Aayudh

Bhopal Gift City : भोपाल में बनेगी गुजरात जैसी गिफ्ट सिटी, आईटी और टेक सेक्टर में निवेश बढ़ाने की तैयारी

Bhopal Gift City

Bhopal Gift City : भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार राज्य को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान उन्होंने गुजरात की तर्ज पर भोपाल में गिफ्ट सिटी विकसित करने की संभावनाओं पर काम करने को कहा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से निवेश बढ़ेगा और प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। IT सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं समीक्षा बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में आईटी और टेक सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है और नई तकनीकी परियोजनाओं के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है। सरकार उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं और निवेश के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे प्रदेश में डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। President MP Visit : विश्व सिकल सेल दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी प्रदर्शनी का अवलोकन, मरीज-रक्तदाता और सरपंच होंगे सम्मानित 12,500 करोड़ के निवेश से बढ़े रोजगार राज्य सरकार के अनुसार टेक सेक्टर में अब तक लगभग 12,500 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। इस निवेश का सकारात्मक प्रभाव रोजगार के क्षेत्र में भी देखने को मिला है। विभिन्न तकनीकी और आईटी परियोजनाओं के माध्यम से करीब 50 हजार नए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस संख्या को और बढ़ाना है, ताकि युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर करियर के अवसर मिल सकें। Student Suicides : NEET री-एग्जाम के दबाव से एक और छात्रा ने की खुदकुशी, अब तक 10 मौतें उज्जैन में डीपटेक रिसर्च पार्क का प्रस्ताव बैठक में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई। इसके तहत उज्जैन में डीपटेक रिसर्च पार्क की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। यह पार्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और अन्य उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति मजबूत होगी और नई तकनीकों के विकास को गति मिलेगी। गिफ्ट सिटी से निवेश और विकास को मिलेगी रफ्तार भोपाल में प्रस्तावित गिफ्ट सिटी को वित्तीय और तकनीकी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना है। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित किया जा सकेगा। Datia Historical Photo : MP में मिला 150 साल पुराना दुर्लभ फोटो एलबम, महारानी विक्टोरिया संग भारतीय राजाओं की तस्वीर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ रोजगार और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देंगी। सरकार इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है।

President MP Visit : विश्व सिकल सेल दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी प्रदर्शनी का अवलोकन, मरीज-रक्तदाता और सरपंच होंगे सम्मानित

President MP Visit

President MP Visit : भोपाल। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय मध्यप्रदेश दौरे के दूसरे दिन आज ओंकारेश्वर पहुंचेंगी। यहां विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर सिकल सेल रोग के उन्मूलन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। Student Suicides : NEET री-एग्जाम के दबाव से एक और छात्रा ने की खुदकुशी, अब तक 10 मौतें सिकल सेल उन्मूलन के लिए लगातार सक्रिय है मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश सरकार सिकल सेल रोग को खत्म करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। विशेष रूप से जनजातीय बहुल जिलों में बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य रोग की समय पर पहचान करना और प्रभावित लोगों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम भी चला रही है ताकि अधिक से अधिक लोग जांच करवाएं और बीमारी के प्रति सचेत रहें। 1.32 करोड़ से अधिक लोगों की हुई जांच सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 32 लाख 43 हजार 877 से अधिक लोगों की सिकल सेल जांच की जा चुकी है। इस दौरान 39 हजार 948 रोगियों की पहचान हुई है, जबकि 2 लाख 42 हजार 648 लोगों को सिकल सेल कैरियर के रूप में चिन्हित किया गया है। कांग्रेस शुरू करेगी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान, NEET घोटाले से लेकर युवाओं के सभी मुद्दों पर बनी विशेष समिति यह अभियान राज्य में रोग नियंत्रण और समय पर उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती पहचान से रोग के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मरीजों की निगरानी और जागरूकता पर विशेष जोर राज्य सरकार ने अब तक 1 करोड़ 20 लाख 28 हजार 881 से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए हैं। इसके अलावा समुदाय स्तर पर सहयोग और जागरूकता बढ़ाने के लिए 3,700 सिकल मित्रों को प्रशिक्षित किया गया है। ये प्रशिक्षित कार्यकर्ता ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को बीमारी की जानकारी देने के साथ-साथ मरीजों की सहायता भी कर रहे हैं। Bengal LoP Row : ममता बनर्जी को हाई कोर्ट से झटका, ऋतब्रत बनर्जी ही रहेंगे नेता प्रतिपक्ष; स्पीकर के फैसले पर रोक नहीं सरकार द्वारा रोगियों की नियमित निगरानी की जा रही है और जन-जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। इससे सिकल सेल मुक्त मध्यप्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिल रही है।

