Bihar New CM : सम्राट चौधरी ने सरकार बनाने का दावा किया पेश, कल लेंगे CM पद की शपथ

Bihar New CM : पटना। बिहार की राजनीति में लंबे समय से चल रहा सस्पेंस अब खत्म हो गया है। मंगलवार 14 अप्रैल को बीजेपी विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता चुना गया। सम्राट चौधरी वर्तमान सरकार में गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे पहले निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने राज्य की जनता का आभार जताया और नई सरकार को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। सम्राट चौधरी ने पेश किया सरकार बनाने का दावा एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। जानकारी के अनुसार, वे 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। Bihar New CM : बिहार के अगले सीएम होंगे सम्राट चौधरी, थोड़ी देर में पेश करेंगे सरकार बनाने का दावा नीतीश कुमार ने गिनाए अपने कार्य नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि 24 नवंबर 2005 से राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनने के बाद से कानून का राज स्थापित हुआ और लगातार विकास कार्य किए गए। उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी वर्गों हिंदू, मुस्लिम, ऊंची जाति, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और महादलित के लिए समान रूप से काम किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि जैसे हर क्षेत्र में विकास हुआ है। महिलाओं और युवाओं के लिए भी कई योजनाएं चलाई गईं। ‘सात निश्चय-3’ से आगे बढ़ेगा विकास उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों 2025 से 2030 के लिए ‘सात निश्चय-3’ योजना बनाई गई है, जिससे विकास कार्य और तेज होंगे। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। Nitish Kumar Resignation : ‘सुशासन बाबू’ का युग अब खत्म, नीतीश कुमार ने सीएम पद से दिया इस्तीफा नई सरकार को देंगे सहयोग नीतीश कुमार ने स्पष्ट कहा कि अब नई सरकार राज्य का काम संभालेगी और वे उसे पूरा सहयोग और मार्गदर्शन देंगे। उन्होंने कहा कि बिहार आगे भी तेजी से विकास करेगा और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। भावुक पल भी आया सामने विधायक दल की बैठक के दौरान एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जब सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। नीतीश कुमार ने उन्हें माला पहनाकर शुभकामनाएं दीं। Petrol and Diesel Prices : चुनाव के बाद लग सकता है बड़ा झटका! पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक हो सकता है महंगा जनता की उम्मीदों पर खरा उतरूंगा नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा का अवसर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। साथ ही उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह का आभार जताया। बिहार में नेतृत्व परिवर्तन के साथ अब नई सरकार से विकास और प्रशासन में नई दिशा की उम्मीद की जा रही है।
Vedanta Power Plant : वेदांता पावर प्लांट में बड़ा हादसा, बॉयलर फटने से 9 की दर्दनाक मौत

Vedanta Power Plant : सक्ति। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला में स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में बॉयलर फटने से लगभग 9 से 10 मजदूरों की मौत की खबर सामने आ रही है। सक्ती ज़िले के SP प्रफुल ठाकुर (SP Prafull Thakur) ने बताया, सक्ती ज़िले के सिंघी तराई इलाके में स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से नौ लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए। घायलों को रायगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बॉयलर में विस्फोट से हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, हादसा डभरा थाना क्षेत्र के सिंघीतराई स्थित प्लांट में दोपहर करीब 2 बजे हुआ। उस समय प्लांट में रोज की तरह सामान्य काम चल रहा था, तभी अचानक बॉयलर में विस्फोट हो गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ट्यूब फटने की वजह से यह हादसा हुआ। Noida Labour Protest Update : नोएडा में फिर बवाल.. पुलिस वाहनों पर पत्थरबाजी, NCR में हाई अलर्ट घायलों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। 