Jahangir Khan Wife Arrested : TMC नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी गिरफ्तार, थाने पर हमले की साजिश का आरोप

Jahangir Khan Wife Arrested : कोलकता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विवादित नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पुलिस थाने पर हमला कराने और अपने पति को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की साजिश रचने का आरोप है। इस कार्रवाई के साथ ही राज्य में TMC नेताओं से जुड़े विवाद और ‘कट मनी’ जैसे पुराने मुद्दे फिर से चर्चा में आ गए हैं। थाने पर हमले के मामले में हुई गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल पुलिस ने शनिवार सुबह दक्षिण 24 परगना जिले के जुलपिया इलाके से शारिका बीबी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 17 जून को फालता पुलिस स्टेशन पर बड़ी संख्या में समर्थकों ने हमला किया था। आरोप है कि इस हमले का उद्देश्य जहांगीर खान को पुलिस हिरासत से छुड़ाना था। भीड़ ने थाने के बाहर जमकर हंगामा किया और पुलिस पर पत्थरबाजी भी की। इस मामले में शारिका बीबी के अलावा 26 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हमले के पीछे की साजिश का पता लगाने की कोशिश कर रही है। Jahangir Khan Wife Arrested : TMC नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी गिरफ्तार, थाने पर हमले की साजिश का आरोप जहांगीर खान पर पहले से गंभीर आरोप जहांगीर खान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में फालता सीट से TMC उम्मीदवार रहे थे। उन्हें 8 जून को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था। उन पर अवैध वसूली, दबाव बनाकर धन उगाही और महिलाओं को गैंगरेप की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद उनके दो वीडियो भी सामने आए थे। इन वीडियो में पुलिस उन्हें शहर में घुमाती हुई दिखाई दी थी। वीडियो में वह लोगों से कान पकड़कर और हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए थे। इन तस्वीरों और वीडियो ने पूरे राज्य में राजनीतिक बहस को जन्म दिया था। ‘पुष्पा’ स्टाइल छवि बनाकर चर्चा में आए थे जहांगीर फालता क्षेत्र में जहांगीर खान का लंबे समय तक प्रभाव माना जाता रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुद को फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की तरह पेश किया था। वह अक्सर फिल्म का चर्चित संवाद बोलते थे और खुद को ऐसे नेता के रूप में दिखाते थे जो किसी दबाव के सामने झुकता नहीं है। हालांकि विधानसभा चुनाव के दौरान हालात बदल गए। चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद यहां दोबारा मतदान कराया गया था। मतदान से ठीक पहले जहांगीर ने चुनावी मैदान से हटने की घोषणा कर दी थी। इसके बावजूद चुनाव परिणाम में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और इसके बाद वह सार्वजनिक रूप से कम दिखाई दिए। Missing Child Ansh Found : 4 दिन बाद मथुरा में सुरक्षित मिला 6 साल का अंश, CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग गिरफ्तारी से पहले कानूनी राहत की कोशिश जहांगीर खान ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी और गिरफ्तारी से राहत की मांग की थी। उनका कहना था कि उनके खिलाफ लगातार नए आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि कानूनी प्रक्रिया के बीच पुलिस ने उन्हें नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को आशंका थी कि वह राज्य से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। पिछले दिनों TMC नेताओं पर जनता का गुस्सा पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में कई TMC नेताओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश देखने को मिला है। कोलकाता में गिरफ्तार एक TMC पार्षद की गाड़ी पर लोगों ने अंडे फेंके थे। वहीं कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को लोगों के गुस्से का सामना करते हुए देखा गया। एक वीडियो में एक स्थानीय नेता कथित रूप से पुलिस और भीड़ से बचने के लिए छिपता हुआ नजर आया। दूसरे मामले में लोगों ने एक नेता का सिर मुंडवाकर उसकी सार्वजनिक परेड निकाली। इन घटनाओं ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कूचबिहार में बिस्तर के नीचे छिपा मिला नेता कूचबिहार जिले में भी एक TMC नेता का वीडियो काफी चर्चा में रहा। आरोप था कि उसने सरकारी आवास योजना में लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से कमीशन लिया था। जब ग्रामीणों ने जवाब मांगा तो बड़ी संख्या में लोग उसके घर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर नेता कथित रूप से घर के कमरे में जाकर बिस्तर के नीचे छिप गया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित बाहर निकालकर थाने ले गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। NEET re-exam 2026 : नीट-यूजी के लिए अलर्ट! केंद्रों पर CCTV-जैमर, स्पेशल ट्रेन समेत छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं ‘कट मनी’ विवाद फिर बना बड़ा मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘कट मनी’ लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। इसका मतलब सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले कथित तौर पर कमीशन लेना माना जाता है। भाजपा लगातार इस मुद्दे को उठाती रही है। वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि यदि किसी ने लोगों से पैसे लिए हैं तो उन्हें वापस कर देना चाहिए। इसके बाद कई इलाकों में लोगों ने स्थानीय नेताओं से पैसे लौटाने की मांग शुरू कर दी थी। हाल ही में भी कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें स्थानीय नेताओं पर लोगों को कथित तौर पर पैसे लौटाने का दबाव दिखाई दिया। इसी वजह से ‘कट मनी’ का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
