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Parbhani Hanuman temple incident : परभणी हनुमान मंदिर में छत गिरने से 7 की मौत, 25 घायल; 40 से ज्यादा श्रद्धालु मलबे में दबे

Parbhani Hanuman temple incident

Parbhani Hanuman Temple Incident : महाराष्ट्र। परभणी में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यशवाड़ी देवस्थान स्थित हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभामंडप की छत अचानक गिर गई। हादसे के समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। मलबे के नीचे दबने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। President Jabalpur Visit : राष्ट्रपति आज जबलपुर पहुंचेंगी, 3000+ जवान तैनात; योग दिवस और RDVV दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल प्रसाद वितरण के दौरान ढही निर्माणाधीन छत जानकारी के अनुसार मंदिर के सामने एक नए सभामंडप का निर्माण कार्य चल रहा था। शनिवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक थी। दोपहर के समय कई लोग पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। इसी दौरान निर्माणाधीन ढांचे का सेंट्रिंग स्ट्रक्चर अचानक टूट गया और पूरी छत भरभराकर नीचे गिर गई। देखते ही देखते लोहे की रॉड, बांस और निर्माण सामग्री लोगों के ऊपर आ गिरी, जिससे कई लोग मलबे में फंस गए। Greenfield Corridor : इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन, 2935 करोड़ की परियोजना से बदलेगी मालवा की कनेक्टिविटी CCTV फुटेज में कैद हुआ हादसे का क्षण हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि श्रद्धालु मंदिर परिसर में कतार में खड़े थे और प्रसाद ले रहे थे। इसी बीच निर्माणाधीन छत का सहारा बना ढांचा अचानक कमजोर पड़ गया और कुछ ही सेकंड में पूरी संरचना गिर गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने चलाया बचाव अभियान हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों, मंदिर परिसर में मौजूद लोगों और प्रशासनिक टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने अपने स्तर पर मलबा हटाकर कई घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। संयुक्त प्रयासों से मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया गया। प्रशासन ने घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। Ram Statue Controversy : ढाका में सड़कों पर उतरे हजारों हिंदू! गूंजे ‘जय श्री राम’ के नारे; सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम प्रशासन ने शुरू की जांच जिला कलेक्टर संजय चव्हाण सहित अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे की जानकारी ली। प्रशासन के अनुसार कुल 32 लोग इस दुर्घटना से प्रभावित हुए, जिनमें 7 लोगों की मौत हुई और 25 घायल हुए हैं। हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माणाधीन ढांचा किस कारण से ढहा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यहां देखिये घटना का वीडियो

Greenfield Corridor : इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन, 2935 करोड़ की परियोजना से बदलेगी मालवा की कनेक्टिविटी

Indore-Ujjain Greenfield Corridor

Greenfield Corridor : मध्य प्रदेश। इंदौर के सांवेर विधानसभा क्षेत्र स्थित चंद्रावतीगंज में शनिवार को इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना का विधिवत भूमिपूजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल यह कॉरिडोर मालवा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। 48 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग का होगा निर्माण ग्रीन फील्ड कॉरिडोर लगभग 48 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग होगा, जिसका निर्माण करीब 2935 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। यह सड़क इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के समीप सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगी। परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा समय में कमी आएगी और आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज एवं सुविधाजनक होगा। विशेष रूप से सिंहस्थ महापर्व के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद है। Ram Statue Controversy : ढाका में सड़कों पर उतरे हजारों हिंदू! गूंजे ‘जय श्री राम’ के नारे; सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम किसानों को मिला बाजार दर के आधार पर मुआवजा इस परियोजना के लिए कुल 917 किसानों की 242.939 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है। सरकार की ओर से प्रभावित किसानों को 816 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा प्रदान किया गया है। परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन के बजाय बाजार और बिक्री दरों के आधार पर मुआवजा दिया गया। जानकारी के अनुसार किसानों को सामान्य दरों की तुलना में 4 से 8 गुना अधिक राशि प्रदान की गई है। प्रदेश में इस तरह की व्यवस्था को एक नई पहल माना जा रहा है। Student Suicide Case : NEET के एक और छात्र ने की आत्महत्या, कमरे में फंदे से लटका मिला शव दर्जनों गांवों और लाखों लोगों को होगा फायदा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का सीधा लाभ दोनों जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों को भी मिलेगा। इस परियोजना से इंदौर जिले के 20 और उज्जैन जिले के 8 गांव सीधे जुड़ेंगे। इसके अलावा आसपास के 40 से 50 गांवों के करीब 15 लाख लोगों को बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सिंहस्थ और पर्यटन को मिलेगी नई गति कॉरिडोर बनने के बाद बाहरी राज्यों और अन्य शहरों से आने वाले श्रद्धालु इंदौर एयरपोर्ट से सीधे उज्जैन पहुंच सकेंगे। इससे सिंहस्थ मेले के दौरान शहरों के भीतर ट्रैफिक दबाव कम होगा और यात्रियों का समय भी बचेगा। Paschim Banga Diwas 2026 : 74 साल बाद बदली परंपरा! पहली बार सरकार मनाएगी पश्चिम बंग दिवस, PM मोदी भी होंगे शामिल” इसके अलावा उज्जैन के धार्मिक पर्यटन, व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में मालवा क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Ram Statue Controversy : ढाका में सड़कों पर उतरे हजारों हिंदू! गूंजे ‘जय श्री राम’ के नारे; सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम

