सऊदी में 4 हजार भारतीय फंसे, MP के 300 लोग शामिल; मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण फ्लाइट रद्द
एयर इंडिया के मुताबिक, 24 अक्टूबर या उससे पहले जारी कन्फर्म टिकट वाले पात्र यात्री नियमों और उपलब्धता के आधार पर टिकट रीबुक करा सकते हैं या रद्द करने पर पूरा रिफंड ले सकते हैं। एयरलाइंस ने यात्रियों को अपनी बुकिंग और वैकल्पिक यात्रा के लिए संबंधित कंपनी से संपर्क करने की सलाह दी है।
MP News: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच सऊदी अरब के लिए उड़ानें रद्द होने से उमराह करने गए करीब 4 हजार भारतीयों की वापसी प्रभावित हुई है। इनमें मध्य प्रदेश के 300 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की आशंका है। भोपाल और इंदौर के 120 से ज्यादा यात्रियों के भी फंसे होने की बात सामने आई है। उड़ानें बंद होने के कारण यात्रियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है और वैकल्पिक टिकट मिलने में भी परेशानी हो रही है।
केंद्र सरकार से विशेष उड़ानों की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने केंद्र सरकार से भारतीय यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवल हेल्पलाइन नंबर जारी करने या वीजा अवधि बढ़ाने से यात्रियों की समस्या हल नहीं होगी। सरकार को एयरलाइंस के साथ समन्वय कर वैकल्पिक उड़ानों या विशेष विमानों की व्यवस्था करनी चाहिए। कांग्रेस नेता का कहना है कि कई यात्रियों को होटल, भोजन और स्थानीय परिवहन पर रोजाना प्रति व्यक्ति करीब 4 से 5 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। हफीज ने खुद भी उड़ान रद्द होने के कारण परेशानी झेलने और दूसरी एयरलाइन से अन्य देश के रास्ते भारत लौटने की बात कही।
दूसरे देश के रास्ते भारत लौटने पर विकल्प
मध्य प्रदेश के रहने वाले सऊदी में फंसे लोगों के परिजनों ने बताया कि टिकट की बुकिंग नहीं हो पा रही है। बड़ी संख्या में लोग उमराह करने के लिए मदीना गए हैं। परिजनों ने बताया उड़ान रद्द होने के बाद दूसरी फ्लाइट नहीं मिल सकी। अब ट्रैवल एजेंसी दूसरे देश के रास्ते भारत लौटने का विकल्प तलाश रही है। वैकल्पिक यात्रा के लिए पुराने टिकट के अलावा परिवार को करीब 20 से 22 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं। उड़ानों की अनिश्चितता के कारण यात्रियों के सामने आर्थिक परेशानी भी बढ़ रही है।
होटल और महंगे टिकट ने बढ़ाई मुश्किल
बर्रा ट्रैवल्स के मैनेजर हमजा नदवी ने बताया कि उड़ानें रद्द होने के बाद यात्रियों को ठहरने और भोजन की पर्याप्त सुविधाएं मिलने में परेशानी हुई। उनके मुताबिक, एयरलाइंस की ओर से टिकट का पूरा रिफंड देने का विकल्प था, लेकिन दूसरी उड़ानों के टिकट काफी महंगे मिल रहे थे। कुछ यात्रियों ने कर्ज लेकर या अपनी गाड़ी और सामान बेचकर महंगे टिकट खरीदे, ताकि वे भारत लौट सकें। उन्होंने प्रभावित यात्रियों के साथ टूर ऑपरेटरों को हुए आर्थिक नुकसान पर भी ध्यान देने की मांग की।
7 नवंबर तक रियाद-दम्माम की उड़ानें रद्द
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद और दम्माम आने-जाने वाली उड़ानों को 7 नवंबर 2026 तक निलंबित रखने का ऐलान किया है। वहीं, जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी। इंडिगो ने भी सऊदी अरब के कुछ शहरों के लिए सेवाएं निलंबित की हैं, जबकि अकासा एयर ने भी उड़ानों पर रोक बढ़ाई है। एयर इंडिया के मुताबिक, 24 अक्टूबर या उससे पहले जारी कन्फर्म टिकट वाले पात्र यात्री नियमों और उपलब्धता के आधार पर टिकट रीबुक करा सकते हैं या रद्द करने पर पूरा रिफंड ले सकते हैं। एयरलाइंस ने यात्रियों को अपनी बुकिंग और वैकल्पिक यात्रा के लिए संबंधित कंपनी से संपर्क करने की सलाह दी है।