Student Suicides : NEET री-एग्जाम के दबाव से एक और छात्रा ने की खुदकुशी, अब तक 10 मौतें

MP Student Suicide Case

Student Suicides : नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर जारी विवाद के बीच छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पेपर लीक और री-एग्जाम की चर्चाओं के बीच कई छात्रों के आत्महत्या करने की खबरें सामने आई हैं। हाल ही में तमिलनाडु की छात्रा अनुकीर्तना की मौत के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। इससे पहले देहरादून और दिल्ली में भी NEET अभ्यर्थियों की आत्महत्या के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं ने अभिभावकों, शिक्षाविदों और राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। देहरादून की रिया थापा की मौत ने सबको झकझोर दिया उत्तराखंड के देहरादून में 23 वर्षीय रिया कुमारी थापा ने आत्महत्या कर ली। रिया कारगिल युद्ध में सेवा दे चुके एक सैनिक की बेटी थीं। वह पढ़ाई में बेहद मेधावी थीं और 12वीं कक्षा में टॉपर रह चुकी थीं। बताया जा रहा है कि वह NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थीं और पिछले प्रयास में सफलता नहीं मिलने के कारण मानसिक तनाव में थीं। रिया ने अपने पीछे एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने अपने माता-पिता के प्रति प्यार व्यक्त करते हुए लिखा कि उनकी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। कांग्रेस शुरू करेगी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान, NEET घोटाले से लेकर युवाओं के सभी मुद्दों पर बनी विशेष समिति दिल्ली और तमिलनाडु में भी सामने आए दर्दनाक मामले दिल्ली के पालम क्षेत्र में रहने वाली 17 वर्षीय NEET अभ्यर्थी रेनू ने 13 जून को अपने घर में आत्महत्या कर ली। परिवार के अनुसार वह लंबे समय से अवसाद और परीक्षा के दबाव से जूझ रही थीं। रेनू ने अपने सुसाइड नोट में माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वह उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं। वहीं तमिलनाडु की छात्रा अनुकीर्तना ने भी कथित तौर पर NEET परीक्षा और पेपर लीक विवाद से निराश होकर आत्महत्या कर ली। इन घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली और छात्रों पर बढ़ते दबाव को लेकर बहस तेज कर दी है। 10 छात्रों की मौत का दावा NEET परीक्षा विवाद के बीच विभिन्न रिपोर्टों और राजनीतिक बयानों में अब तक 10 छात्रों की मौत का उल्लेख किया गया है। इनमें ऋतिक मिश्रा, अंशिका पांडे, प्रदीप मेघवाल, सिद्धार्थ हेगड़े, आकांक्षा चतुर्वेदी, भाग्यश्री, रेणु मीणा, रिया कुमारी थापा, उमेश माली और अनुकीर्तना के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। MP Congress Protest : TI के सिर पर फूटा मटका! बैरिकेडिंग कूदकर नपा कार्यालय में घुसे कांग्रेसी, धार में बवाल हालांकि इन सभी मामलों में आत्महत्या के कारणों को लेकर अलग-अलग जांच और तथ्य सामने आ सकते हैं। फिर भी इन घटनाओं ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने सरकार को घेरा कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर कहा कि डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले कई छात्र परीक्षा विवाद और मानसिक दबाव के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। कांग्रेस का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और छात्रों पर बढ़ते दबाव को गंभीरता से नहीं लिया गया। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और छात्रों के लिए बेहतर मानसिक सहायता तंत्र विकसित करने की मांग की है। Datia Historical Photo : MP में मिला 150 साल पुराना दुर्लभ फोटो एलबम, महारानी विक्टोरिया संग भारतीय राजाओं की तस्वीर CUET परीक्षा प्रारूप पर भी संसदीय समिति की चिंता इस बीच दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने CUET परीक्षा के बहुविकल्पीय प्रश्न आधारित प्रारूप पर चिंता व्यक्त की है। समिति का मानना है कि मौजूदा प्रारूप छात्रों की स्वतंत्र सोच, विश्लेषण क्षमता और व्यक्तिपरक समझ का पूर्ण मूल्यांकन नहीं कर पाता। समिति ने परीक्षा प्रणाली की समीक्षा करने और आवश्यक सुधार लागू करने की सिफारिश की है ताकि छात्रों की वास्तविक योग्यता का बेहतर आकलन किया जा सके।