Ram Statue Controversy

Ram Statue Controversy : ढाका। बांग्लादेश में भगवान राम की प्रस्तावित प्रतिमा को लेकर नया विवाद सामने आया है। राजधानी ढाका सहित कई इलाकों में हिंदू समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हाल ही में एक विरोध कार्यक्रम के दौरान भगवान राम की तस्वीर का अपमान किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इस घटना के बाद समुदाय के लोगों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर बहस को फिर से तेज कर दिया है। ढाका में निकाला गया मशाल जुलूस शुक्रवार को ढाका में हजारों लोग सड़कों पर उतरे और विरोध मार्च निकाला। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के सदस्यों ने राजधानी के प्रमुख इलाकों में प्रदर्शन करते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। President Jabalpur Visit : राष्ट्रपति आज जबलपुर पहुंचेंगी, 3000+ जवान तैनात; योग दिवस और RDVV दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल इसी को लेकर हिंदू संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। विभिन्न संगठनों ने मानव श्रृंखला बनाकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। क्यों रुका भगवान राम की प्रतिमा का निर्माण? विवाद की जड़ उत्तरी बांग्लादेश के गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी क्षेत्र में बन रही भगवान राम की विशाल प्रतिमा है। यह प्रतिमा एक मंदिर परिसर का हिस्सा है और बताया जा रहा है कि इसका अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना से जुड़े लोगों का कहना है कि उन्हें कुछ समूहों की ओर से विरोध और धमकियां मिलने के बाद निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। CM Yogi Visit MP : CM योगी का पीतांबरा पीठ दर्शन! सुरक्षा में 1.5 घंटे बंद रही आम श्रद्धालुओं की एंट्री, लोगों ने जताई नाराजगी आंदोलन को लेकर हिंदू संगठनों की चेतावनी हिंदू संगठनों ने कहा है कि यदि प्रतिमा निर्माण की अनुमति दोबारा नहीं दी गई और कथित अपमान के मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे देशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की भी घोषणा की है। कुछ संगठनों ने यह भी कहा है कि धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर समुदाय अपनी आवाज उठाता रहेगा। शनिवार को भी विभिन्न स्थानों पर विरोध कार्यक्रम जारी रहने की संभावना जताई गई है। अल्पसंख्यक अधिकारों पर फिर शुरू हुई चर्चा इस घटनाक्रम के बाद बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति और सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हिंदू समुदाय देश का सबसे बड़ा धार्मिक अल्पसंख्यक वर्ग माना जाता है। राजनीतिक नेतृत्व की ओर से बार-बार यह कहा गया है कि सभी नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है। Abu Dhabi NEET Centre : NEET पुनर्परीक्षा से पहले NTA की बड़ी चूक! नागपुर के छात्र को मिला अबूधाबी में परीक्षा केंद्र हालांकि हाल के वर्षों में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की घटनाओं को लेकर चिंताएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे में राम प्रतिमा विवाद ने एक बार फिर सामाजिक सौहार्द, धार्मिक स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

Student Suicide Case : NEET के एक और छात्र ने की आत्महत्या, कमरे में फंदे से लटका मिला शव