15 मजदूरों को जिंदल फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। इसके अलावा 11 घायलों को खरसिया के पद्मावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजन जमा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजन बड़ी संख्या में जमा हो गए हैं और घायलों से मिलने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे हैं। Yamuna Steamer Accident : यमुना नाव हादसे में अब तक 11 की मौत, 4 अब भी लापता, रेस्क्यू में जुटे 250 गोताखोर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और घायलों के इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। वेदांता पावर प्लांट हादसे की होगी जांच CM विष्णु देव साय ने कहा, “यह एक दुखद घटना है और इस दुख की घड़ी में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं… इसकी जांच की जाएगी और जो भी इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” पीड़ितों को मुआवजे और उपचार की व्यवस्था की मांग की भूपेश बघेल ने हादसे को लेकर अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट साझा की है। इसमें उन्होंने कहा कि, सक्ती स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई बॉयलर ब्लास्ट की सूचना अत्यंत पीड़ादायक है. प्राप्त जानकारी अनुसार इस भीषण हादसे में अब तक 4 मजदूरों की अकस्मात मौत तथा दर्जनों मजदूरों के बुरी तरह घायल होने की खबर है. Bhopal Respiratory Patients : भोपाल की हवा में जहर! एम्स और हमीदिया में मरीजों की भीड़ ईश्वर दिवंगत जनों को शांति एवं शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करें. शासन-प्रशासन से अनुरोध है कि पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे के साथ ही सभी घायलों के यथोचित उपचार की व्यवस्था की जाए. ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं. यहां देखिये हादसे का वीडियो
Bihar New CM : बिहार के अगले सीएम होंगे सम्राट चौधरी, थोड़ी देर में पेश करेंगे सरकार बनाने का दावा

Bihar New CM : पटना। बिहार की सियासत में बड़ा फैसला सामने आया है। सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है और अब वही राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। पटना में हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनी, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। यह बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में आयोजित हुई। बैठक के दौरान विजय सिन्हा, मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। अब सम्राट चौधरी राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी होगी। Nitish Kumar Resignation : ‘सुशासन बाबू’ का युग अब खत्म, नीतीश कुमार ने सीएम पद से दिया इस्तीफा पटना में लगे सम्राट भवः के पोस्टर निर्णय के बाद पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर में “सम्राट भवः” के पोस्टर लगाए गए हैं, जो नए नेतृत्व के स्वागत का संकेत दे रहे हैं। सबकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूं- सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे सम्राट चौधरी ने बीजेपी विधानमंडल दल का नेता चुने जाने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, ‘भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए बिहार भाजपा विधानमंडल दल के नेता का दायित्व सौंपने पर हृदय से आभार व्यक्त करता हू। यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहूंगा। आप सभी का स्नेह, आशीर्वाद और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। जय बिहार, जय भारत!’ कल होगा शपथ ग्रहण जानकारी के मुताबिक, सम्राट चौधरी बुधवार 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस दौरान उनके साथ मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी शपथ ले सकते हैं। Bihar Politics : नीतीश कुमार CM नहीं तो मैं भी नहीं! क्या अनंत सिंह ने लिया राजनीति से संन्यास का फैसला? #WATCH | Patna: Samrat Choudhary unanimously elected as the Leader of the BJP Legislative Party in Bihar. pic.twitter.com/Xd3reazFt4 — ANI (@ANI) April 14, 2026
Bhopal Ticket Scam : भोपाल रेलवे स्टेशन पर टिकट स्कैम! ‘ब्रोकर को प्राथमिकता’ के आरोप, वीडियो वायरल