कांग्रेस शुरू करेगी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान, NEET घोटाले से लेकर युवाओं के सभी मुद्दों पर बनी विशेष समिति

MP Congress

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने NEET परीक्षा में कथित धांधली और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने युवाओं और छात्रों की समस्याओं को सुनने, सुझाव लेने और उनके समाधान के लिए रणनीति तैयार करने हेतु एक विशेष समिति का गठन किया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने “छात्रों की गूंज” अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। युवाओं से सीधे संवाद करेगी समिति कांग्रेस द्वारा गठित यह समिति प्रदेशभर के युवाओं और छात्रों से संवाद स्थापित करेगी। समिति युवाओं की समस्याओं, अनुभवों और सुझावों को जुटाकर उन पर कार्ययोजना तैयार करेगी और उसके क्रियान्वयन की दिशा में काम करेगी। MP Congress Protest : TI के सिर पर फूटा मटका! बैरिकेडिंग कूदकर नपा कार्यालय में घुसे कांग्रेसी, धार में बवाल NEET प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने पर फोकस पार्टी का कहना है कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और उससे प्रभावित छात्रों की आवाज उठाने के लिए “छात्रों की गूंज” अभियान शुरू किया गया है। अभियान के जरिए छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश की जाएगी। जनआंदोलन का रूप देगा कांग्रेस कांग्रेस का दावा है कि छात्रों और युवाओं की आवाज को और अधिक मजबूत बनाने के लिए इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। इसके तहत प्रदेशभर में युवाओं से संपर्क कर उनके मुद्दों को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उठाया जाएगा। Maharashtra Politics : शिवसेना UBT में बड़ी हलचल! 9 में से 6 सांसद बैठक से गायब, पार्टी ने जारी किया शो कॉज नोटिस समिति में इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी युवा मामलों की इस समिति में प्रियव्रत सिंह, जयवर्धन सिंह, सचिन यादव, कुणाल चौधरी, हेमंत कटारे, जयस घनघोरिया, विपिन वानखेड़े, मितेंद्र दर्शन सिंह, आशुतोष चौकसे, मनीष चौधरी, पोरलाल खरते, आनंद जाट और सदफ खान को शामिल किया गया है। युवाओं के मुद्दों पर सक्रिय होगी कांग्रेस कांग्रेस का कहना है कि समिति केवल NEET ही नहीं, बल्कि युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी काम करेगी। युवाओं की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

MP Congress Protest : TI के सिर पर फूटा मटका! बैरिकेडिंग कूदकर नपा कार्यालय में घुसे कांग्रेसी, धार में बवाल

