैसेज को फेक कहना सही नहीं है। मैंने वही दिखाया जो सच था।” Raisen Krishi Mela : जीतू पटवारी को शिवराज के कृषि मेले में जाने से रोका, पुलिस ने पूरे रास्ते की नाकाबंदी पहले भी जुड़ चुका है नाम गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल की निजी जिंदगी पहले भी चर्चा में रही है। धनश्री वर्मा के साथ उनके रिश्तों को लेकर खबरें आती रही हैं। इसके अलावा आरजे महवश के साथ भी उनका नाम जुड़ने की अटकलें सामने आ चुकी हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले पर चहल या उनकी टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह विवाद अभी थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है और सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर जारी है। यहां देखिये वायरल वीडियो
Trump vs Pope Leo : ईरान युद्ध के बीच तीखा टकराव, AI तस्वीर से और बढ़ा विवाद

Trump vs Pope Leo : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV के बीच इन दिनों तीखा टकराव देखने को मिल रहा है। यह विवाद सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया, धार्मिक प्रतीकों और वैश्विक राजनीति तक फैल गया है। Iran War Ceasefire : पाकिस्तान पर दबाव डालकर अमेरिका ने ईरान से कराई सीजफायर डील AI तस्वीर से बढ़ा विवाद हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक AI-जनित तस्वीर साझा की, जिसमें उन्हें ईसा मसीह जैसी आकृति में दिखाया गया था। इस तस्वीर में वे “हीलर” के रूप में नजर आ रहे थे। हालांकि, भारी विरोध के बाद यह पोस्ट हटा दी गई, लेकिन इसने विवाद को और बढ़ा दिया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब ट्रंप और पोप लियो XIV के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो चुकी है। क्या है विवाद की जड़? इस टकराव की मुख्य वजह दोनों नेताओं के बीच गहरा वैचारिक अंतर है। पोप लियो XIV लगातार शांति, संवाद और युद्ध के विरोध की बात कर रहे हैं। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सख्त रुख और सैन्य कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहे हैं। ईरान युद्ध और अमेरिकी विदेश नीति को लेकर पोप की आलोचना के जवाब में ट्रंप ने उन्हें “कमज़ोर” और “विदेश नीति के लिए खराब” तक कह दिया। Iran- US Peace Talks : अमेरिका-ईरान के बीच गुरुवार से नई वार्ता की तैयारी, JD वेंस का बड़ा बयान वेटिकन और व्हाइट हाउस आमने-सामने वेटिकन सिटी और वॉशिंगटन डीसी के बीच यह टकराव हाल के समय का सबसे असामान्य सार्वजनिक विवाद माना जा रहा है।पोप ने बिना नाम लिए उन नेताओं की आलोचना की, जो युद्ध को सही ठहराने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने “सर्वशक्तिमान होने के भ्रम” के खिलाफ चेतावनी दी और शांति का संदेश दोहराया। इसके जवाब में ट्रंप ने तीखे हमले जारी रखे, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया। ट्रंप के लिए क्या है राजनीतिक फायदा? विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप इस टकराव के जरिए कई राजनीतिक संदेश देना चाहते हैं: एक मजबूत और निर्णायक नेता की छवि बनाना अपने समर्थकों के बीच सख्त नेतृत्व का संदेश देना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचकों को चुनौती देना कुछ विश्लेषकों का यह भी मानना है कि ट्रंप को यह महसूस हो रहा है कि पोप लियो XIV वैश्विक मंच पर एक मजबूत नैतिक आवाज़ बनकर उभर रहे हैं, जिससे राजनीतिक दबाव भी बढ़ सकता है। Jagannath Temple Ratna Bhandar : सोने-चांदी का जखीरा! 48 साल बाद खुला जगन्नाथ मंदिर का भीतरी रत्न भंडार पोप का जवाब: “डरेंगे नहीं, शांति की बात जारी रहेगी” पोप ने साफ कहा है कि वे युद्ध के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे और शांति, संवाद और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में बढ़ती हिंसा के बीच किसी को तो शांति की बात करनी ही होगी। क्यों अहम है यह टकराव? यह विवाद सिर्फ दो नेताओं के बीच नहीं, बल्कि दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच टकराव को दिखाता है- एक ओर सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा की नीति और दूसरी ओर शांति, नैतिकता और संवाद का दृष्टिकोण। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है और इसका वैश्विक राजनीति पर क्या असर पड़ता है।
Nitish Kumar Resignation : नीतीश कुमार की आखिरी कैबिनेट बैठक खत्म, इस्तीफे का किया ऐलान

Nitish Kumar Resignation : पटना। बिहार की राजनीति में आज बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं। उनके इस्तीफे के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लिया जाएगा, जिस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं। पटना में आज आयोजित कैबिनेट बैठक के साथ ही नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यकाल समाप्त होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, वे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। #WATCH | Patna | Following the Cabinet meeting, Bihar minister Sanjay Singh says, “It was the last Cabinet meeting, in which the CM addressed all MLAs. He said it was his last Cabinet meeting as the CM. He said after the Cabinet meeting, he will go and meet the Governor.” pic.twitter.com/1xyKATqGXt — ANI (@ANI) April 14, 2026 3 बजे होगी बीजेपी विधायक दल की बैठक नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए आज दोपहर 3 बजे भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में पार्टी अपने नेता का चुनाव करेगी। इसके बाद शाम 4 बजे एनडीए विधायक दल की बैठक बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित होगी, जहां नए मुख्यमंत्री के नाम पर औपचारिक मुहर लगेगी। Noida Labour Protest Update : नोएडा में फिर बवाल.. पुलिस वाहनों पर पत्थरबाजी, NCR में हाई अलर्ट सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में मौजूदा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। हालांकि पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व किसी चौंकाने वाले फैसले से भी इनकार नहीं कर रहा है, जैसा हाल के महीनों में अन्य राज्यों में देखा गया है। निशांत कुमार को लेकर भी सियासी चर्चा इसी बीच, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर भी सियासी चर्चाएं तेज हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि नई सरकार में उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। चर्चा यह भी है कि इस बार बिहार में दो की बजाय एक ही डिप्टी सीएम होगा। मिल सकता है नए चेहरों को मौका नई सरकार के गठन के साथ ही मंत्रिमंडल में भी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी अपने कोटे से कुछ नए चेहरों को मौका दे सकती है और ‘नॉन-परफॉर्मिंग’ मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। Iran- US Peace Talks : अमेरिका-ईरान के बीच गुरुवार से नई वार्ता की तैयारी, JD वेंस का बड़ा बयान समर्थन के बाद नई सरकार बनाने का दावा 243 सदस्यीय विधानसभा में 89 विधायकों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। वहीं 202 सदस्यों वाले एनडीए गठबंधन में जेडीयू के 85, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के 19, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 5 विधायक शामिल हैं। सभी घटक दलों के समर्थन के बाद नई सरकार बनाने का दावा राज्यपाल के सामने पेश किया जाएगा। 15 अप्रैल को होगा शपथ ग्रहण शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे लोकभवन में आयोजित किया जाएगा, जिसमें नए मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट शपथ लेगी। इस बीच, राज्य मंत्री और जेडीयू नेता श्रवण कुमार ने कहा कि यह उनके लिए भावुक क्षण है, क्योंकि नीतीश कुमार के साथ काम करते हुए उन्होंने बहुत कुछ सीखा है। Noida Labour Protest Update : QR कोड से जोड़े गए प्रदर्शनकारी, जांच में कई बड़े खुलासे वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पटना पहुंच चुके हैं और वे विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक की भूमिका निभाएंगे।फिलहाल, पूरे बिहार की नजरें आज शाम 4 बजे होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां राज्य को उसका नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है।
Noida Labour Protest Update : नोएडा में फिर बवाल.. पुलिस वाहनों पर पत्थरबाजी, NCR में हाई अलर्ट

Noida Labour Protest Update : उत्तर प्रदेश। नोएडा में कर्मचारियों का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी उग्र बना हुआ है। मंगलवार को शहर के कई सेक्टरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। सेक्टर 121 में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया, जिससे कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। वहीं सेक्टर 70 में हालात लगभग बेकाबू हो गए और हिंसक झड़पों में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ा शहर के अन्य हिस्सों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सेक्टर 80 में मजदूरों ने प्रदर्शन तेज कर दिया और कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उपद्रवियों को खदेड़ा। अलग-अलग इलाकों में फैलती हिंसा के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ गई है, हालांकि पुलिस लगातार हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। Noida Labour Protest Update : QR कोड से जोड़े गए प्रदर्शनकारी, जांच में कई बड़े खुलासे पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात बीते दिन 13 अप्रैल को भी नोएडा में हिंसक प्रदर्शन हुआ था। स्थिति को काबू में रखने के लिए पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर पूरे एनसीआर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सरकार ने किया अंतरिम बढ़ोतरी का ऐलान इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को राहत देते हुए न्यूनतम वेतन में अंतरिम बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू की गई हैं। Noida Phase 2 Protest : फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन! 10 गाड़ियों में आग, पुलिस वाहन पलटा इसके तहत अकुशल श्रमिकों को 13,690 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। पहले अकुशल मजदूरों को 11,313 रुपये मिलते थे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर 20 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की खबर पूरी तरह भ्रामक है। कई कंपनियों के बाहर पुलिस टीमें तैनात 14 अप्रैल की सुबह से ही नोएडा जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात है और कर्मचारियों को एक जगह इकट्ठा होने से रोका जा रहा है। कई कंपनियों के बाहर पुलिस टीमें तैनात हैं और कर्मचारियों को कंपनी पहुंचने से पहले ही वापस भेजा जा रहा है। इसके बावजूद फेज-2 