Missing Child Ansh Found : 4 दिन बाद मथुरा में सुरक्षित मिला 6 साल का अंश, CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग

Missing Child Ansh Found : मध्य प्रदेश। भोपाल से चार दिन पहले लापता हुआ 6 वर्षीय अंश मैना उत्तर प्रदेश के मथुरा में सुरक्षित मिल गया है। बच्चे के मिलने के बाद उसके परिवार ने राहत की सांस ली है। भोपाल पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी और कई टीमों को इस अभियान में लगाया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से अंश का पता लगाया। फिलहाल बच्चे को सुरक्षित कस्टडी में लिया गया है और उसे जल्द भोपाल लाया जाएगा। NEET re-exam 2026 : नीट-यूजी के लिए अलर्ट! केंद्रों पर CCTV-जैमर, स्पेशल ट्रेन समेत छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं अस्पताल के पास से हुआ था लापता जानकारी के अनुसार अंश मैना भोपाल के ईदगाह हिल्स क्षेत्र स्थित बाजपेयी नगर का निवासी है। उसकी मां इलाज के लिए मल्टी केयर अस्पताल में भर्ती थीं। इसी दौरान अंश अस्पताल परिसर और उसके आसपास खेल रहा था। मंगलवार को अचानक वह वहां से गायब हो गया। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। Karnataka MLC Elections : कर्नाटक MLC चुनाव में क्रॉस वोटिंग से BJP में हलचल, प्रदेश नेतृत्व सेदिल्ली में मांगा जवाब पुलिस ने चलाया व्यापक सर्च ऑपरेशन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस की कई टीमें और क्राइम ब्रांच इस सर्च ऑपरेशन में शामिल की गईं। पुलिस कमिश्नर स्तर पर पूरे मामले की निगरानी की जा रही थी। अंश की तलाश के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर के प्रमुख स्थानों की जांच की गई। साथ ही आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। CCTV फुटेज बना जांच का अहम सुराग जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज मिला, जिसमें अंश ट्रेन में अकेले बैठता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने रेलवे रूट और तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। लगातार चार दिन तक चली तलाश के बाद पुलिस को अंश की लोकेशन मथुरा में मिली। इसके बाद टीम ने उसे सुरक्षित बरामद कर लिया। Keralam Budget 2026 : मंदिरों के विकास से ‘मिशन समुद्र’ तक, VD सतीशन के पहले बजट में केरलम को जनिए क्या मिला? अब जानने की कोशिश कर रही है पुलिस पुलिस के अनुसार अंश सुरक्षित है और उसकी हालत सामान्य है। अब अधिकारी उससे बातचीत कर यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि वह भोपाल से मथुरा तक कैसे पहुंचा और इस दौरान उसके साथ कौन था। इस मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
Barkatullah University : कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन का इस्तीफा मंजूर, प्रो. विवेक शर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Barkatullah University : मध्य प्रदेश। भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर एस.के. जैन का इस्तीफा राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इस फैसले के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे में नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। राजभवन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, नए स्थायी कुलगुरु की नियुक्ति होने तक विश्वविद्यालय का संचालन अंतरिम व्यवस्था के तहत किया जाएगा। इस घटनाक्रम को उच्च शिक्षा जगत में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। 18 जून को सौंपा था इस्तीफा जानकारी के अनुसार प्रो. एस.के. जैन ने 18 जून को अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद राजभवन स्तर पर मामले की समीक्षा की गई और राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इस्तीफे की स्वीकृति के साथ ही संबंधित आदेश जारी कर दिए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं ताकि शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों। Keralam Budget 2026 : मंदिरों के विकास से ‘मिशन समुद्र’ तक, VD सतीशन के पहले बजट में केरलम को जनिए क्या मिला? प्रो. विवेक शर्मा संभालेंगे कुलगुरु का अतिरिक्त प्रभार राज्यपाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि स्थायी कुलगुरु की नियुक्ति होने तक प्रोफेसर विवेक शर्मा को कुलगुरु का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे अंतरिम कुलगुरु के रूप में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, शैक्षणिक