MP Congress Protest

MP Congress Protest : धार। मध्य प्रदेश के धार में गुरुवार को गंदे पानी की आपूर्ति और अनियमित जल व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका कार्यालय का घेराव किया और जोरदार नारेबाजी की। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने मिट्टी के घड़े फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। इसी दौरान एक घड़ा नौगांव थाना प्रभारी हीरूसिंह रावत के सिर पर लग गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। नगर पालिका परिसर में बढ़ा तनाव और बैरिकेडिंग तोड़ी गई प्रदर्शन की शुरुआत शहर के घोड़ा चौपाटी स्थित लालबाग परिसर से हुई, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और नागरिक बड़ी संख्या में एकत्र हुए। इसके बाद रैली के रूप में सभी नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। वहां पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने परिसर का घेराव कर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर कार्यालय परिसर के भीतर प्रवेश करने का प्रयास भी किया, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। Datia Historical Photo : MP में मिला 150 साल पुराना दुर्लभ फोटो एलबम, महारानी विक्टोरिया संग भारतीय राजाओं की तस्वीर महिलाओं का विरोध और सीएमओ को लेकर विवाद प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नगर पालिका कार्यालय के सामने मिट्टी के घड़े फोड़कर गंदे पानी की आपूर्ति के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका सीएमओ विश्वनाथ सिंह को चूड़ियां पहनाने की कोशिश भी की। इस घटना के बाद परिसर में चूड़ियां बिखरी नजर आईं। प्रदर्शनकारियों ने सीएमओ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए उन्हें “रीलबाज सीएमओ” तक कह दिया और जमकर नारेबाजी की। आरोप यह भी लगाया गया कि पूरे हंगामे के दौरान सीएमओ अपने कार्यालय से बाहर नहीं आए। Bengal LoP Row : ममता बनर्जी को हाई कोर्ट से झटका, ऋतब्रत बनर्जी ही रहेंगे नेता प्रतिपक्ष; स्पीकर के फैसले पर रोक नहीं पुलिस ने संभाला मोर्चा, वाटर कैनन का इस्तेमाल स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने नगर पालिका परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और पानी की बौछारें छोड़ीं। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे रहे और विरोध जारी रखा। पूरे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा। CM Indore Visit : वीरगड़ी हनुमान मंदिर पहुंचे CM मोहन यादव, जल संरक्षण अभियान को बताया प्रदेश की बड़ी उपलब्धि सात दिन का अल्टीमेटम प्रदर्शन के बाद जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष रोहित कामदार के नेतृत्व में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि गंदे पानी की आपूर्ति और अनियमित जल व्यवस्था की समस्या का सात दिन के भीतर समाधान किया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस नगर पालिका के खिलाफ ‘ताला लगाओ आंदोलन’ शुरू करेगी।

Datia Historical Photo : MP में मिला 150 साल पुराना दुर्लभ फोटो एलबम, महारानी विक्टोरिया संग भारतीय राजाओं की तस्वीर