क्षेत्र में लक्सर कंपनी के बाहर बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। क्या कहना है प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का कहना है कि 12 घंटे काम के मुकाबले वेतन बहुत कम है और मौजूदा समय में 11 हजार रुपये में घर चलाना मुश्किल है। वे 20 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग पर अड़े हुए हैं। श्रमिकों ने भत्तों में असमानता और कर्मचारियों को कुछ समय बाद हटाकर दोबारा नियुक्त करने जैसे आरोप भी लगाए हैं। MP Board 10-12th Results : लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म! 24 घंटे के भीतर जारी होगा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट लक्ष्मी सिंह ने कहा है कि यह प्रदर्शन सुनियोजित तरीके से भड़काया जा रहा है। उनके अनुसार पिछले तीन-चार दिनों में कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए हैं, जिनके जरिए लोगों को उकसाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे संगठित समूह और तकनीकी नेटवर्क काम कर रहा है। वहीं, अनिल राजभर ने इस हिंसा को राज्य के विकास को बाधित करने की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ श्रमिकों का विरोध नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ी योजना हो सकती है। अब तक 350 लोग गिरफ्तार पुलिस ने हिंसा के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 350 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और सभी को जेल भेजा गया है। कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। कई महिला पुलिसकर्मी घायल सेक्टर 121 में पुलिस बस पर हमले में कई महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं। वहीं सेक्टर 63 के थाने पर भी पथराव की घटना सामने आई है। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें उपद्रवी फैक्ट्री के गेट तोड़कर अंदर घुसते और तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। Raisen Krishi Mela : जीतू पटवारी को शिवराज के कृषि मेले में जाने से रोका, पुलिस ने पूरे रास्ते की नाकाबंदी फिलहाल पुलिस का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पूरे एनसीआर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
Iran- US Peace Talks : अमेरिका-ईरान के बीच गुरुवार से नई वार्ता की तैयारी, JD वेंस का बड़ा बयान

Iran- US Peace Talks : वॉशिंगटन डीसी। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का एक नया दौर गुरुवार से शुरू हो सकता है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच इस अहम बैठक की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। यह वार्ता क्षेत्र में शांति बहाली और कूटनीतिक रिश्तों को सुधारने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक का स्थान और विस्तृत एजेंडा सार्वजनिक नहीं समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच इस संभावित बैठक के लिए गुरुवार का दिन तय किया गया है। हालांकि, बैठक का स्थान और विस्तृत एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस बातचीत में दोनों पक्षों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। Strait of Hormuz Blockade : होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की नाकेबंदी आज से लागू, ईरान बोला- हम करेंगे नाकेबंदी पूरी तरह विफल आपसी विवादों को सुलझाने के उद्देश्य से मीटिंग अधिकारियों का कहना है कि यह वार्ता लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक गतिरोध को तोड़ने और आपसी विवादों को सुलझाने के उद्देश्य से की जा रही है। पिछले कुछ समय से मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव के बीच यह पहल काफी अहम मानी जा रही है। अमेरिका की कोशिश है कि बातचीत के जरिए उन प्रमुख मुद्दों पर सहमति बने, जो दोनों देशों के बीच टकराव का कारण बने हुए हैं। इस संभावित वार्ता को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे एक ऐसे कदम के रूप में लिया जा रहा है, जो भविष्य में बड़े समझौतों का रास्ता खोल सकता है और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूती दे सकता है। वैश्विक शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल इस खबर के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यदि गुरुवार को यह वार्ता सफलतापूर्वक आयोजित होती है, तो इसे वैश्विक शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जाएगा। Iran-US Peace Talk : प्लेन में बच्चों की तस्वीरें रखकर PAK पहुंचे ईरानी लीडर, बोले- शांति की उम्मीद लेकिन अमेरिका पर भरोसा नहीं गेंद ईरान के पाले में है- अमेरिकी उपराष्ट्रपति इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (J.D. Vance) ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि ईरान के साथ पाकिस्तान में हुई पिछली बातचीत सकारात्मक रही थी। उन्होंने बताया कि उस दौरान अमेरिका की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से रखा गया था और कुछ सकारात्मक संकेत भी मिले थे, हालांकि पूर्ण समझौता नहीं हो सका। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यह भी कहा कि अब “गेंद ईरान के पाले में है” और अमेरिका तेहरान के अगले कदम का इंतजार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों का एक बार फिर बातचीत की मेज पर आना ही कूटनीति की बड़ी जीत है। अब सबकी नजरें गुरुवार को होने वाली इस संभावित वार्ता के नतीजों पर टिकी हुई हैं।