और अन्य आवश्यक कार्यों की निगरानी करेंगे। नई नियुक्ति होने तक विश्वविद्यालय के सभी महत्वपूर्ण निर्णय और संचालन उनकी देखरेख में किए जाएंगे। इससे विश्वविद्यालय के नियमित कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने की उम्मीद है। Zero-Tolerance Policy : CM मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति का असर! सोम डिस्टिलरीज के लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन निरस्त विवादों के बीच आया इस्तीफा गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन विभिन्न विवादों और विरोध प्रदर्शनों को लेकर चर्चा में रहे थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था और कई मुद्दों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाए थे। ऐसे में उनके इस्तीफे और उसके तुरंत स्वीकार किए जाने को विश्वविद्यालय में चल रहे प्रशासनिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इस्तीफे के कारणों को लेकर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। MP Student Suicide Case : NEET परीक्षा का दबाव या हादसा? इंदौर में छात्रा की मौत, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच नई नियुक्ति तक जारी रहेगी अंतरिम व्यवस्था फिलहाल बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में स्थायी कुलगुरु की नियुक्ति होने तक अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी। अब विश्वविद्यालय समुदाय की नजर नए कुलगुरु की नियुक्ति प्रक्रिया पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में राजभवन द्वारा इस संबंध में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। तब तक प्रो. विवेक शर्मा विश्वविद्यालय की प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते रहेंगे।
Karnataka MLC Elections : कर्नाटक MLC चुनाव में क्रॉस वोटिंग से BJP में हलचल, प्रदेश नेतृत्व सेदिल्ली में मांगा जवाब

Karnataka MLC Elections : बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने भाजपा के भीतर हलचल बढ़ा दी है। क्रॉस वोटिंग की खबरों के बाद पार्टी आलाकमान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के शीर्ष नेताओं को दिल्ली बुलाया है। भाजपा अब उन विधायकों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया। दिल्ली तलब हुए कर्नाटक के बड़े नेता सूत्रों के मुताबिक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और राज्य प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल को 23 जून को दिल्ली बुलाया है। पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट और स्पष्टीकरण चाहता है। Keralam Budget 2026 : मंदिरों के विकास से ‘मिशन समुद्र’ तक, VD सतीशन के पहले बजट में केरलम को जनिए क्या मिला? कांग्रेस को मिला बड़ा फायदा विधान परिषद की सात सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं भाजपा को सिर्फ दो सीटें मिलीं, जबकि उसकी सहयोगी जेडी(एस) एक भी सीट नहीं जीत सकी। क्रॉस वोटिंग ने बढ़ाई चिंता चुनाव नतीजों के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि भाजपा और जेडी(एस) के कुछ विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस को अनुमान से अधिक वोट मिले, जिससे क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को बल मिला है। भाजपा-जेडी(एस) के कई विधायक घेरे में प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भाजपा के करीब तीन और जेडी(एस) के आठ विधायकों पर पार्टी लाइन से अलग मतदान करने का संदेह है। इसके अलावा भाजपा के एक विधायक का वोट अमान्य भी घोषित किया गया। NEET re-exam 2026 : नीट-यूजी के लिए अलर्ट! केंद्रों पर CCTV-जैमर, स्पेशल ट्रेन समेत छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं धोखा देने वालों पर होगी कार्रवाई भाजपा नेता आर. अशोक ने कहा कि पार्टी के साथ विश्वासघात करने वालों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संगठन ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लेगा। विजयेंद्र बोले- पूरी जानकारी के बाद होगा फैसला प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि पार्टी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्रॉस वोटिंग किसने और किन कारणों से की। पूरी जानकारी सामने आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। Telegram Ban : जारी रहेगा टेलीग्राम पर बैन, दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका कौन जीता, कौन हारा? कांग्रेस के विजेता: थिप्पन्नप्पा कमकनूर, पी.वी. मोहन, बी.के. हरिप्रसाद, बी.एस. शिवन्ना और विनय कार्तिक प्रकाश। भाजपा के विजेता: लिंगराज पाटिल और रघु आर। जेडी(एस): उम्मीदवार गोविंदराजू चुनाव हार गए और पार्टी का खाता नहीं खुल सका। अब सबकी नजर दिल्ली बैठक पर क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बाद भाजपा संगठन में मंथन शुरू हो गया है। 23 जून को दिल्ली में होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
Keralam Budget 2026 : मंदिरों के विकास से ‘मिशन समुद्र’ तक, VD सतीशन के पहले बजट में केरलम को जनिए क्या मिला?

