MP में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी के तूफान का असर; जानिए आपके शहर के मौसम का हाल
रीवा, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जैसे जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत है। जबलपुर, कटनी, सिवनी और छिंदवाड़ा में भी मौसम बिगड़ने की आशंका है।
MP Weather Update: मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब बारिश का दौर खत्म हो जाएगा, लेकिन अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। बंगाल की खाड़ी में तेजी से ताकतवर हो रहा चक्रवाती तूफान प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 27 अक्टूबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 अक्टूबर से बारिश बढ़ने और 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी का तूफान कैसे लाएगा बारिश?
इस समय बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम प्रदेश में बारिश की मुख्य वजह बना हुआ है। यह सिस्टम चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है और इसके आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। इसके असर से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में नमी बढ़ सकती है, जिससे बादल बनने, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
मौसम में बदलाव के पीछे केवल एक ही वजह नहीं है। उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के आसपास ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण जैसी मौसमी गतिविधियां भी वातावरण को प्रभावित कर रही हैं। हालांकि, बारिश की तीव्रता हर जिले में एक जैसी नहीं रहेगी।
28 और 29 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
- 28 अक्टूबर: पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
- 29 अक्टूबर: कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
- 30 अक्टूबर: पूर्वी हिस्सों में फिर भारी बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां हो सकती हैं।
रीवा, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जैसे जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत है। जबलपुर, कटनी, सिवनी और छिंदवाड़ा में भी मौसम बिगड़ने की आशंका है। जिलेवार चेतावनी में बदलाव हो सकता है, इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
मानसून जाने के बाद भी क्यों हो रही बारिश?
आमतौर पर मानसून की विदाई के बाद मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होने लगती हैं। आसमान साफ होने के साथ दिन में धूप तेज रहती है और रात के तापमान में गिरावट आने लगती है। लेकिन मानसून खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि इसके बाद बारिश नहीं हो सकती।
बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र, चक्रवाती तूफान और पश्चिमी विक्षोभ जैसे सिस्टम मानसून के बाद भी बारिश करा सकते हैं। इस बार अक्टूबर के आखिरी दिनों में सक्रिय मौसमी सिस्टमों के कारण प्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है। इसका असर खासतौर पर पूर्वी जिलों में ज्यादा दिखाई दे सकता है।
तापमान में भी दिख रहा उतार-चढ़ाव
बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। कुछ इलाकों में रातें ठंडी हो रही हैं, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस की जा रही है। ऐसे में एक ही दिन में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है। वहीं, बारिश थमने और आसमान साफ होने पर रात में ठंड बढ़ने की संभावना रहती है। हालांकि, तापमान में कितनी गिरावट होगी, यह स्थानीय मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
किसानों और आम लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
तेज बारिश और आंधी के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचें। बिजली चमकने के समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों और सुरक्षित जगह पर रहें। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की आशंका को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहना चाहिए।
किसानों को भी बारिश के पूर्वानुमान के अनुसार खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करने और कटी हुई फसल को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग की चेतावनियों के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाना फायदेमंद रहेगा। फिलहाल, मध्य प्रदेश में बारिश की वापसी का कारण मानसून नहीं, बल्कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम है। अगले कुछ दिनों में खासकर पूर्वी जिलों में मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा।
मध्य-प्रदेश मौसम
MP Weather Updates: मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के साथ 'गुलाबी ठंड' ने दस्तक दे दी है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित सभी जिलों के तापमान, बारिश की संभावना और मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी की लाइव और सटीक रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
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