मध्य प्रदेश में 'अर्नब' का असर जारी, 2 नवंबर तक बारिश और तेज हवाएं, पारा लुढ़का; आज 33 जिलों में अलर्ट
30 अक्टूबर को प्रदेश के 33 जिलों में आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम में आए इस बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में सक्रिय रहा चक्रवाती तूफान 'अर्णब' है। इसके असर से प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। हालांकि, यह तूफान अब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, इसके अलावा राजस्थान और हरियाणा के आसपास बने मौसमी सिस्टम का भी असर देखने को मिल रहा है। इनकी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
33 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को प्रदेश के 33 जिलों में आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
भोपाल, विदिशा, राजगढ़, गुना, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर और मैहर सहित कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। खासकर पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है।
कई शहरों में 9 डिग्री तक गिरा दिन का तापमान
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के तापमान में भी बड़ा बदलाव आया है। गुरुवार को कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया।
सागर में अधिकतम तापमान 8.9 डिग्री की गिरावट के साथ 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सीधी में पारा 9 डिग्री गिरकर 22.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। राजधानी भोपाल में भी अधिकतम तापमान में 5.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। यहां दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को दिन में भी हल्की ठंड महसूस होने लगी है।
2 नवंबर तक रहेगा 'अर्नब' का असर
चक्रवाती तूफान अर्नब भले ही कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसके बचे हुए मौसमी सिस्टम का असर मध्य प्रदेश में 2 नवंबर तक देखने को मिल सकता है। इसके चलते प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में इसका असर ज्यादा रह सकता है। मौसम में लगातार बदलाव के कारण दिन के तापमान में गिरावट और रात में ठंडक बढ़ने के आसार हैं। हालांकि, हर जिले में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं रहेगी।
किसानों को किया सावधान
मौसम में आए बदलाव का असर खेती पर भी पड़ सकता है। खासकर धान की फसल तैयार कर रहे किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है। कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि खेतों में नमी अधिक होने और बारिश की संभावना को देखते हुए फिलहाल धान की कटाई से बचें।
गीली फसल की कटाई करने से दाने टूटने और उनकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा रहता है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि फसल को अच्छी तरह धूप लगने के बाद ही काटें। इसके अलावा तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए अगले एक-दो दिन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।



