Noida Labour Protest Update : उत्तर प्रदेश। नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा को लेकर जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि प्रदर्शनकारियों को QR कोड के जरिए रातों-रात व्हाट्सएप्प ग्रुप में जोड़ा गया था। इन ग्रुप्स के जरिए भड़काऊ संदेश फैलाए गए और प्रदर्शन को उग्र करने की साजिश रची गई।
हिंसा को बढ़ावा देने वाले पोस्ट
जांच एजेंसियों के अनुसार अलग-अलग नामों से कई व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाए गए थे, जिनमें मजदूर आंदोलन के नाम पर लोगों को जोड़ा गया। इन ग्रुप्स में उकसाने वाले पोस्ट डाले गए और हिंसा को बढ़ावा देने वाले संदेश प्रसारित किए गए। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में इसके पुख्ता सबूत मिले हैं।
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उपद्रव करने वाले लोग फैक्ट्री के कर्मचारी नहीं
इस बीच, घटना से जुड़े CCTV फुटेज भी सामने आए हैं। नोएडा के सेक्टर-63 के पास एक फैक्ट्री के वीडियो में देखा गया कि कुछ लोग फैक्ट्री का गेट तोड़कर अंदर घुसते हैं और जमकर तोड़फोड़ करते हैं।
वीडियो में फैक्ट्री कर्मचारियों की आवाज भी सुनाई देती है, जिसमें वे कह रहे हैं कि उपद्रव करने वाले लोग फैक्ट्री के कर्मचारी नहीं, बल्कि बाहरी हैं। पुलिस इन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
फेज-2 इलाके में कर्मचारियों का प्रदर्शन
बीते दिन सोमवार को नोएडा के कई इलाकों में कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। फेज-2 इलाके में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था, जिसमें वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं की मांग शामिल थी। हालांकि प्रदर्शन के बाद कुछ स्थानों पर हालात बिगड़ गए और हिंसा फैल गई।
सड़कों के किनारे जली हुई कारें खड़ी
रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा सेक्टर-63 इलाके में आगजनी के निशान अब भी देखे जा सकते हैं। सड़कों के किनारे जली हुई कारें खड़ी हैं और फैक्ट्रियों के शीशे टूटे हुए हैं। कंपाउंड के अंदर भी पत्थरबाजी और आगजनी के सबूत मिले हैं।
सेक्टर-80 में भी मजदूरों ने प्रदर्शन किया, जहां कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
बाहरी तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की
पुलिस का कहना है कि कर्मचारियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद कुछ बाहरी तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। इस मामले में अब तक 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
हिंसा के इस मामले में अब तक 350 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
400 से 500 लोगों की भीड़ पहुंची फैक्ट्री के बाहर
जूते के सोल बनाने वाली SR यूनिवर्सल कंपनी के सिक्योरिटी इंचार्ज सत्यभान के मुताबिक, करीब 1 बजे 400 से 500 लोगों की भीड़ फैक्ट्री के बाहर पहुंची। उन्होंने पहले सीसीटीवी कैमरे तोड़े और फिर अंदर घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। फैक्ट्री परिसर में कारें और रिसेप्शन एरिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए।
डीजीपी के सख्त निर्देश
इस बीच, डीजीपी राजीव कृष्ण ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहारनपुर दौरे को ध्यान में रखते हुए एनसीआर से सहारनपुर तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
जांच में सामने आई ये बात
जांच में यह भी सामने आया है कि 50 से अधिक संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए थे, जिनके जरिए भ्रामक और भड़काऊ जानकारी फैलाने की कोशिश की गई।
इनमें से कई अकाउंट पिछले 24 घंटे के भीतर ही बनाए गए थे। इस पूरे मामले की जांच अब एसटीएफ को सौंप दी गई है, जो डिजिटल ट्रेल की गहराई से जांच कर रही है।
फिलहाल, नोएडा में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे एनसीआर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और शांति व्यवस्था कायम रखने के प्रयास जारी हैं।