7400 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी मिली स्कूटी, CM मोहन यादव बोले- PM मोदी भी कठिन परिस्थितियों से निकलकर प्रधानमंत्री बने
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नि:शुल्क स्कूटी वितरण उन बच्चों के सम्मान का प्रतीक है।
MP Scooty Yojana 2026: मध्य प्रदेश में शासकीय स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत स्कूटी की सौगात दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है। इस योजना के तहत 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब एक लाख रुपए तक कीमत वाली स्कूटी मिलने से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी। जब कोई बच्चा अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर घर में स्कूटी लेकर आता है तो इससे माता-पिता के साथ गांव और पूरे समाज का गौरव बढ़ता है। सरकार स्कूली बच्चों को मुफ्त किताबें, ड्रेस और साइकिल भी उपलब्ध करा रही है।
'प्रतिभाशाली विद्यार्थी मेहनत से प्रदेश को आगे बढ़ाएं'
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एक समय प्रदेश के कई स्कूलों में बच्चों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। अब हालात बदल रहे हैं और विद्यार्थी अपने भविष्य और करियर को लेकर बड़े सपने देख रहे हैं। युवा पुश्तैनी कारोबार और खेती-किसानी को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाने के साथ एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं। नई तकनीक और नवाचार के जरिए खेती को ज्यादा लाभकारी बनाने की दिशा में भी युवा आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2002-03 में स्कूल शिक्षा विभाग का बजट करीब 2600 करोड़ रुपए था, जबकि अब स्कूल शिक्षा के लिए 38 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष प्रदेश का कुल बजट 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए रहा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ें और प्रदेश के विकास में योगदान दें।
प्रधानमंत्री का भी जिक्र किया
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी कठिन परिस्थितियों से निकलकर आगे बढ़े और देश के प्रधानमंत्री बने। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के समय प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि वे अर्थशास्त्र के जानकार थे और रिजर्व बैंक के गवर्नर भी रहे, लेकिन मोदी सरकार के दौरान डीबीटी के जरिए सरकारी सहायता सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत हुई।
उन्होंने डिजिटल पेमेंट सिस्टम और कोविड टीकाकरण को भी देश में हुए बड़े बदलावों में गिनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गरीब से गरीब व्यक्ति का बैंक खाता है और योजनाओं की राशि सीधे खाते में पहुंच रही है।
सरकारी स्कूलों में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002-03 में प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉपआउट दर 16 प्रतिशत थी, जो अब शून्य हो गई है। सरकार सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय भी खोल रही है। इन स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं और पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की ओर से पहले भी बताया गया है कि सांदीपनि विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी, खेल और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नि:शुल्क स्कूटी वितरण उन बच्चों के सम्मान का प्रतीक है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत कर परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है।
'भारत के लोग बड़ी से बड़ी चुनौती का सामने करने में सक्षम'
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे सीए सहित अलग-अलग क्षेत्रों में करियर बनाएं और उच्च शिक्षा हासिल करें। उन्होंने कहा कि जीएसटी व्यवस्था के बाद इस क्षेत्र में भी युवाओं के लिए अवसर बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य उनके हाथों में है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और युवाओं के पढ़-लिखकर आगे बढ़ने से देश को दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने में योगदान मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए भारतवासी सक्षम हैं। सरकार युवा शक्ति और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाते हुए विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ काम कर रही है।
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