'MP में 12 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर उतरा', CM मोहन यादव बोले- किसानों को 4 गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास का फायदा प्रदेश के हर वर्ग तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने 2025 को उद्योग वर्ष और 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में किए गए कामों का भी जिक्र किया।
MP News: मध्य प्रदेश में विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ किसानों के हितों को ध्यान में रखने की दिशा में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण होने पर उन्हें बाजार मूल्य के मुकाबले चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस समारोह में इस फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में बीते लगभग पौने तीन साल में 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतरा है।
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योग, रोजगार, कृषि, पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास का फायदा प्रदेश के हर वर्ग तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने 2025 को उद्योग वर्ष और 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में किए गए कामों का भी जिक्र किया।
किसानों को कैसे मिलेगा चार गुना मुआवजा?
मध्यप्रदेश कैबिनेट ने अप्रैल 2026 में ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को बढ़ाने की मंजूरी दी थी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। पहले मुआवजे की गणना में गुणांक एक लागू था, जिसे बढ़ाकर दो किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के लिए मिलने वाला मुआवजा चार गुना तक हो सकेगा।
यह फैसला सड़क, पुल, रेलवे, सिंचाई परियोजनाओं और बांध जैसे सार्वजनिक विकास कार्यों के लिए जमीन लेने पर लागू होगा। सरकार का मानना है कि ज्यादा मुआवजा मिलने से किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और जमीन अधिग्रहण से जुड़ी परेशानियां कम होंगी। हालांकि, मुआवजे की वास्तविक राशि जमीन के मूल्य और लागू नियमों के आधार पर तय होगी।
कृषि विकास दर 24 प्रतिशत से ज्यादा
मुख्यमंत्री ने स्थापना दिवस समारोह में बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 24 प्रतिशत से अधिक है। सरकार सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि किसानों को खेती के लिए बेहतर संसाधन मिल सकें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है और सरकार इसे पहले स्थान पर लाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।
समारोह में मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को 490 करोड़ रुपये की सब्सिडी दिए जाने की जानकारी भी दी। उनके मुताबिक, प्रदेश में निवेश बढ़ने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
बड़ी परियोजनाओं से विकास को मिलेगी गति
प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें धार जिले का पीएम मित्र पार्क, बीना रिफाइनरी का विस्तार, केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना शामिल हैं। मोहासा-बाबई में रिन्यूएबल एनर्जी और पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार की कोशिश है कि इन परियोजनाओं से औद्योगिक गतिविधियां बढ़ें और किसानों, युवाओं तथा आम लोगों को इसका लाभ मिले। चार गुना मुआवजे का फैसला इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है, जिससे विकास और किसानों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।
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