Kerala Budget 2026 : तिरुवनंतपुरम। केरलम की नई UDF सरकार ने अपना पहला बजट पेश कर दिया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने वित्तीय चुनौतियों के बीच पर्यटन, शिक्षा, रोजगार, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, समुद्री अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर फोकस करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार का दावा है कि यह बजट अगले पांच वर्षों के विकास का रोडमैप साबित होगा। वित्तीय संकट के बीच विकास का खाका बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री सतीशन ने माना कि राज्य गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। बढ़ते कर्ज और सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार ने रोजगार बढ़ाने, शिक्षा को मजबूत करने और सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्राथमिकता देने का भरोसा जताया। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा सरकार ने केरल के प्रमुख मंदिरों को विकसित कर धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की घोषणा की है। सबरीमाला, गुरुवायूर, कोट्टियूर और तिरुवल्लम समेत कई धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। MP Student Suicide Case : NEET परीक्षा का दबाव या हादसा? इंदौर में छात्रा की मौत, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच मिशन समुद्र’ पर 400 करोड़ केरल को वैश्विक समुद्री केंद्र बनाने के लिए सरकार ने ‘मिशन समुद्र’ शुरू करने का ऐलान किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बंदरगाहों का विकास, समुद्री नीति तैयार करना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संग्रहालय की स्थापना शामिल है। युवाओं और रोजगार पर खास फोकस भविष्य की नौकरियों और कौशल की जरूरतों को समझने के लिए ‘ग्लोबल जॉब वॉच टावर’ बनाया जाएगा। यह संस्था रोजगार के नए अवसरों और बदलती स्किल जरूरतों पर नजर रखेगी। साथ ही स्टार्टअप और तकनीकी उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। शिक्षा क्षेत्र में बड़े फैसले सरकार ने ‘केरल नॉलेज वैली’ परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य राज्य को उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाना और छात्रों के विदेश पलायन को रोकना है। इसके अलावा अकादमिक परिषद का गठन, विदेशी छात्रों को आकर्षित करने की योजना और ओलंपिक विजन-2036 जैसे कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। Telegram Ban : जारी रहेगा टेलीग्राम पर बैन, दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका महिलाओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए विशेष परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। पुलिस थानों में महिला अधिकारियों की तैनाती बढ़ाई जाएगी। वहीं महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना जारी रखने के लिए केएसआरटीसी को 600 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। स्वास्थ्य और बीमा योजना सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नाम पर नई स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसका मकसद आम परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है। बुनियादी ढांचे को मिलेगी रफ्तार तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड में लाइट मेट्रो परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए शुरुआती राशि मंजूर की गई है। परिवहन क्षेत्र के लिए 1,578 करोड़ रुपये और पर्यटन क्षेत्र के लिए 325 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। Bhopal Gift City : भोपाल में बनेगी गुजरात जैसी गिफ्ट सिटी, आईटी और टेक सेक्टर में निवेश बढ़ाने की तैयारी सामाजिक कल्याण और छात्र हित रैगिंग रोकने के लिए नया कानून और छात्र कल्याण तंत्र लागू किया जाएगा। अनुसूचित जाति-जनजाति समुदाय के लिए नई आवास योजना शुरू होगी। दिव्यांगजनों के लिए बाधा-मुक्त पर्यटन को बढ़ावा देने की भी घोषणा की गई है। वन्यजीव संघर्ष और पर्यावरण पर ध्यान मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए 192 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है। प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किए जाएंगे और वन्यजीव संरक्षण के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे। Student Suicides : NEET री-एग्जाम के दबाव से एक और छात्रा ने की खुदकुशी, अब तक 10 मौतें बजट की प्रमुख घोषणाएं मंदिरों और धार्मिक पर्यटन का विकास मिशन समुद्र के लिए 400 करोड़ रुपये केरल नॉलेज वैली के लिए 100 करोड़ रुपये मुफ्त बस यात्रा योजना के लिए 600 करोड़ रुपये ग्लोबल जॉब वॉच टावर की स्थापना ओमन चांडी स्वास्थ्य बीमा योजना तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड में लाइट मेट्रो परियोजना स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा महिला सुरक्षा और रैगिंग विरोधी कदम परिवहन क्षेत्र को 1,578 करोड़ रुपये का आवंटन