Bhopal Ticket Scam : मध्य प्रदेश। भोपाल रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर से जुड़ा एक विवाद इन दिनों चर्चा में है। यहां एक यात्री और टिकटिंग स्टाफ के बीच तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें यात्री ने स्टाफ पर लाइन में लगे लोगों को नजरअंदाज कर एक कथित “ब्रोकर” को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है। लाइन में लगे लोगों को नजरअंदाज यह वीडियो X (पूर्व ट्विटर) यूज़र सूरज कुमार द्वारा शेयर किया गया, जिन्होंने इसे “टिकट स्कैम” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइन में इंतजार कर रहे लोगों को नजरअंदाज किया गया, जबकि एक व्यक्ति, जो लाइन में भी नहीं था, उसे पहले टिकट दे दिया गया। सूरज कुमार ने इसे स्टाफ और एजेंटों के बीच सांठगांठ का मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। Jagannath Temple Ratna Bhandar : सोने-चांदी का जखीरा! 48 साल बाद खुला जगन्नाथ मंदिर का भीतरी रत्न भंडार एक ही व्यक्ति को बार-बार प्राथमिकता क्यों वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति टिकट काउंटर पर मौजूद महिला क्लर्क से सवाल करता है कि एक ही व्यक्ति को बार-बार प्राथमिकता क्यों दी जा रही है। वह पूछता है, “काहे का पहले नंबर है तेरा? यह सब में क्या इनका पहले नंबर ही रहता है?” Petrol and Diesel Prices : चुनाव के बाद लग सकता है बड़ा झटका! पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक हो सकता है महंगा क्या यह सब मिलीभगत से हो रहा है? यात्री ने इस दौरान मिलीभगत के आरोप भी लगाए और कहा, “क्या यह सब मिलीभगत से हो रहा है? ग्राहक को पागल समझ रखा है क्या?” बहस बढ़ने पर उसने अधिकारियों को टैग करने और शिकायत करने की चेतावनी भी दी। वहीं, काउंटर पर मौजूद महिला कर्मचारी ने आपत्ति जताते हुए कहा, “क्या आप मुझसे बदतमीजी कर रहे हैं?” इस पर यात्री ने जवाब दिया कि वह केवल व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है और किसी तरह की बदतमीजी नहीं कर रहा। Taniya – Chahal Controversy : डिलीट करो वीडियो! एक्ट्रेस तानिया चटर्जी पर क्रिकेटर चहल की टीम बना रही प्रेशर रेलवे ने दिया जवाब मामले के सामने आने के बाद भारतीय रेलवे के भोपाल मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले मार्च में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन से भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था, जिसमें टिकट को लेकर यात्री और कर्मचारी के बीच विवाद हुआ था। फिलहाल, भोपाल की इस घटना को लेकर जांच जारी है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि रेलवे प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। यहां देखिये वीडियो
Jagannath Temple Ratna Bhandar : सोने-चांदी का जखीरा! 48 साल बाद खुला जगन्नाथ मंदिर का भीतरी रत्न भंडार

Jagannath Temple Ratna Bhandar : पुरी। ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ के रत्न भंडार की गणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सदियों से रहस्य और आस्था का केंद्र रहे इस खजाने की गिनती को लेकर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। आंतरिक रत्न भंडार की हो रही गिनती गणना का काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण में चलित खजाने की गिनती की गई, जिसमें भगवान के दैनिक श्रृंगार में उपयोग होने वाले आभूषण रखे जाते हैं। इसके बाद बाहरी खजाने की गणना पूरी हुई, जिसमें उत्सव और विशेष अवसरों पर इस्तेमाल होने वाले आभूषण शामिल हैं। अब सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील माने जाने वाले आंतरिक रत्न भंडार की गिनती की जा रही है, जहां बेशकीमती और दुर्लभ आभूषण सुरक्षित रखे गए हैं। Temple Donations : श्री रेणुका यल्लम्मा मंदिर में रिकॉर्ड चढ़ावा, दान पेटियों से निकले 3.07 करोड़ रुपये 3D मैपिंग, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की जा रही इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। गिनती के दौरान 3D मैपिंग, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की जा रही है, ताकि हर वस्तु का सही रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। सुरक्षा के लिहाज से केवल गणना समिति के अधिकृत सदस्यों को ही रत्न भंडार के अंदर जाने की अनुमति दी गई है। रत्न भंडार की गिनती 13 अप्रैल से हुई शुरू जानकारी के अनुसार, आंतरिक रत्न भंडार की गिनती 13 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और यह प्रक्रिया 16 से 18 अप्रैल के बीच भी जारी रहेगी। इस संवेदनशील कार्य को लेकर पहले एक अहम बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें गिनती के नियम और प्रक्रिया तय की गई। Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple : महाशिवरात्रि पर 44 घंटे खुले महाकाल के पट, उज्जैन में उमड़ा आस्था का सागर बहुमूल्य रत्न और दुर्लभ आभूषण सुरक्षित मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के बहुमूल्य रत्न और दुर्लभ आभूषण सुरक्षित हैं। इन आभूषणों को विभिन्न कालखंडों में राजा-महाराजाओं और श्रद्धालुओं ने भगवान को अर्पित किया था। पुरी का यह रत्न भंडार न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अब भक्तों को उस क्षण का इंतजार है, जब इस खजाने से जुड़े रहस्य दुनिया के सामने आएंगे।
Nitish Kumar Resignation : ‘सुशासन बाबू’ का युग अब खत्म, नीतीश कुमार ने सीएम पद से दिया इस्तीफा

Nitish Kumar Resignation : पटना। बिहार की राजनीति में आज एक बड़े युग का अंत हो गया। ‘सुशासन बाबू’ के नाम से पहचाने जाने वाले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के साथ राज्य की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। जानकारी के मुताबिक, अब नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया है, लेकिन बिहार की राजनीति और प्रशासन पर उनका प्रभाव आगे भी बना रहने की संभावना जताई जा रही है। NDA का मजबूत गणित बिहार विधानसभा में 202 सदस्यीय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का आंकड़ा मजबूत स्थिति में है। इसमें जनता दल यूनाइटेड के 85 विधायक, चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के 19 विधायक और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के 5 विधायक शामिल हैं। इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 5 विधायक भी इस गठबंधन का हिस्सा हैं। Bengal Elections 2026 : 100 सीटों पर टिकी सत्ता की चाबी, बदलते समीकरणों से बढ़ी सियासी हलचल संघर्ष से शिखर तक का सफर नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने 1977 में हरनौत से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 1980 में भी वे करीब 5 हजार वोटों से चुनाव हार गए। हालांकि 1985 में उन्होंने जोरदार वापसी की और करीब 22 हजार वोटों से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और बिहार की राजनीति में लगातार अपनी पकड़ मजबूत करते गए। केंद्र से राज्य तक मजबूत पहचान 1989 में उन्होंने बाढ़ सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। बाद में राजनीतिक बदलावों के बीच उन्होंने शरद यादव के साथ मिलकर 2003 में जनता दल यूनाइटेड का गठन किया। केंद्र सरकार में वे 1998-1999 के दौरान रेल मंत्री रहे और 2001 से 2004 तक कृषि मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। 2004 में उन्होंने नालंदा लोकसभा सीट से जीत हासिल की। Nitish Kumar Resignation : नीतीश कुमार की आखिरी कैबिनेट बैठक खत्म, इस्तीफे का किया ऐलान 2005 में बने पहली बार मुख्यमंत्री साल 2005 में नीतीश कुमार पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक राज्य की सत्ता संभाली और अपनी प्रशासनिक शैली के कारण ‘सुशासन बाबू’ के रूप में पहचान बनाई। अब उनके इस्तीफे के साथ बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य की कमान किसके हाथों में जाती है और नई सरकार किस दिशा में आगे बढ़ती है।
Bengal Elections 2026 : 100 सीटों पर टिकी सत्ता की चाबी, बदलते समीकरणों से बढ़ी सियासी हलचल

Bengal Elections 2026 : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार सत्ता का रास्ता उन करीब 100 विधानसभा सीटों से होकर गुजरता दिख रहा है, जहां पिछली बार हार-जीत का अंतर बेहद कम रहा था। चुनावी दावों और वादों के बीच जमीनी स्तर पर सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस पहले से ज्यादा सीटें जीतकर चौथी बार सरकार बनाएगी। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भारतीय जनता पार्टी के लिए 170 सीटों का लक्ष्य तय किया है। West Bengal SIR Case : चुनाव की आंधी से अंधे नहीं बन सकते -बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी 100 सीटों का निर्णायक गणित राज्य के 23 जिलों में फैली ये करीब 100 सीटें चुनाव का केंद्र बन गई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2024 लोकसभा चुनाव के आधार पर लगभग 119 विधानसभा सीटों पर जीत-हार का अंतर 100 से 15 हजार वोटों के बीच रहा था। कई सीटों पर यह अंतर 100 वोट से भी कम था। अगर 2021 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को देखें, तो एक से 15 हजार वोटों के अंतर वाली सीटों की संख्या 101 थी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन सीटों पर मामूली वोट स्विंग भी पूरे नतीजे को पलट सकता है। इन 100 सीटों में कोलकाता और आसपास की करीब 40 सीटें शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर बंगाल, मुर्शिदाबाद, बांकुड़ा, पुरुलिया और पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर जिलों की कई सीटें भी इस श्रेणी में आती हैं। Yogi-Adhikari Viral Video : CM योगी के सामने दंडवत हुए सुवेंदु अधिकारी, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल शहरी इलाकों में भी बदलेगा खेल ग्रेटर कोलकाता की 126 सीटों में से भाजपा को पिछली बार केवल 18 सीटें मिली थीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 107 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कोलकाता, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना में भाजपा का खाता तक नहीं खुल पाया था। हालांकि उत्तर 24 परगना, नदिया और हुगली जैसे जिलों में भाजपा को कुछ सीटें मिली थीं, जहां मतुआ वोट बैंक अहम भूमिका निभाता है। इन क्षेत्रों में दो से तीन प्रतिशत वोटों का बदलाव भी चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है। Bengal Election BJP Manifesto : बंगाल में BJP महिलाओं को देगी 3 हजार, 6 महीने में UCC लागू! जानिए घोषणापत्र में और क्या वोटर लिस्ट में बदलाव से बदला समीकरण इस बार चुनावी गणित को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला कारक मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) माना जा रहा है। इसमें मृत, अवैध और स्थानांतरित करीब 91 लाख नाम हटाए गए हैं। इसका सबसे ज्यादा असर सीमावर्ती जिलों जैसे मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर और उत्तर व दक्षिण 24 परगना में देखने को मिल सकता है। इन बदलावों से कई सीटों पर वोट बैंक का संतुलन प्रभावित होने की संभावना है। पिछले चुनावों के आंकड़े क्या कहते हैं 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को करीब 2.90 करोड़ वोट (48.46%) मिले थे, जबकि भारतीय जनता पार्टी को करीब 2.29 करोड़ वोट (37.98%) प्राप्त हुए थे। वहीं 2024 लोकसभा चुनाव में तृणमूल को करीब 2.76 करोड़ वोट मिले, जबकि भाजपा को 2.34 करोड़ वोट हासिल हुए, जो कुल वोटों का लगभग 39.10 प्रतिशत था। Bengal Election 2026 : बंगाल चुनाव में नई सियासी चाल! ओवैसी-कबीर गठबंधन से बदल सकता है मुस्लिम वोट बैंक का खेल निर्णायक होगी छोटी बढ़त राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन 100 सीटों पर मामूली अंतर ही सत्ता का फैसला करेगा। यदि किसी भी पार्टी ने इन सीटों पर अपने वोट प्रतिशत में थोड़ी बढ़त हासिल कर ली, तो पूरे चुनाव का परिणाम बदल सकता है। कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल में इस बार का चुनाव बेहद कांटे का मुकाबला बनने जा रहा है, जहां हर वोट की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
Petrol and Diesel Prices : चुनाव के बाद लग सकता है बड़ा झटका! पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक हो सकता है महंगा

Petrol and Diesel Prices : नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत में फिलहाल ईंधन के दाम स्थिर रखे गए हैं, जिससे तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। 46 दिनों में 27 डॉलर महंगा हुआ कच्चा तेल पिछले कुछ हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 27 फरवरी को कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था, जो महज 20 दिनों में 19 मार्च को बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि बाद में कीमतों में कुछ गिरावट आई और 14 अप्रैल को यह 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इस तरह 46 दिनों में कच्चे तेल की कीमत में कुल 27 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Taniya – Chahal Controversy : डिलीट करो वीडियो! एक्ट्रेस तानिया चटर्जी पर क्रिकेटर चहल की टीम बना रही प्रेशर कंपनियों को रोजाना हजारों करोड़ का नुकसान कच्चे तेल की महंगाई का सीधा