MP Student Suicide Case

Student Suicide Case : गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक दुखद मामला सामने आया है। विजयनगर थाना क्षेत्र में NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्र लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और कई प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिलने से मानसिक तनाव का सामना कर रहा था। परीक्षा में सफलता नहीं मिलने से था परेशान पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्र पिछले कुछ वर्षों से NEET परीक्षा की तैयारी में जुटा हुआ था। परिजनों का कहना है कि वह पढ़ाई को लेकर गंभीर था और डॉक्टर बनने का सपना देख रहा था। हालांकि लगातार प्रयासों के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने से वह निराश रहने लगा था। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के दौरान छात्र के मोबाइल फोन से एक वीडियो मिला है, जिसमें उसने परीक्षा से जुड़े तनाव और अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र किया है। President Jabalpur Visit : राष्ट्रपति आज जबलपुर पहुंचेंगी, 3000+ जवान तैनात; योग दिवस और RDVV दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल वीडियो में किसी को नहीं ठहराया जिम्मेदार जांच में सामने आया है कि छात्र ने अपने वीडियो संदेश में किसी व्यक्ति या संस्था को जिम्मेदार नहीं ठहराया। पुलिस ने वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया है और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। Abu Dhabi NEET Centre : NEET पुनर्परीक्षा से पहले NTA की बड़ी चूक! नागपुर के छात्र को मिला अबूधाबी में परीक्षा केंद्र परीक्षा का दबाव और मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ी चर्चा यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को लेकर चर्चा तेज है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शैक्षणिक प्रदर्शन। परिवार, शिक्षकों और संस्थानों को छात्रों के भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि तनाव की स्थिति में समय रहते मदद उपलब्ध कराई जा सके। जल्द होने वाली है NEET-UG पुनर्परीक्षा इसी बीच NEET-UG पुनर्परीक्षा का आयोजन 21 जून को होना है। परीक्षा में देश और विदेश से लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। CM Yogi Visit MP : CM योगी का पीतांबरा पीठ दर्शन! सुरक्षा में 1.5 घंटे बंद रही आम श्रद्धालुओं की एंट्री, लोगों ने जताई नाराजगी प्रशासन और परीक्षा एजेंसियां परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने की तैयारियों में जुटी हुई हैं। इस घटना ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

President Jabalpur Visit : राष्ट्रपति आज जबलपुर पहुंचेंगी, 3000+ जवान तैनात; योग दिवस और RDVV दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल

President Jabalpur Visit

President Jabalpur Visit : जबलपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शनिवार को दो दिवसीय प्रवास पर मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुंचेंगी। वे शाम 6:10 बजे भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से डुमना एयरपोर्ट पहुंचेंगी। एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल उनकी अगवानी करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार समेत प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शनिवार रात जबलपुर पहुंचेंगे। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 3000 से अधिक जवान तैनात राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जबलपुर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। डुमना एयरपोर्ट से लेकर सर्किट हाउस, गैरिसन ग्राउंड और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय तक पूरे वीवीआईपी रूट पर पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। करीब 3000 से अधिक जवान सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। राष्ट्रपति शनिवार रात सर्किट हाउस क्रमांक-1 में विश्राम करेंगी। प्रशासन ने सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है और सुरक्षा एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। Paschim Banga Diwas 2026 : 74 साल बाद बदली परंपरा! पहली बार सरकार मनाएगी पश्चिम बंग दिवस, PM मोदी भी होंगे शामिल” अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में होंगी शामिल रविवार सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वे सुबह गैरिसन ग्राउंड पहुंचकर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में भाग लेंगी। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, विद्यार्थी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। योग दिवस समारोह के लिए भी विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू की गई है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में करेंगी शिरकत योग दिवस कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय पहुंचेंगी, जहां वे विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधियां और स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। हालांकि दीक्षांत समारोह पहले से विवादों में भी है। कुछ शोधार्थियों और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने मंच पर सम्मान नहीं मिलने को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन समारोह को सफल बनाने की तैयारियों में जुटा हुआ है। CM Yogi Visit MP : CM योगी का पीतांबरा पीठ दर्शन! सुरक्षा में 1.5 घंटे बंद रही आम श्रद्धालुओं की एंट्री, लोगों ने जताई नाराजगी री-नीट परीक्षा और VVIP कार्यक्रम से प्रशासन पर दोहरी जिम्मेदारी रविवार को जबलपुर प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के साथ-साथ री-नीट परीक्षा का सफल आयोजन कराना होगी। जिले में परीक्षा के लिए 23 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 10 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। प्रशासन ने छात्रों की सुविधा के लिए विशेष बस सेवा शुरू की है, जो पेंटीनाका चौक से विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक संचालित होगी। परीक्षार्थियों के परिजनों के लिए अस्थायी शेड, पेयजल, कूलर, पंखे और नाश्ते की व्यवस्था भी की गई है। किसी भी यातायात समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 7049158826 जारी किया गया है। 15 किलोमीटर क्षेत्र को घोषित किया नो फ्लाई जोन राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए डुमना एयरपोर्ट, सर्किट हाउस, गैरिसन ग्राउंड, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय और पूरे वीवीआईपी रूट के 15 किलोमीटर क्षेत्र को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। इस अवधि में ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून, पतंग और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। Cancer Medicine Price : MP में कैंसर का इलाज अब और महंगा! दवाएं 50% तक बढ़ी, एक कीमो पर 2-3 हजार एक्स्ट्रा खर्च प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रपति के दौरे, योग दिवस, दीक्षांत समारोह और री-नीट परीक्षा को देखते हुए रविवार को जबलपुर पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में रहेगा।

