6 राज्यों में SIR की 'डेडलाइन' बढ़ी, सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- इतनी जल्दबाजी क्यों? दिल्ली में 22 दिसंबर को जारी होगी फाइनल लिस्ट
चुनाव आयोग ने दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नगालैंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्यक्रम बदला। दिल्ली और महाराष्ट्र के मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिला है।
SIR Revision Schedule: मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, गलत जानकारी ठीक कराने और दर्ज नामों पर आपत्ति करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए चुनाव आयोग ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में समय सीमा बढ़ा दी है। आयोग ने गुरुवार 29 अक्टूबर को संशोधित कार्यक्रम जारी किया। इसके तहत दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पहले से ज्यादा समय मिलेगा। वहीं पांच राज्यों में अंतिम मतदाता सूची अब 30 नवंबर को जारी की जाएगी। दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट के लिए 22 दिसंबर की तारीख तय की गई है।
यह बदलाव मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत किया गया है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं की जानकारी की जांच की जाती है। इसका मकसद सूची में नाम, पता और दूसरी जानकारियों को अपडेट करना है, ताकि पात्र मतदाता का नाम सूची में सही तरीके से दर्ज रहे।
दिल्ली में 25 नवंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावा
दिल्ली के मतदाताओं के लिए सबसे अहम बदलाव दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की तारीख को लेकर है। पहले यह काम 30 अक्टूबर तक पूरा होना था, लेकिन अब आयोग ने इसकी समय सीमा बढ़ाकर 25 नवंबर कर दी है। यानी जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है या जिनकी जानकारी में गलती है, उन्हें सुधार के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
दावों और आपत्तियों के निपटारे की तारीख भी बढ़ाई गई है। अब यह प्रक्रिया 15 दिसंबर तक चलेगी। इसके बाद 22 दिसंबर को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
महाराष्ट्र में भी बढ़ी समय सीमा
महाराष्ट्र में मतदाता सूची को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की आखिरी तारीख पहले 26 अक्टूबर थी। अब इसे बढ़ाकर 13 नवंबर कर दिया गया है। वहीं इन दावों की जांच और निपटारे के लिए 25 नवंबर तक का समय दिया गया है। राज्य में अंतिम वोटर लिस्ट 30 नवंबर को जारी होगी।
बाकी चार राज्यों में क्या बदला?
हरियाणा और आंध्र प्रदेश में दावों और आपत्तियों से जुड़े नोटिस जारी करने और उनके निपटारे की प्रक्रिया अब 20 नवंबर तक पूरी की जाएगी। तेलंगाना में इसके लिए 26 नवंबर और नगालैंड में 25 नवंबर तक का समय दिया गया है। इन तीनों राज्यों के साथ हरियाणा और आंध्र प्रदेश में भी अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को प्रकाशित होगी। इन चार राज्यों में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी थी। इसलिए यहां मुख्य रूप से जांच और निपटारे की समय सीमा में बदलाव किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद भी चर्चा में SIR
मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर पहले से ही राजनीतिक और कानूनी स्तर पर चर्चा चल रही है। दिल्ली के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 28 अक्टूबर को चुनाव आयोग से कहा था कि मतदाताओं के फॉर्म स्वीकार करने के लिए किसी सख्त अंतिम तारीख पर जोर न दिया जाए। साथ ही जानकारी की जांच और जरूरी दस्तावेज लेने की प्रक्रिया जारी रखने को कहा था। कोर्ट ने पूछा कि जब अभी चुनाव नहीं है तो फिर एसआईआर की इतनी जल्दी क्यों है।
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