असर तेल कंपनियों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल पर करीब 18 रुपए और डीजल पर 35 रुपए का नुकसान हो रहा है। पिछले महीने के उच्चतम स्तर पर यह नुकसान करीब 2,400 करोड़ रुपए प्रतिदिन तक पहुंच गया था। एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए की कटौती के बाद भी कंपनियां हर दिन करीब 1,600 करोड़ रुपए का घाटा झेल रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी से पेट्रोल-डीजल पर लगभग 6 रुपए प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है। Iran- US Peace Talks : अमेरिका-ईरान के बीच गुरुवार से नई वार्ता की तैयारी, JD वेंस का बड़ा बयान आयात पर निर्भरता बढ़ा रही चिंता भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल आयात करता है। इसमें से करीब 45% मिडिल ईस्ट और 35% रूस से आता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उछाल का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। कच्चे तेल की महंगाई से देश का चालू खाता घाटा (CAD) भी बढ़ सकता है। अनुमान है कि 2026 की पहली तिमाही में यह घाटा 20 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। एक्साइज ड्यूटी में लगातार कमी सरकार के राजस्व में पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी का योगदान भी घटा है। वित्त वर्ष 2017 में यह 22% था, जो अब घटकर 8% रह गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार पूरी एक्साइज ड्यूटी हटा भी दे, तब भी तेल कंपनियों का मौजूदा घाटा पूरी तरह खत्म नहीं होगा। Noida Labour Protest Update : QR कोड से जोड़े गए प्रदर्शनकारी, जांच में कई बड़े खुलासे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़े दाम अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत अगस्त 2022 के बाद पहली बार 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई है। वहीं पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए जा चुके हैं। फिलहाल भारत में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में आम लोगों को ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ सकता है।
Taniya – Chahal Controversy : डिलीट करो वीडियो! एक्ट्रेस तानिया चटर्जी पर क्रिकेटर चहल की टीम बना रही प्रेशर

Taniya – Chahal Controversy : स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) और ओटीटी एक्ट्रेस तानिया चटर्जी (Taniya Chatterjee) के बीच सोशल मीडिया पर चल रहा विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हाल ही में तानिया द्वारा पैपराजी के सामने इंस्टाग्राम DM दिखाने के बाद शुरू हुई चर्चा अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। DM विवाद के बाद नया दावा हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में तानिया चटर्जी ने दावा किया है कि वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें चहल की PR टीम की ओर से मैसेज मिले। उन्होंने बताया कि PR टीम ने उनसे सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो हटाने की मांग की। तानिया ने कहा कि उनकी और चहल के बीच कभी फोन या व्हाट्सएप पर बातचीत नहीं हुई। उन्होंने सिर्फ इंस्टाग्राम पर आए मैसेज दिखाए थे। उनके मुताबिक, “मैंने कुछ गलत या झूठ नहीं कहा था। उन्होंने सिर्फ मेरी तारीफ की थी, फिर इसे इतना बड़ा मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है?” Noida Labour Protest Update : नोएडा में फिर बवाल.. पुलिस वाहनों पर पत्थरबाजी, NCR में हाई अलर्ट “सीधे बात क्यों नहीं करते?” तानिया ने यह भी कहा कि अगर युजवेंद्र चहल को इस पूरे मामले से कोई आपत्ति है, तो वे सीधे उनसे बात कर सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि PR टीम के जरिए बात क्यों की जा रही है। उनका यह भी दावा है कि चहल ने उन्हें एक से ज्यादा बार मैसेज किया था। शुरुआत में उन्होंने इन मैसेज पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन बाद में प्रोफाइल देखने पर उन्हें पता चला कि वह एक जाने-माने क्रिकेटर हैं। AI और फर्जीवाड़े के आरोपों पर जवाब सोशल मीडिया पर इस पूरे विवाद को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, जिनमें चैट को फर्जी बताने की बातें भी शामिल हैं। इस पर तानिया ने साफ कहा कि लाइव स्क्रीन पर DM दिखाना आसान नहीं होता। उनके मुताबिक, “वीडियो या फोटो में