Abu Dhabi NEET Centre : NEET पुनर्परीक्षा से पहले NTA की बड़ी चूक! नागपुर के छात्र को मिला अबूधाबी में परीक्षा केंद्र

Abu Dhabi NEET Centre

Abu Dhabi NEET Centre : नई दिल्ली। देशभर में 21 जून को होने वाली NEET पुनर्परीक्षा से पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। परीक्षा में शामिल होने जा रहे लाखों छात्रों के बीच नागपुर के एक छात्र के साथ हुई घटना ने परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागपुर निवासी अब्दुल्ला मोहम्मद को पुनर्परीक्षा के लिए जो परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया, वह भारत में नहीं बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबूधाबी में निकला। परीक्षा से महज एक दिन पहले इस गलती की जानकारी मिलने के बाद छात्र और उसका परिवार गहरे तनाव में आ गया है। CM Yogi Visit MP : CM योगी का पीतांबरा पीठ दर्शन! सुरक्षा में 1.5 घंटे बंद रही आम श्रद्धालुओं की एंट्री, लोगों ने जताई नाराजगी पसंदीदा केंद्रों की जगह मिला विदेश का एड्रेस अब्दुल्ला मोहम्मद ने परीक्षा केंद्र के लिए आवेदन करते समय नागपुर, वर्धा और भंडारा जैसे नजदीकी शहरों को अपनी प्राथमिकता में रखा था। इससे पहले हुई परीक्षा में भी उन्हें नागपुर में ही केंद्र मिला था। बावजूद इसके, पुनर्परीक्षा के लिए जारी एडमिट कार्ड में उनका केंद्र अबूधाबी दर्शाया गया। छात्र का कहना है कि उसने कभी विदेश में परीक्षा केंद्र का विकल्प नहीं चुना। ऐसे में अचानक विदेश में केंद्र आवंटित होना समझ से परे है। इस घटना ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और तकनीकी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पासपोर्ट नहीं, फिर कैसे पहुंचे छात्र विदेश? छात्र और उसके परिवार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि उनके पास पासपोर्ट तक नहीं है। ऐसे में परीक्षा से 24 से 48 घंटे पहले पासपोर्ट, वीजा और यात्रा की पूरी प्रक्रिया पूरी करना लगभग असंभव है। छात्र ने तुरंत NTA की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। परिवार का कहना है कि इस तरह की गलती किसी छात्र के भविष्य पर गंभीर असर डाल सकती है। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर ऐसी लापरवाही मानसिक दबाव और अनिश्चितता बढ़ाने वाली है। Paschim Banga Diwas 2026 : 74 साल बाद बदली परंपरा! पहली बार सरकार मनाएगी पश्चिम बंग दिवस, PM मोदी भी होंगे शामिल” शिकायत के बाद NTA ने दिया आश्वासन मामला सामने आने के बाद छात्र ने अधिकारियों से संपर्क किया। जानकारी के अनुसार NTA ने इसे तकनीकी त्रुटि मानते हुए समस्या के समाधान का भरोसा दिया है। छात्र को आश्वासन दिया गया है कि संशोधित एडमिट कार्ड जारी कर उसे नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। हालांकि नया प्रवेश पत्र मिलने तक छात्र और उसके परिवार की चिंता बनी हुई है। परीक्षा की तारीख बेहद करीब होने के कारण समय पर समाधान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक प्रतिक्रिया के बाद बढ़ा मामला इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. अनीस अहमद ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी गलतियां परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। उन्होंने तुरंत संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने की मांग की। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई। Cancer Medicine Price : MP में कैंसर का इलाज अब और महंगा! दवाएं 50% तक बढ़ी, एक कीमो पर 2-3 हजार एक्स्ट्रा खर्च कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और देश को जवाबदेह तथा संवेदनशील परीक्षा प्रणाली की जरूरत है। ऐसे में NEET पुनर्परीक्षा से पहले यह मामला NTA के लिए नई चुनौती बनकर सामने आया है।