Datia Historical Photo

Datia Historical Photo : दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में भारतीय इतिहास से जुड़ा एक दुर्लभ और बेहद महत्वपूर्ण फोटो एलबम सामने आया है। इस फोटो फ्रेम में ब्रिटिश शासनकाल की महारानी विक्टोरिया के साथ भारत की कई प्रमुख रियासतों के शासकों की तस्वीरें एक साथ दिखाई देती हैं। इतिहासकारों और पुरातत्व विशेषज्ञों का मानना है कि यह दुर्लभ फोटो फ्रेम वर्ष 1860 से 1875 के बीच का हो सकता है। इस खोज ने इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है, क्योंकि इसमें उस दौर के कई प्रमुख भारतीय राजवंशों की दुर्लभ तस्वीरें संरक्षित हैं। Maharashtra Politics : शिवसेना UBT में बड़ी हलचल! 9 में से 6 सांसद बैठक से गायब, पार्टी ने जारी किया शो कॉज नोटिस महारानी विक्टोरिया के साथ 12 राजाओं की तस्वीरें इस फोटो फ्रेम के केंद्र में महारानी विक्टोरिया की तस्वीर है, जबकि उनके चारों ओर भारत की विभिन्न रियासतों के 12 शासकों के चित्र लगाए गए हैं। फ्रेम पर “पूना फोटोग्राफिक कंपनी” का नाम भी दर्ज है। पुरातत्वविद डॉ. वसीम खान के अनुसार, संभव है कि किसी विशेष समारोह या राजकीय कार्यक्रम के दौरान ये भारतीय शासक ब्रिटेन गए हों और उसी अवसर पर यह स्मृति चित्र तैयार किया गया हो। RSS Registration Row : RSS रजिस्ट्रेशन विवाद पर दिग्विजय का मोहन भागवत को पत्र, फंडिंग-हिसाब और कानूनी स्थिति पर उठाए सवाल तस्वीर में होल्कर, सिंधिया, हैदराबाद और अन्य महत्वपूर्ण रियासतों के शासकों को स्थान दिया गया है, जो उस समय ब्रिटिश शासन के प्रभावशाली सहयोगी माने जाते थे। कई प्रसिद्ध राजवंशों के शासकों की पहचान इस दुर्लभ एलबम में हैदराबाद के निजाम मीर महबूब अली खान, बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव गायकवाड़, मैसूर के महाराजा चामराजेंद्र वाडियार, इंदौर के शिवाजीराव होल्कर, चरखारी के महाराजा मलखान सिंह, त्रावणकोर के थिरुनल राम वर्मा, ग्वालियर के जियाजी राव सिंधिया और जयपुर के सवाई माधो सिंह द्वितीय सहित कई ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की तस्वीरें शामिल हैं। विशेषज्ञ अब तक 12 में से 9 शासकों की पहचान करने में सफल रहे हैं, जबकि तीन तस्वीरों के नाम क्षतिग्रस्त होने के कारण उनकी पहचान अभी बाकी है। दतिया तक पहुंचने की कहानी भी रोचक इस दुर्लभ फोटो फ्रेम की कहानी भी काफी दिलचस्प है। जानकारी के अनुसार दतिया के एक फोटो फ्रेमिंग करने वाले दुकानदार को यह तस्वीर दशकों पहले फ्रेमिंग के लिए दी गई थी। हालांकि तस्वीर लेने वाला व्यक्ति कभी वापस नहीं लौटा। President MP Visit : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बैतूल पहुंचीं, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण महासम्मेलन में होंगी शामिल बाद में पुराने सिक्कों और ऐतिहासिक वस्तुओं के संग्रहकर्ता राधावल्लभ मिश्रा की नजर इस फोटो फ्रेम पर पड़ी। उन्होंने इसकी ऐतिहासिक महत्ता को समझते हुए इसे अपने पास सुरक्षित रखा। राधावल्लभ मिश्रा के पूर्वज दतिया रियासत में राजपंडित के पद पर कार्यरत रहे थे। शोध और संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण खोज यह दुर्लभ तस्वीर ज्ञान भारतम् अभियान के तहत किए गए सर्वेक्षण के दौरान सामने आई है। इतिहासकारों का मानना है कि यह फोटो फ्रेम ब्रिटिश काल और भारतीय रियासतों के आपसी संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। CM Indore Visit : वीरगड़ी हनुमान मंदिर पहुंचे CM मोहन यादव, जल संरक्षण अभियान को बताया प्रदेश की बड़ी उपलब्धि साथ ही यह भारतीय राजवंशों के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और उस दौर की फोटोग्राफी तकनीक पर शोध के लिए भी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित हो सकता है।

Bengal LoP Row : ममता बनर्जी को हाई कोर्ट से झटका, ऋतब्रत बनर्जी ही रहेंगे नेता प्रतिपक्ष; स्पीकर के फैसले पर रोक नहीं