NEET re-exam 2026 : नीट-यूजी के लिए अलर्ट! केंद्रों पर CCTV-जैमर, स्पेशल ट्रेन समेत छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं

NEET re-exam 2026 : भोपाल। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 21 जून को आयोजित की जाएगी। परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, जबकि किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी रोकने के लिए जैमर लगाए जाएंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक केंद्र के बाहर बड़ी घड़ियां लगाई जाएंगी, ताकि समय को लेकर किसी प्रकार की परेशानी न हो। भोपाल में 13 हजार से अधिक छात्र देंगे परीक्षा राजधानी भोपाल में इस बार 13 हजार 774 परीक्षार्थी NEET-UG में शामिल होंगे। इसके लिए शहर में 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी केंद्र प्रभारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन केंद्रों के नाम एक जैसे हैं, वहां स्पष्ट दिशा-निर्देश और साइन बोर्ड लगाए जाएं, ताकि छात्रों को भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े। MP Student Suicide Case : NEET परीक्षा का दबाव या हादसा? इंदौर में छात्रा की मौत, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच ट्रैफिक और पहुंच व्यवस्था पर विशेष फोकस प्रशासन ने उन इलाकों की पहचान की है जहां परीक्षा के दिन ट्रैफिक या पार्किंग की समस्या हो सकती है। हमीदिया रोड और पुराने शहर के कुछ हिस्सों में मेट्रो निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले रास्तों पर विशेष संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दिन सड़क किनारे खड़ी वाहनों को तुरंत हटाया जाए, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की देरी का सामना न करना पड़े। परीक्षा केंद्रों पर मिलेंगी ये सुविधाएं सभी परीक्षा केंद्रों पर दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। प्रवेश द्वार और परिसर के अंदर पुलिस बल तैनात रहेगा। महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग फ्रिस्किंग व्यवस्था होगी। बिजली बाधित होने की स्थिति में जनरेटर उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, ओआरएस, प्राथमिक उपचार किट, डॉक्टरों की टीम, शौचालय और क्लॉक रूम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। अभिभावकों के लिए केंद्रों के बाहर टेंट लगाए जाएंगे, ताकि उन्हें धूप और बारिश से राहत मिल सके। रेलवे ने चलाई विशेष ट्रेन NEET परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इंदौर, रतलाम और भोपाल के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य दूर-दराज के जिलों से आने वाले विद्यार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए विशेष कोचों की व्यवस्था भी की गई है। Zero-Tolerance Policy : CM मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति का असर! सोम डिस्टिलरीज के लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन निरस्त ग्वालियर और जबलपुर में भी कड़े इंतजाम ग्वालियर में 25 परीक्षा केंद्रों पर करीब 5 हजार छात्र परीक्षा देंगे। यहां बायोमेट्रिक उपस्थिति, सीसीटीवी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 1 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं जबलपुर में पहली बार विद्यार्थियों के लिए बस सेवा शुरू की गई है। यहां 23 केंद्रों पर 10 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सभी केंद्रों पर जैमर, बायोमेट्रिक मशीनें और सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पिछली बार नीट पेपर लीक के कारण लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ था। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस बार ऐसी कोई गलती न हो और परीक्षा पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई जाए। Bhopal Gift City : भोपाल में बनेगी गुजरात जैसी गिफ्ट सिटी, आईटी और टेक सेक्टर में निवेश बढ़ाने की तैयारी अफवाहों पर ध्यान न दें छात्र वहीं, प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि नीट परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पूरे भरोसे व आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हों। सरकार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
MP Student Suicide Case : NEET परीक्षा का दबाव या हादसा? इंदौर में छात्रा की मौत, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