Paschim Banga Diwas 2026 : 74 साल बाद बदली परंपरा! पहली बार सरकार मनाएगी पश्चिम बंग दिवस, PM मोदी भी होंगे शामिल”

Paschim Banga Diwas 2026

Paschim Banga Diwas 2026 : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में इस बार 20 जून का दिन खास रहने वाला है। राज्य सरकार पहली बार आधिकारिक तौर पर ‘पश्चिम बंग दिवस’ मनाने जा रही है। हुगली के तारकेश्वर में होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इसके साथ ही कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास भी किया जाएगा। पहली बार सरकार मना रही पश्चिम बंग दिवस अब तक 20 जून को मुख्य रूप से बीजेपी पश्चिम बंगाल के स्थापना दिवस के रूप में मनाती रही है, लेकिन इस बार राज्य सरकार भी इसे आधिकारिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित कर रही है। हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला ऐसा आयोजन होगा। CM Yogi Visit MP : CM योगी का पीतांबरा पीठ दर्शन! सुरक्षा में 1.5 घंटे बंद रही आम श्रद्धालुओं की एंट्री, लोगों ने जताई नाराजगी 20 जून की तारीख क्यों है खास? 20 जून 1947 को बंगाल प्रांतीय विधानसभा में एक अहम बैठक हुई थी। इस दौरान बंगाल के विभाजन के पक्ष में मतदान हुआ, जिससे हिंदू बहुल इलाकों के भारत में बने रहने का रास्ता साफ हुआ। इसी फैसले के बाद पश्चिम बंगाल राज्य के गठन की नींव पड़ी। तारकेश्वर में होगा मुख्य आयोजन सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए हुगली जिले के तारकेश्वर को चुना है। इस स्थान का ऐतिहासिक महत्व भी है। आजादी से पहले यहां हुए एक बड़े सम्मेलन में बंगाल के विभाजन और पश्चिम बंगाल के गठन की मांग को समर्थन मिला था। Indore Ujjain Bhopal Connectivity : ट्रैफिक से मिलेगी राहत ! इंदौर-उज्जैन-भोपाल के बीच बनेंगे नए हाई-स्पीड रूट, एक घंटे में पूरा होगा सफर बदल गया स्थापना दिवस का नजरिया पिछली सरकार ‘पोइला बैशाख’ को राज्य स्थापना दिवस के रूप में मनाती थी। नई सरकार का मानना है कि 20 जून पश्चिम बंगाल के गठन से जुड़ी ऐतिहासिक तारीख है, इसलिए इसे आधिकारिक रूप से मनाया जाना चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी भी तेज बीजेपी नेताओं का कहना है कि 20 जून ही पश्चिम बंगाल के गठन की वास्तविक आधारशिला रखने वाला दिन था। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर अलग राय रखता है। ऐसे में स्थापना दिवस को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। Jahangir Khan Wife Arrested : TMC नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी गिरफ्तार, थाने पर हमले की साजिश का आरोप विकास परियोजनाओं की सौगात इस वर्ष पश्चिम बंग दिवस की थीम “पश्चिम बंगाल: विरासत, सद्भाव और विकास” रखी गई है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। 74 साल बाद पहली बार सरकारी स्तर पर मनाए जा रहे पश्चिम बंग दिवस में क्या-क्या खास होगा और राज्य को कौन-कौन सी नई सौगातें मिलेंगी, यह देखने पर सबकी नजर रहेगी।

