MP की राज्यसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आज से नामांकन, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई
मध्य प्रदेश विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 230 है। राज्यसभा उपचुनाव में विधायकों के मतों के आधार पर नए सांसद का चयन होगा। भाजपा के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत होने के कारण उसके उम्मीदवार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
MP News: मध्य प्रदेश की खाली हुई राज्यसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया 26 अक्टूबर से शुरू हो रही है। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई इस सीट के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे। भाजपा में उम्मीदवार के चयन को लेकर कई नामों पर चर्चा है। हालांकि, पार्टी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है। इस चुनाव में विधानसभा में दलों की संख्या और विधायकों के वोट अहम भूमिका निभाएंगे।
नामांकन की आखिरी तारीख 2 नवंबर
चुनाव आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर तय की गई है। इसके बाद 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि चुनाव की नौबत आती है, तो 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 16 नवंबर तक संपन्न कराई जानी है।
भाजपा में कई नामों पर चर्चा
इस सीट के लिए भाजपा के अंदर संभावित उम्मीदवारों को लेकर अटकलें तेज हैं। तमिलनाडु भाजपा की पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के नेताओं में पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल, पूर्व उपाध्यक्ष विनोद गोटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नाम सामने आए हैं।
हालांकि, इन नामों पर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में उम्मीदवार का चयन भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर निर्भर करेगा। प्रदेश के बाहर के किसी नेता को मौका मिलने की संभावना को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हैं।
229 विधायकों के वोट पर नजर
मध्य प्रदेश विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 230 है। राज्यसभा उपचुनाव में विधायकों के मतों के आधार पर नए सांसद का चयन होगा। भाजपा के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत होने के कारण उसके उम्मीदवार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, अंतिम चुनावी गणित मतदान के पात्र विधायकों और वैध मतों के आधार पर तय होगा।
बीना से विधायक निर्मला सप्रे की स्थिति को लेकर भी राजनीतिक चर्चा होती रही है। उनके राजनीतिक रुख और दलबदल से जुड़े मामले को देखते हुए मतदान के समय उनकी भूमिका पर नजर रहेगी।
मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
एल. मुरुगन सितंबर 2021 में पहली बार तमिलनाडु से राज्यसभा पहुंचे थे। अप्रैल 2024 में वे मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए। उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक निर्धारित था, लेकिन 14 अक्टूबर 2026 को इस्तीफा देने के बाद सीट रिक्त हो गई।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। इस उपचुनाव के बाद रिक्त सीट पर नया सदस्य चुना जाएगा। अब सभी की नजर भाजपा के उम्मीदवार की घोषणा और 12 नवंबर को होने वाले मतदान पर है।


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