बदलाव किया जा सकता है, लेकिन लाइव दिखाए गए मैसेज को फेक कहना सही नहीं है। मैंने वही दिखाया जो सच था।” Raisen Krishi Mela : जीतू पटवारी को शिवराज के कृषि मेले में जाने से रोका, पुलिस ने पूरे रास्ते की नाकाबंदी पहले भी जुड़ चुका है नाम गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल की निजी जिंदगी पहले भी चर्चा में रही है। धनश्री वर्मा के साथ उनके रिश्तों को लेकर खबरें आती रही हैं। इसके अलावा आरजे महवश के साथ भी उनका नाम जुड़ने की अटकलें सामने आ चुकी हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले पर चहल या उनकी टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह विवाद अभी थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है और सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर जारी है। यहां देखिये वायरल वीडियो
Trump vs Pope Leo : ईरान युद्ध के बीच तीखा टकराव, AI तस्वीर से और बढ़ा विवाद

Trump vs Pope Leo : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV के बीच इन दिनों तीखा टकराव देखने को मिल रहा है। यह विवाद सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया, धार्मिक प्रतीकों और वैश्विक राजनीति तक फैल गया है। Iran War Ceasefire : पाकिस्तान पर दबाव डालकर अमेरिका ने ईरान से कराई सीजफायर डील AI तस्वीर से बढ़ा विवाद हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक AI-जनित तस्वीर साझा की, जिसमें उन्हें ईसा मसीह जैसी आकृति में दिखाया गया था। इस तस्वीर में वे “हीलर” के रूप में नजर आ रहे थे। हालांकि, भारी विरोध के बाद यह पोस्ट हटा दी गई, लेकिन इसने विवाद को और बढ़ा दिया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब ट्रंप और पोप लियो XIV के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो चुकी है। क्या है विवाद की जड़? इस टकराव की मुख्य वजह दोनों नेताओं के बीच गहरा वैचारिक अंतर है। पोप लियो XIV लगातार शांति, संवाद और युद्ध के विरोध की बात कर रहे हैं। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सख्त रुख और सैन्य कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहे हैं। ईरान युद्ध और अमेरिकी विदेश नीति को लेकर पोप की आलोचना के जवाब में ट्रंप ने उन्हें “कमज़ोर” और “विदेश नीति के लिए खराब” तक कह दिया। Iran- US Peace Talks : अमेरिका-ईरान के बीच गुरुवार से नई वार्ता की तैयारी, JD वेंस का बड़ा बयान वेटिकन और व्हाइट हाउस आमने-सामने वेटिकन सिटी और वॉशिंगटन डीसी के बीच यह टकराव हाल के समय का सबसे असामान्य सार्वजनिक विवाद माना जा रहा है।पोप ने बिना नाम लिए उन नेताओं की आलोचना की, जो युद्ध को सही ठहराने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने “सर्वशक्तिमान होने के भ्रम” के खिलाफ चेतावनी दी और शांति का संदेश दोहराया। इसके जवाब में ट्रंप ने तीखे हमले जारी रखे, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया। ट्रंप के लिए क्या है राजनीतिक फायदा? विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप इस टकराव के जरिए कई राजनीतिक संदेश देना चाहते हैं: एक मजबूत और निर्णायक नेता की छवि बनाना अपने समर्थकों के बीच सख्त नेतृत्व का संदेश देना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचकों को चुनौती देना कुछ विश्लेषकों का यह भी मानना है कि ट्रंप को यह महसूस हो रहा है कि पोप लियो XIV वैश्विक मंच पर एक मजबूत नैतिक आवाज़ बनकर उभर रहे हैं, जिससे राजनीतिक दबाव भी बढ़ सकता है। Jagannath Temple Ratna Bhandar : सोने-चांदी का जखीरा! 48 साल बाद खुला जगन्नाथ मंदिर का भीतरी रत्न भंडार पोप का जवाब: “डरेंगे नहीं, शांति की बात जारी रहेगी” पोप ने साफ कहा है कि वे युद्ध के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे और शांति, संवाद और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में बढ़ती हिंसा के बीच किसी को तो शांति की बात करनी ही होगी। क्यों अहम है यह टकराव? यह विवाद सिर्फ दो नेताओं के बीच नहीं, बल्कि दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच टकराव को दिखाता है- एक ओर सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा की नीति और दूसरी ओर शांति, नैतिकता और संवाद का दृष्टिकोण। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है और इसका वैश्विक राजनीति पर क्या असर पड़ता है।