CM Yogi Visit MP : CM योगी का पीतांबरा पीठ दर्शन! सुरक्षा में 1.5 घंटे बंद रही आम श्रद्धालुओं की एंट्री, लोगों ने जताई नाराजगी

CM Yogi visits Pitambara Peeth Datia

CM Yogi Visit MP : दतिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह दतिया पहुंचे। वे विशेष विमान से सुबह 10:15 बजे दतिया हवाई पट्टी पर उतरे और वहां से सीधे विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ पहुंचे। मंदिर परिसर में उन्होंने मां बगलामुखी और महाभारत काल से जुड़े वानखंडेश्वर महादेव के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की। मंदिर में उनका प्रवास लगभग 15 मिनट का रहा, जिसके दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था के चलते बंद रहा मंदिर परिसर मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए पीतांबरा पीठ परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वीआईपी मूवमेंट के कारण मंदिर को करीब डेढ़ घंटे तक आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा गया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर के बाहर इंतजार करना पड़ा। सुरक्षा कारणों से कुछ पंडा-पुजारियों के प्रवेश पर भी अस्थायी रोक लगाई गई थी। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाकर गतिविधियों पर नजर रखी। Indore Ujjain Bhopal Connectivity : ट्रैफिक से मिलेगी राहत ! इंदौर-उज्जैन-भोपाल के बीच बनेंगे नए हाई-स्पीड रूट, एक घंटे में पूरा होगा सफर श्रद्धालुओं को करना पड़ा लंबा इंतजार मुख्यमंत्री के दौरे के कारण दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को कुछ समय तक असुविधा का सामना करना पड़ा। ग्वालियर से आए श्रद्धालु दुर्गेश भार्गव ने बताया कि उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर इंतजार करने को कहा गया। वहीं एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वह सुबह जल्दी दर्शन के लिए पहुंची थीं, लेकिन उन्हें लगभग एक घंटे तक बाहर इंतजार करना पड़ा। बाद में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य होने पर श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया गया। Barkatullah University : कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन का इस्तीफा मंजूर, प्रो. विवेक शर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी झांसी में विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क मार्ग से झांसी के लिए रवाना हो गए। झांसी में उनका करीब 20 घंटे का कार्यक्रम निर्धारित है। इस दौरान वे विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे। साथ ही लगभग 1500 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए दतिया और झांसी दोनों जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। Missing Child Ansh Found : 4 दिन बाद मथुरा में सुरक्षित मिला 6 साल का अंश, CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग पीतांबरा पीठ से जुड़ा है यूपी नेताओं का विशेष लगाव दतिया स्थित पीतांबरा पीठ देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। उत्तर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री यहां समय-समय पर दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी यहां पूजा-अर्चना कर चुके हैं। इसके अलावा यूपी सरकार के कई मंत्री मां बगलामुखी और भगवान शिव के दर्शन के लिए नियमित रूप से दतिया आते रहे हैं।

Indore Ujjain Bhopal Connectivity : ट्रैफिक से मिलेगी राहत ! इंदौर-उज्जैन-भोपाल के बीच बनेंगे नए हाई-स्पीड रूट, एक घंटे में पूरा होगा सफर