MP Student Suicide Case : मध्य प्रदेश। इंदौर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। छात्रा गुरुवार देर रात एक इमारत से नीचे गिर गई थी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। पहले निजी अस्पताल में उपचार शुरू किया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे एमवाय अस्पताल रेफर किया गया। शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बहन के साथ रहकर कर रही थी परीक्षा की तैयारी पुलिस के अनुसार छात्रा अवंतिका मौर्य अपनी बड़ी बहन के साथ इंदौर में रह रही थी। परिवार के मुताबिक वह लंबे समय से NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। हाल के दिनों में वह मानसिक रूप से परेशान दिखाई दे रही थी। परिजनों ने बताया कि परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम और भविष्य को लेकर वह चिंतित थी। घटना वाले दिन भी वह सामान्य से कम बातचीत कर रही थी और काफी शांत नजर आ रही थी। Student Suicides : NEET री-एग्जाम के दबाव से एक और छात्रा ने की खुदकुशी, अब तक 10 मौतें घटना से पहले परिजनों से हुई थी बातचीत जानकारी के अनुसार घटना से कुछ समय पहले छात्रा अपने रिश्तेदारों से फोन पर बात कर रही थी। इसके बाद वह इमारत की ऊपरी मंजिल की ओर गई। कुछ देर बाद उसके घायल होने की सूचना मिली। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल एम्बुलेंस तथा पुलिस को सूचना दी गई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। पुलिस मोबाइल और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही भंवरकुआं थाना पुलिस ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। छात्रा के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। Telegram Ban : जारी रहेगा टेलीग्राम पर बैन, दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका डॉक्टर बनने का था सपना परिवार और रिश्तेदारों के अनुसार अवंतिका का सपना डॉक्टर बनने का था। वह लगातार NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी और भविष्य को लेकर कई योजनाएं बना रही थी। परिजनों का कहना है कि उसने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास जारी रखा था। उसकी अचानक मौत से परिवार और परिचित गहरे सदमे में हैं।
Zero-Tolerance Policy : CM मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति का असर! सोम डिस्टिलरीज के लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन निरस्त

Zero-Tolerance Policy : भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार ने आबकारी नियमों के उल्लंघन और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के चलते सोम डिस्टिलरीज समूह को बड़ा झटका दिया है। समूह द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए गए विभिन्न आबकारी लाइसेंसों के नवीनीकरण संबंधी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों, राजस्व चोरी और कानून के उल्लंघन के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद हुआ विस्तृत परीक्षण आबकारी विभाग ने बताया कि इस मामले में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का गंभीरता से परीक्षण किया गया। इसके बाद संबंधित सभी दस्तावेजों, जांच प्रतिवेदनों, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायालयों में प्रस्तुत अभिलेखों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि निर्णय लेने से पहले सभी तथ्यों को ध्यानपूर्वक परखा गया, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी मानकों के अनुरूप रहे। Telegram Ban : जारी रहेगा टेलीग्राम पर बैन, दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका कई मामलों में सामने आए थे गंभीर आरोप सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार समूह से जुड़े कई मामलों में अवैध शराब परिवहन, कूटरचित परमिटों के उपयोग और आबकारी नियमों के उल्लंघन से संबंधित प्रकरण सामने आए थे। इन मामलों में राज्य सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी शामिल रहे हैं। कई प्रकरण न्यायालयों के समक्ष विचाराधीन रहे, जिनमें उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों की जांच की गई। सरकार ने माना कि ऐसे मामलों को नजरअंदाज करना सार्वजनिक हित और कानून व्यवस्था दोनों के लिए उचित नहीं होगा। Bhopal Gift City : भोपाल में बनेगी गुजरात जैसी गिफ्ट सिटी, आईटी और टेक सेक्टर में निवेश बढ़ाने की तैयारी दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया कि लाइसेंस नवीनीकरण आवेदनों को निरस्त करने का फैसला उपलब्ध दस्तावेजों और जांच रिपोर्टों के आधार पर लिया गया है। विभाग का कहना है कि राज्य में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी कानून के विरुद्ध कार्य करने वालों पर इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
President MP Visit : राष्ट्रपति बोलीं- स्क्रीनिंग लक्ष्य समय से पहले पूरा ! विश्व सिकल सेल दिवस पर MP बना आगे, CM का बड़ा बयान