Mamata Banerjee

Bengal LoP Row : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रहे सियासी घमासान के बीच ममता बनर्जी खेमे को कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के फैसले पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही विधानसभा स्पीकर का फैसला यथावत बना रहेगा। अंतरिम राहत देने से कोर्ट ने किया इनकार मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल पीठ ने कहा कि शुरुआती तौर पर ऐसा कोई आधार नहीं दिखता, जिसके चलते याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत दी जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपने-अपने जवाब और दस्तावेज दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह और याचिकाकर्ता को उसके बाद दो सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। RSS Registration Row : RSS रजिस्ट्रेशन विवाद पर दिग्विजय का मोहन भागवत को पत्र, फंडिंग-हिसाब और कानूनी स्थिति पर उठाए सवाल क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत तब हुई जब टीएमसी से अलग हुए विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ पार्टी के 58 विधायक हैं। इसके बाद उन्होंने एक अलग गुट बनाया, जो ममता बनर्जी को नेता मानता है लेकिन अभिषेक बनर्जी की भूमिका का विरोध करता है। स्पीकर ने बागी गुट के दावे को माना राजनीतिक खींचतान के बीच विधानसभा स्पीकर रथेंद्र बोस ने बागी गुट के दावे को स्वीकार करते हुए ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दे दी। इस फैसले के बाद ममता खेमे के उम्मीदवार शोभनदेब चट्टोपाध्याय को यह पद नहीं मिल सका। CM Indore Visit : वीरगड़ी हनुमान मंदिर पहुंचे CM मोहन यादव, जल संरक्षण अभियान को बताया प्रदेश की बड़ी उपलब्धि ममता गुट ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया स्पीकर के फैसले को चुनौती देते हुए ममता बनर्जी खेमे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि यह फैसला मान्यता प्राप्त पार्टी के अधिकारों की अनदेखी करता है और संवैधानिक परंपराओं के खिलाफ है। US-Iran War Ends : अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म! ट्रंप चिल्लाकर बोले-“डील साइन”, पेजशकियान ने वर्साय पैलेस में दिए डिजिटल दस्तखत फिलहाल ऋतब्रत ही रहेंगे नेता प्रतिपक्ष हाई कोर्ट की ओर से कोई अंतरिम रोक नहीं लगाए जाने के बाद अब अंतिम फैसला आने तक ऋतब्रत बनर्जी ही पश्चिम बंगाल विधानसभा में मान्यता प्राप्त नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे। इस फैसले को राज्य की राजनीति में ममता बनर्जी खेमे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

Maharashtra Politics : शिवसेना UBT में बड़ी हलचल! 9 में से 6 सांसद बैठक से गायब, पार्टी ने जारी किया शो कॉज नोटिस

Maharashtra Politics

Maharashtra Politics : मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के भीतर संभावित टूट की अटकलों के बीच गुरुवार को पार्टी नेता संजय राउत के आवास पर अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्यसभा सांसद संजय राउत और लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई तथा राजाभाऊ वाजे शामिल हुए। बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा रही, क्योंकि पार्टी के कुल 9 सांसदों में से 6 सांसद इसमें शामिल नहीं हुए। माना जा रहा है कि बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। व्हिप के बावजूद 6 सांसद अनुपस्थित शिवसेना (यूबीटी) ने संसदीय दल की बैठक के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया था। इसके बावजूद 9 में से केवल 3 सांसद ही बैठक में पहुंचे। अनुपस्थित रहने वाले सांसदों में संजय जाधव, भाउसाहेब वाकचौरे, ओमराजे निंबलकर, संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख और नागेश पाटिल आष्टिकर के नाम शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अनिल देसाई ने कहा कि इस संबंध में उद्धव ठाकरे से चर्चा हो चुकी है और अनुपस्थित सांसदों को शो कॉज नोटिस जारी किया जा रहा है। RSS Registration Row : RSS रजिस्ट्रेशन विवाद पर दिग्विजय का मोहन भागवत को पत्र, फंडिंग-हिसाब और कानूनी स्थिति पर उठाए सवाल अलग संसदीय गुट बनाने की अटकलें तेज सूत्रों के अनुसार बैठक में अनुपस्थित रहे छह सांसदों ने अलग संसदीय गुट बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दावा किया जा रहा है कि इस संबंध में एक पत्र भी लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा गया है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि यह दावा सही साबित होता है तो शिवसेना (यूबीटी) के लिए यह बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। इससे पहले भी पार्टी को तब बड़ा नुकसान हुआ था जब एकनाथ शिंदे ने कई विधायकों के साथ अलग रास्ता अपनाया था। CM Indore Visit : वीरगड़ी हनुमान मंदिर पहुंचे CM मोहन यादव, जल संरक्षण अभियान को बताया प्रदेश की बड़ी उपलब्धि संजय राउत का भाजपा पर हमला इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जैसे राज्य की जो स्थिति बनी है, उसके लिए इतिहास भाजपा को कभी माफ नहीं करेगा। राउत ने संकेत दिए कि पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों के पीछे राजनीतिक दबाव और साजिश की भूमिका हो सकती है। उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है। G-7 Summit : PM मोदी ने ट्रंप के सामने उठाया Hormuz का मुद्दा, ट्रंप ने कहा- मोदी के रहते भारत पर हमला तो अमेरिका साथ खड़ा रहेगा कार्रवाई की चेतावनी, निष्कासन भी संभव संजय राउत और अरविंद सावंत ने स्पष्ट किया है कि पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले सांसदों के खिलाफ कानूनी और संगठनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसे सांसदों का निष्कासन भी किया जा सकता है। नेताओं ने पूर्व सांसद शरद यादव के मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी अनुशासन का उल्लंघन गंभीर विषय है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि शो कॉज नोटिस के बाद पार्टी और बागी सांसदों की अगली रणनीति क्या होगी।