Indore Ujjain Bhopal Connectivity

Indore Ujjain Bhopal Connectivity : इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार इंदौर, उज्जैन और भोपाल को बेहतर और तेज कनेक्टिविटी देने की तैयारी में है। नए एक्सप्रेस-वे, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और सिग्नल फ्री सड़कों के जरिए ऐसा नेटवर्क बनाया जाएगा, जिससे लोगों का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा। एक घंटे में पहुंच सकेंगे बड़े शहर सरकार ’60 मिनट एक्सेस’ योजना पर काम कर रही है। इसका मकसद ऐसा सड़क और परिवहन नेटवर्क तैयार करना है, जिससे प्रदेश के प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों तक एक घंटे के भीतर पहुंचा जा सके। इंदौर से उज्जैन तक मेट्रो विस्तार की तैयारी इस योजना के तहत इंदौर मेट्रो को आगे बढ़ाकर उज्जैन तक ले जाने की संभावना पर काम किया जा रहा है। इससे दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और यात्रा का समय कम होगा। Jahangir Khan Wife Arrested : TMC नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी गिरफ्तार, थाने पर हमले की साजिश का आरोप बस, रेल और मेट्रो एक-दूसरे से जुड़ेंगे नई व्यवस्था में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मेट्रो स्टेशनों को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को बार-बार वाहन बदलने और लंबा इंतजार करने की परेशानी कम होगी। कर्मचारियों और छात्रों को होगा फायदा औद्योगिक क्षेत्रों, कॉलेजों और रिहायशी इलाकों को सीधे जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इससे रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारियों और छात्रों का समय बचेगा और सफर आसान होगा। मालवा को मिलेगा बड़ा लॉजिस्टिक हब सरकार इस पूरे क्षेत्र को व्यापार और उद्योग के लिए मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से जुड़ाव होने के कारण मालवा क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। Cancer Medicine Price : MP में कैंसर का इलाज अब और महंगा! दवाएं 50% तक बढ़ी, एक कीमो पर 2-3 हजार एक्स्ट्रा खर्च वैश्विक बाजार तक पहुंचेगा कारोबार प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एरोसिटी परियोजना के जरिए मालवा क्षेत्र के व्यापारियों और उद्योगों को देश के साथ-साथ विदेशों के बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। पांच शहरों को जोड़ेंगे सिग्नल फ्री रूट योजना के तहत इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और शाजापुर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों को सिग्नल फ्री बनाया जाएगा। इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रा का समय भी घटेगा। औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा फायदा पीथमपुर, सांवेर और रतलाम जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे माल परिवहन तेज होगा और उद्योगों को नई गति मिलेगी। Karnataka MLC Elections : कर्नाटक MLC चुनाव में क्रॉस वोटिंग से BJP में हलचल, प्रदेश नेतृत्व सेदिल्ली में मांगा जवाब क्या बदलेगा? इंदौर-उज्जैन-भोपाल के बीच तेज कनेक्टिविटी कई प्रमुख मार्ग होंगे सिग्नल फ्री इंदौर मेट्रो का उज्जैन तक विस्तार बस, रेल और मेट्रो का एकीकृत नेटवर्क छात्रों और कर्मचारियों का समय बचेगा मालवा क्षेत्र को मिलेगा नया आर्थिक और औद्योगिक बल

Cancer Medicine Price : MP में कैंसर का इलाज अब और महंगा! दवाएं 50% तक बढ़ी, एक कीमो पर 2-3 हजार एक्स्ट्रा खर्च

