गुना में BJP नेता के भाई की गोली मारकर हत्या, 500 बीघा जमीन विवाद में भतीजे पर फायरिंग का आरोप
गुना की इस घटना ने पुश्तैनी संपत्ति के विवादों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
MP News: मध्य प्रदेश के गुना जिले में बीजेपी नेता के छोटे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि भाजपा जिला महामंत्री
वीर बहादुर सिंह सारेठा के छोटे भाई विजय यादव का 500 बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। हत्या का आरोप
भाजपा नेता के बड़े भाई भरत सिंह यादव के बेटे विशाल पर है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू
कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
करीब 500 बीघा जमीन को लेकर विवाद
पूरा मामला सिरसी थाना क्षेत्र के सारेठा गांव का है। जानकारी के मुताबिक परिवार में वन विभाग से जुड़ी करीब 500 बीघा जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार रात करीब 8 बजे इसी मुद्दे पर परिवार के सदस्यों के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और गोली चलने की घटना सामने आई। इस दौरान विजय यादव को गोली लग गई। परिवार का एक अन्य सदस्य भी घायल हुआ। घटना के बाद परिजन दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने विजय यादव को मृत घोषित कर दिया। घायल सदस्य का इलाज जारी है।
बड़े भाई के बेटे पर गोली चलाने का आरोप
विजय यादव के बड़े भाई भरत सिंह यादव के बेटे विशाल पर गोली चलाने का आरोप लगा है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश में कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य आधार जमीन विवाद, घटना के समय मौजूद लोगों के बयान और गोलीबारी से जुड़े अन्य सबूत हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
भाई की मौत की खबर से भाजपा नेता की तबीयत बिगड़ी
वहीं विजय यादव की मौत की खबर मिलने के बाद भाजपा नेता वीर बहादुर सिंह सारेठा की तबीयत बिगड़ गई। उनका ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद परिवार में दुख का माहौल है। जिस जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था, उसी विवाद के हिंसक होने से परिवार के एक सदस्य की जान चली गई और दूसरा घायल हो गया।
राजनीतिक चर्चा के बीच पुलिस जांच पर नजर
घटना के बाद आरोपी के राजनीतिक जुड़ाव को लेकर भी चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, किसी राजनीतिक दल से उसके संबंधों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस मामले को फिलहाल जमीन विवाद और गोलीबारी की घटना के रूप में देखते हुए पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है। गुना की इस घटना ने पुश्तैनी संपत्ति के विवादों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