President MP Visit : ओंकारेश्वर। विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं। उन्होंने सिकल सेल एनीमिया से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न स्टॉलों पर चल रहे जागरूकता एवं शोध कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान सिकल सेल एनीमिया के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने और प्रभावी उपचार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने मध्य प्रदेश की उपलब्धियों की सराहना की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है और कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। राष्ट्रपति ने बताया कि वर्ष 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर तय किए गए स्क्रीनिंग लक्ष्य को राज्य ने निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया है। अब तक सवा करोड़ से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। Telegram Ban : जारी रहेगा टेलीग्राम पर बैन, दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका लोगों को दिए गए जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड राष्ट्रपति ने कहा कि स्क्रीनिंग के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी वितरित किए गए हैं। इससे लोगों को बीमारी की प्रकृति और उसके जोखिमों के बारे में जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन ने इस बीमारी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह केवल स्वास्थ्य से जुड़ा अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी बड़ा प्रयास है। वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वास्थ्य संस्थानों का सहयोग राष्ट्रपति ने बताया कि इस मिशन की सफलता के पीछे कई संस्थानों का योगदान रहा है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), विभिन्न स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने खुशी जताई कि अब आधुनिक चिकित्सा के साथ आयुर्वेद में भी इस बीमारी पर शोध किए जा रहे हैं। प्रदर्शनी में इन प्रयासों की झलक देखने को मिली। Bhopal Gift City : भोपाल में बनेगी गुजरात जैसी गिफ्ट सिटी, आईटी और टेक सेक्टर में निवेश बढ़ाने की तैयारी 2027 तक सभी लक्षित लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य कार्यक्रम में बताया गया कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक सभी लक्षित लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग पूरी करना है। इसके बाद उपचार और बीमारी के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि समय पर जांच और जागरूकता के माध्यम से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। जनजातीय क्षेत्रों में इस अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया अभियान का रोडमैप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन अभियान को प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 1 करोड़ 32 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। वर्ष 2027 तक 1 करोड़ 60 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल के योगदान की भी सराहना की और कहा कि उनकी लगातार निगरानी से अभियान को गति मिली है। Student Suicides : NEET री-एग्जाम के दबाव से एक और छात्रा ने की खुदकुशी, अब तक 10 मौतें जागरूकता फैलाने वालों का हुआ सम्मान कार्यक्रम में सिकल सेल मरीजों, नियमित रक्तदाताओं और जागरूकता अभियान में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। आयोजन स्थल पर लगी प्रदर्शनी में बीमारी की पहचान, जांच प्रक्रिया, उपचार और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों को स्वास्थ्य परामर्श भी प्रदान किया। अधिकारियों ने कहा कि जनजागरूकता और समय पर जांच इस बीमारी को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका है। डॉक्टरों ने बताया कैसे रोकी जा सकती है बीमारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ सकती है। विवाह से पहले युवक और युवती की जांच कर संभावित जोखिमों की जानकारी दी जा सकती है। कांग्रेस शुरू करेगी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान, NEET घोटाले से लेकर युवाओं के सभी मुद्दों पर बनी विशेष समिति इससे भविष्य में बीमारी के प्रसार को कम करने में मदद मिल सकती है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता, परामर्श और नियमित जांच से इस बीमारी के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ी जा सकती है।
Telegram Ban : जारी रहेगा टेलीग्राम पर बैन, दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

Telegram Ban : नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को टेलीग्राम की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती दी गई थी। अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार प्राप्त है। अदालत ने यह भी माना कि सरकार ने यह कदम बिना किसी जल्दबाजी के और सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद उठाया है। इस फैसले के साथ ही NEET री-एग्जाम तक टेलीग्राम पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध जारी रहेगा। रिव्यू कमेटी ने भी सरकार के निर्णय को सही माना मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने बताया कि सरकार के फैसले की समीक्षा एक स्वतंत्र रिव्यू कमेटी द्वारा भी की गई थी। कमेटी ने प्रतिबंध के आदेश की जांच करने के बाद इसे उचित पाया। हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि सरकार ने जल्दबाजी या लापरवाही में यह निर्णय लिया था। अदालत ने माना कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। Telegram Ban : NEET Re-Exam से पहले Telegram पर अस्थायी रोक, जानिए कब तक रहेगा प्रतिबंध NEET री-एग्जाम