MP Cancer Medicines

Cancer Medicine Price : भोपाल। मध्य प्रदेश में कैंसर मरीजों के लिए इलाज अब पहले से अधिक महंगा हो गया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कैंसर उपचार में सबसे अधिक उपयोग होने वाली दो प्रमुख कीमोथेरेपी दवाओं सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन दवाओं के महंगे होने से कैंसर के इलाज का कुल खर्च 50 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इसका सीधा असर उन मरीजों पर पड़ेगा जिन्हें कई चरणों में कीमोथेरेपी लेनी पड़ती है। अब एक कीमो साइकिल पर मरीजों को 2 से 3 हजार रुपए तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। कई प्रकार के कैंसर के इलाज में होती हैं इस्तेमाल ऑन्कोलॉजिस्ट के अनुसार सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन का उपयोग ओवरी, फेफड़े, स्तन, सर्वाइकल, सिर और गर्दन, अंडकोष तथा गॉलब्लैडर समेत कई प्रकार के कैंसर के इलाज में किया जाता है। अधिकांश मरीजों को चार से छह या उससे अधिक कीमो साइकिल की आवश्यकता होती है। ऐसे में दवाओं की कीमत बढ़ने से पूरे इलाज पर हजारों से लेकर लाखों रुपए तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। यही वजह है कि इन दवाओं को कैंसर उपचार की रीढ़ माना जाता है। Jahangir Khan Wife Arrested : TMC नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी गिरफ्तार, थाने पर हमले की साजिश का आरोप अस्पतालों में दवाओं की कमी ने बढ़ाई चिंता दवाओं की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ उनकी उपलब्धता भी बड़ी समस्या बन गई है। भोपाल सहित प्रदेश के कई कैंसर अस्पतालों में कीमोथेरेपी की ये जरूरी दवाएं लगभग खत्म हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। लंबे समय तक घाटे की वजह से कई दवा कंपनियों ने इन दवाओं का उत्पादन कम कर दिया था या अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। हालांकि अब कंपनियों ने उत्पादन दोबारा शुरू कर दिया है, लेकिन मांग के अनुसार सप्लाई सामान्य होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। अमेरिका-ईरान तनाव का भारत पर असर पेट्रोल और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें अक्सर चर्चा में रहती हैं, लेकिन अब वैश्विक तनाव का असर कैंसर मरीजों तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष और अन्य अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण प्लैटिनम आधारित दवाओं के कच्चे माल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर कैंसर की सात प्रमुख श्रेणियों के इलाज पर पड़ रहा है। अनुमान है कि हर 100 में से लगभग 70 मरीज इन दवाओं की कमी और महंगाई से प्रभावित हो सकते हैं। Missing Child Ansh Found : 4 दिन बाद मथुरा में सुरक्षित मिला 6 साल का अंश, CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग इलाज के तरीके बदलने को मजबूर डॉक्टर मुंबई के कामा एवं एल्ब्लेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तुषार पाल्वे के अनुसार सिस्प्लैटिन, कार्बोप्लैटिन और ऑक्सालिप्लैटिन जैसी दवाओं की भारी कमी के कारण डॉक्टरों को इलाज की स्थापित पद्धतियों में बदलाव करना पड़ रहा है। कई सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भी इस संकट से प्रभावित हुए हैं। हालांकि अन्य कीमोथेरेपी दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ विशेष प्रकार के कैंसर में प्लैटिनम आधारित दवाओं का विकल्प सीमित होता है। ऐसे में मरीजों के इलाज की गुणवत्ता और परिणाम दोनों प्रभावित हो सकते हैं। युद्ध और महंगे कच्चे माल ने बढ़ाई लागत विशेषज्ञों के अनुसार इन दवाओं में उपयोग होने वाला कच्चा माल मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका, रूस और अन्य देशों से आयात किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्लैटिनम और अन्य एपीआई (API) की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा परिवहन और आयात लागत भी बढ़ी है। चूंकि ये दवाएं मूल्य नियंत्रण के दायरे में आती हैं, इसलिए कंपनियां लंबे समय तक बढ़ी हुई लागत को मरीजों पर नहीं डाल पा रही थीं। यही वजह रही कि कई कंपनियों ने उत्पादन कम कर दिया, जिससे बाजार में कमी और अधिक बढ़ गई। Keralam Budget 2026 : मंदिरों के विकास से ‘मिशन समुद्र’ तक, VD सतीशन के पहले बजट में केरलम को जनिए क्या मिला? सरकार ने दी कीमत बढ़ाने की मंजूरी केंद्र सरकार ने दवाओं की कमी और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी को देखते हुए सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन की कीमत बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद अब इन दवाओं की कीमतों में 10 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे दवा कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी और बाजार में उपलब्धता सुधरेगी। 30 साल से सबसे भरोसेमंद मानी जाती है सिस्प्लैटिन भोपाल के वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. टी.पी. साहू के अनुसार सिस्प्लैटिन पिछले दो से तीन दशकों से कैंसर उपचार की सबसे भरोसेमंद दवाओं में शामिल रही है। रेडियोथेरेपी के साथ इसका उपयोग इलाज के परिणाम बेहतर बनाता है। खास बात यह है कि जहां सिस्प्लैटिन आधारित इलाज अपेक्षाकृत कम खर्च में पूरा हो जाता है, वहीं इसके कई आधुनिक विकल्प लाखों रुपए तक महंगे हो सकते हैं। यही कारण है कि मध्यम और निम्न आय वर्ग के मरीजों के लिए यह दवा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। MP Student Suicide Case : NEET परीक्षा का दबाव या हादसा? इंदौर में छात्रा की मौत, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच देश की 70% कीमोथेरेपी में होता है उपयोग गांधी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर डॉ. ओ.पी. सिंह के अनुसार देश में होने वाली लगभग 70 प्रतिशत कीमोथेरेपी रेजिमेंस में सिस्प्लैटिन का उपयोग किया जाता है। इसका अर्थ है कि हर दस में से सात मरीजों के इलाज में यह दवा किसी न किसी रूप में शामिल रहती है। ऐसे में इसकी कमी या कीमत में बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर लाखों मरीजों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और दवा कंपनियों को मिलकर इस संकट का जल्द समाधान निकालना चाहिए ताकि मरीजों का इलाज प्रभावित न हो।