RSS Registration Row : RSS रजिस्ट्रेशन विवाद पर दिग्विजय का मोहन भागवत को पत्र, फंडिंग-हिसाब और कानूनी स्थिति पर उठाए सवाल

RSS Registration Row

RSS Registration Row : भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंजीयन को लेकर छिड़ी सियासी बहस अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत को पत्र लिखकर RSS के रजिस्ट्रेशन, वित्तीय पारदर्शिता, आय-व्यय और कानूनी स्थिति पर सवाल उठाए हैं। वहीं RSS से जुड़े पक्ष का कहना है कि संगठन के लिए पंजीयन कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है और इसकी वैधता को अदालतें पहले भी स्वीकार कर चुकी हैं। प्रियंक खड़गे के बयान के बाद गरमाया मुद्दा कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे द्वारा RSS के बिना रजिस्ट्रेशन काम करने पर सवाल उठाए जाने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया। दिग्विजय सिंह ने भी इसी बहस के बीच मोहन भागवत को पत्र लिखकर संगठन की जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। CM Indore Visit : वीरगड़ी हनुमान मंदिर पहुंचे CM मोहन यादव, जल संरक्षण अभियान को बताया प्रदेश की बड़ी उपलब्धि दिग्विजय सिंह ने क्या उठाए सवाल? दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि लोकतंत्र में कोई भी संस्था जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकती। उन्होंने RSS के पंजीयन, वित्तीय स्रोतों और कर अनुपालन की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने दिल्ली में बने RSS के नए कार्यालय का जिक्र करते हुए पूछा कि करीब 250 करोड़ रुपये की लागत वाले भवन के लिए धन कहां से आया। साथ ही कोविड काल में हुए खर्च और संगठन के आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग भी की। RSS और सनातन धर्म की तुलना पर भी आपत्ति पत्र में दिग्विजय सिंह ने कहा कि RSS और सनातन धर्म की तुलना उचित नहीं है। उनका कहना है कि सनातन धर्म हजारों वर्षों पुरानी आस्था है, जबकि RSS एक संगठन है और दोनों को समान बताना सही नहीं माना जा सकता। President MP Visit : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बैतूल पहुंचीं, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण महासम्मेलन में होंगी शामिल क्या किसी संगठन का रजिस्ट्रेशन जरूरी है? मामले में सामने आई कानूनी जानकारी के अनुसार भारत में ऐसा कोई सामान्य कानून नहीं है जो हर संगठन के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य बनाता हो। सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, ट्रस्ट एक्ट या अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत संगठन स्वेच्छा से पंजीयन करा सकते हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार रजिस्ट्रेशन आमतौर पर तब आवश्यक होता है जब किसी संस्था को विशेष कानूनी अधिकार, संपत्ति स्वामित्व या अन्य वैधानिक सुविधाओं की जरूरत हो। US-Iran War Ends : अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म! ट्रंप चिल्लाकर बोले-“डील साइन”, पेजशकियान ने वर्साय पैलेस में दिए डिजिटल दस्तखत RSS का पक्ष क्या है? RSS से जुड़े जानकारों का कहना है कि संगठन 1925 से एक सामाजिक-सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में कार्य कर रहा है। संगठन की कोई औपचारिक सदस्यता प्रणाली या सदस्यता कार्ड नहीं है। स्वयंसेवक शाखाओं और गतिविधियों के माध्यम से जुड़ते हैं। RSS का यह भी तर्क है कि उसके अधिकांश सहयोगी संगठन, ट्रस्ट और संस्थाएं अलग-अलग पंजीकृत हैं, उनका ऑडिट होता है और वे कानूनी प्रावधानों का पालन करते हैं। अदालतों में भी उठ चुका है मुद्दा RSS की कानूनी स्थिति को लेकर अतीत में भी सवाल उठे थे। 1970 के दशक में कर संबंधी मामलों के दौरान इसकी वैधता पर चर्चा हुई थी। बाद में न्यायिक फैसलों में RSS को व्यक्तियों के संगठन के रूप में मान्यता मिलने का उल्लेख किया गया। Meenakshi Nomination Controversy : प्रदर्शन नहीं करने पर NSUI के 22 जिला अध्यक्षों को नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब जवाब का इंतजार दिग्विजय सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने पहले भी इस विषय पर पत्राचार किया था, लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला। फिलहाल RSS के रजिस्ट्रेशन, फंडिंग और जवाबदेही को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है, जबकि संगठन अपने पुराने रुख पर कायम है कि उसका कार्य संचालन मौजूदा कानूनी ढांचे के अनुरूप है। यहां देखिये RSS रजिस्ट्रेशन विवाद पर दिग्विजय सिंह के लेटर New Doc 06-17-2026 17.20 New Doc 06-17-2026 17.20-2 New Doc 06-17-2026 17.20-1  

