Noida Labour Protest Update : उत्तर प्रदेश। नोएडा में कर्मचारियों का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी उग्र बना हुआ है। मंगलवार को शहर के कई सेक्टरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। सेक्टर 121 में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया, जिससे कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। वहीं सेक्टर 70 में हालात लगभग बेकाबू हो गए और हिंसक झड़पों में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ा
शहर के अन्य हिस्सों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सेक्टर 80 में मजदूरों ने प्रदर्शन तेज कर दिया और कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उपद्रवियों को खदेड़ा। अलग-अलग इलाकों में फैलती हिंसा के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ गई है, हालांकि पुलिस लगातार हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
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पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात
बीते दिन 13 अप्रैल को भी नोएडा में हिंसक प्रदर्शन हुआ था। स्थिति को काबू में रखने के लिए पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर पूरे एनसीआर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
सरकार ने किया अंतरिम बढ़ोतरी का ऐलान
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को राहत देते हुए न्यूनतम वेतन में अंतरिम बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू की गई हैं।
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इसके तहत अकुशल श्रमिकों को 13,690 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। पहले अकुशल मजदूरों को 11,313 रुपये मिलते थे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर 20 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की खबर पूरी तरह भ्रामक है।
कई कंपनियों के बाहर पुलिस टीमें तैनात
14 अप्रैल की सुबह से ही नोएडा जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात है और कर्मचारियों को एक जगह इकट्ठा होने से रोका जा रहा है। कई कंपनियों के बाहर पुलिस टीमें तैनात हैं और कर्मचारियों को कंपनी पहुंचने से पहले ही वापस भेजा जा रहा है। इसके बावजूद फेज-2 क्षेत्र में लक्सर कंपनी के बाहर बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्या कहना है प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का कहना है कि 12 घंटे काम के मुकाबले वेतन बहुत कम है और मौजूदा समय में 11 हजार रुपये में घर चलाना मुश्किल है। वे 20 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग पर अड़े हुए हैं। श्रमिकों ने भत्तों में असमानता और कर्मचारियों को कुछ समय बाद हटाकर दोबारा नियुक्त करने जैसे आरोप भी लगाए हैं।
लक्ष्मी सिंह ने कहा है कि यह प्रदर्शन सुनियोजित तरीके से भड़काया जा रहा है। उनके अनुसार पिछले तीन-चार दिनों में कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए हैं, जिनके जरिए लोगों को उकसाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे संगठित समूह और तकनीकी नेटवर्क काम कर रहा है।
वहीं, अनिल राजभर ने इस हिंसा को राज्य के विकास को बाधित करने की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ श्रमिकों का विरोध नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ी योजना हो सकती है।
अब तक 350 लोग गिरफ्तार
पुलिस ने हिंसा के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 350 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और सभी को जेल भेजा गया है। कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है।
कई महिला पुलिसकर्मी घायल
सेक्टर 121 में पुलिस बस पर हमले में कई महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं। वहीं सेक्टर 63 के थाने पर भी पथराव की घटना सामने आई है। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें उपद्रवी फैक्ट्री के गेट तोड़कर अंदर घुसते और तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं।
फिलहाल पुलिस का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पूरे एनसीआर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