से पहले लगाया गया था प्रतिबंध केंद्र सरकार ने 16 जून को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगा दी थी। सरकार का कहना था कि परीक्षा से पहले प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर पेपर लीक और अफवाहें फैलाने की आशंका बनी हुई है। इसके बाद टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था और अब अपना अंतिम निर्णय सुना दिया है। सुनवाई के दौरान उठा 15 करोड़ यूजर्स का मुद्दा सुनवाई के दौरान अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि कुछ लोगों की गतिविधियों के कारण देश के लगभग 15 करोड़ उपयोगकर्ताओं के अधिकारों को कैसे सीमित किया जा सकता है। इस पर केंद्र सरकार ने जवाब दिया कि परीक्षा की सुरक्षा और सार्वजनिक हित को देखते हुए यह कदम जरूरी था। सरकार ने कहा कि प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और ऐसी स्थिति में अस्थायी प्रतिबंध उचित है। सरकार ने टेलीग्राम पर लगाए कई गंभीर आरोप सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि टेलीग्राम का ढांचा अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की तुलना में अलग है। सरकार के अनुसार एक टेलीग्राम अकाउंट से कई बॉट बनाए जा सकते हैं, जिससे गलत गतिविधियों को बढ़ावा मिलने का खतरा रहता है। सरकार ने दावा किया कि यह प्लेटफॉर्म साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, पेपर लीक, बाल अश्लीलता और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल होने के मामलों में सामने आया है। Bhopal Gift City : भोपाल में बनेगी गुजरात जैसी गिफ्ट सिटी, आईटी और टेक सेक्टर में निवेश बढ़ाने की तैयारी सरकार ने कोर्ट में रखे पांच अहम तर्क सरकार ने अदालत को बताया कि टेलीग्राम पर बड़ी संख्या में बॉट बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा प्लेटफॉर्म का क्लाउड आधारित सिस्टम जांच एजेंसियों के लिए चुनौती पैदा करता है। सरकार ने कहा कि बड़े चैनलों के लाखों सदस्य कुछ ही सेकंड में दूसरे चैनल पर स्थानांतरित किए जा सकते हैं। साथ ही मैसेज की तारीख और समय बदलने की सुविधा का भी दुरुपयोग किया गया है। सरकार ने दावा किया कि पिछले वर्ष परीक्षा के बाद पोस्ट किए गए दस्तावेजों को पहले की तारीख दिखाकर फर्जी सबूत तैयार किए गए थे। टेलीग्राम ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा टेलीग्राम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने अदालत में कहा कि किसी एक घटना के आधार पर पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने प्रशासन से सूचना मिलने के बाद तेजी से कार्रवाई की। कंपनी के अनुसार 9 जून को अधिकारियों द्वारा भेजे गए यूआरएल मिलने के एक घंटे के भीतर प्रतिबंधित सामग्री हटा दी गई थी। कांग्रेस शुरू करेगी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान, NEET घोटाले से लेकर युवाओं के सभी मुद्दों पर बनी विशेष समिति 900 से अधिक लिंक हटाने का दावा टेलीग्राम ने अदालत को बताया कि उसने NEET परीक्षा से जुड़ी अवैध और भ्रामक सामग्री वाले 900 से अधिक लिंक हटाए हैं। कंपनी का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली सामग्री की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और मैन्युअल मॉडरेशन का उपयोग किया जा रहा है। कंपनी ने दावा किया कि वह जांच एजेंसियों के साथ भी सहयोग कर रही है। पेपर लीक विवाद में टेलीग्राम क्यों आया चर्चा में NEET परीक्षा से पहले कई फर्जी टेलीग्राम चैनल सक्रिय पाए गए थे। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली कि कुछ लोग छात्रों और अभिभावकों से पेपर दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूल रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि मैसेज एडिट फीचर का इस्तेमाल कर बाद में फर्जी पेपर लीक के सबूत तैयार किए जा रहे थे। अहमदाबाद में ऐसे एक रैकेट का खुलासा हुआ, जहां कई चैनलों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन होने की जानकारी मिली। विदेशों में भी टेलीग्राम पर हो चुकी है कार्रवाई सरकार ने अदालत को बताया कि कई देशों में भी टेलीग्राम के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई की जा चुकी है। चीन, फ्रांस, रूस, जर्मनी, ईरान और ब्राजील जैसे देशों में स्थानीय कानूनों के पालन, कंटेंट मॉडरेशन और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर कार्रवाई हुई है। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। MP Congress Protest : TI के सिर पर फूटा मटका! बैरिकेडिंग कूदकर नपा कार्यालय में घुसे कांग्रेसी, धार में बवाल पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी NEET परीक्षा NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं। जांच एजेंसियों को प्रारंभिक जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिले, जिसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। बाद में दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। NEET का देश की मेडिकल शिक्षा में बड़ा महत्व NEET भारत में मेडिकल और डेंटल