CM Indore Visit : वीरगड़ी हनुमान मंदिर पहुंचे CM मोहन यादव, जल संरक्षण अभियान को बताया प्रदेश की बड़ी उपलब्धि

CM Mohan Yadav Indore Visit

CM Mohan Yadav Indore Visit : इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर की श्री वीरगड़ी हनुमान मंदिर पहुंचकर यहां स्थित प्राचीन बावड़ी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने बावड़ी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को भी सराहा। उनके दौरे के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए जल संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया। Meenakshi Nomination Controversy : प्रदर्शन नहीं करने पर NSUI के 22 जिला अध्यक्षों को नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब जल संरक्षण को लेकर सरकार का विशेष अभियान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्राचीन जल स्रोतों का संरक्षण समय की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हर वर्ष गुड़ी पड़वा से 30 जून तक विशेष जल संरक्षण अभियान चलाती है। इस अभियान के तहत नदियों, तालाबों, कुओं और बावड़ियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सरकार लगातार प्रयास कर रही है। President MP Visit : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बैतूल पहुंचीं, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण महासम्मेलन में होंगी शामिल दो लाख से अधिक जल संरचनाओं पर चल रहा काम मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में दो लाख से अधिक जल संरचनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इनमें जल संरक्षण, जल संग्रहण और जल स्रोतों के पुनरुद्धार से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। इससे जल स्तर में सुधार के साथ किसानों और आम नागरिकों को भी लाभ मिल रहा है। Rahul Gandhi Defamation Case : राहुल की याचिका पर MP HC में सुनवाई, कार्तिकेय मानहानि केस में मांगी भोपाल कोर्ट की पूरी आर्डर शीट जल संरक्षण में मध्य प्रदेश बना अग्रणी राज्य मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दावा किया कि जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और जनभागीदारी के कारण प्रदेश ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भी जल बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। #WATCH Indore: Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav says, “It feels great to come here. Our government is carrying out the Ganga conservation work every year from Gudi Padwa to 30 June. Work is underway on more than 2 lakh water structures… Madhya Pradesh is number one in… https://t.co/QarofNgB52 pic.twitter.com/uf6dowD1r4 — ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 18, 2026