कैलाश यात्रा पर गए इंदौर के कारोबारी की मौत, महाकाल के लिए बनाते थे चांदी के मुकुट
दोस्तों ने स्थिति को देखते हुए अपने साथ रखी ऑक्सीजन किट से तिलक को ऑक्सीजन दी। इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत कारोबारी की मौत हो गई।
MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर से भगवान शिव के दर्शन करने उत्तराखंड गए एक युवक की आदि कैलाश यात्रा के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान तिलक शर्मा के रूप में हुई है। वह अपने दोस्तों के साथ धार्मिक यात्रा पर उत्तराखंड पहुंचा था। दर्शन करके लौटते समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। दोस्तों ने अपने पास मौजूद ऑक्सीजन किट से उसे राहत देने की कोशिश की, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अचानक होने लगी सांस लेने में परेशानी
घटना उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की है। जानकारी के मुताबिक, तिलक अपने दोस्तों के साथ आदि कैलाश के दर्शन करने पहुंचे थे। इसके पहले समूह ने नीम करौली बाबा, जागेश्वर और मुक्तेश्वर के दर्शन किए थे। इसके बाद सभी नैनीताल घूमने पहुंचे और फिर आदि कैलाश की यात्रा पर गए।
तिलक के दोस्त प्रतीक शर्मा के मुताबिक दर्शन के बाद लौटते समय उसकी तबीयत खराब होने लगी। उसे सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। पहाड़ी क्षेत्र में ऊंचाई ज्यादा होने के कारण हवा में ऑक्सीजन का दबाव मैदानी इलाकों की तुलना में कम रहता है। दोस्तों ने स्थिति को देखते हुए अपने साथ रखी ऑक्सीजन किट से तिलक को ऑक्सीजन दी। इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे गुंजी स्थित अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसका इलाज किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
महाकाल मंदिर के लिए बनाते थे चांदी की सामग्री
तिलक शर्मा इंदौर में सराफा कारोबार से जुड़े थे। वह अपने पिता के साथ काम करते थे। उनके दोस्त के मुताबिक, तिलक उज्जैन के महाकाल मंदिर के लिए चांदी के मुकुट और श्रृंगार से जुड़ी सामग्री तैयार करते थे। इनमें भगवान के लिए छत्र, टीका और अन्य आभूषण शामिल थे।
परिवार के लिए यह घटना बड़ा सदमा है। बताया गया है कि तिलक परिवार के इकलौते बेटे थे और अगले साल उनकी शादी होने वाली थी।
धारचूला लाया गया शव, पोस्टमार्टम से पता चलेगा कारण
युवक की मौत के बाद उसका शव गुंजी से धारचूला लाया गया। फिलहाल शव को राजकीय अस्पताल में रखा गया है। पुलिस की ओर से जरूरी कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
धारचूला के अधिकारियों के मुताबिक मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी थी। हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। शुरुआती जानकारी में सांस लेने में परेशानी की बात सामने आई है।
इस सीजन में तीन श्रद्धालुओं की मौत
कैलाश यात्रा के इस सीजन में यह तीसरी मौत बताई जा रही है। इससे पहले भी दो श्रद्धालुओं की यात्रा के दौरान जान जा चुकी है। पहाड़ों में अधिक ऊंचाई, कम ऑक्सीजन दबाव, ठंड और मौसम में अचानक बदलाव यात्रियों के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक ऊंचाई वाले इलाकों में सांस फूलना, सिरदर्द, चक्कर आना और उल्टी जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर कम ऊंचाई वाले इलाके में जाना भी जरूरी हो सकता है।




