कौन है भारत का मोस्ट वांटेड हिमांशु भाऊ? अमेरिका से किया गया गिरफ्तार, इंटरपोल ने जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस
गैंगस्टर का नाम कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या के मामले में भी सामने आया। जून 2019 में फरीदाबाद में विकास चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
Himanshu Bhau Arrested In US: भारत में हत्या, रंगदारी और संगठित अपराध के मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों को 22 अक्टूबर को लास वेगास में पकड़ा गया। इस कार्रवाई में हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से मिले इनपुट के आधार पर अमेरिकी एजेंसियों ने कदम उठाया। अब भारतीय एजेंसियां दोनों को वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी हैं। जानकारी के मुताबिक इस कार्रवाई में अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की मदद ली गई। हरियाणा STF अमेरिकी अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। हालांकि, दोनों को भारत कब लाया जाएगा, इसकी तारीख अभी सामने नहीं आई है।
फर्जी पहचान से विदेश में रहने का आरोप
जानकारी के मुताबिक हिमांशु भाऊ ने कथित तौर पर हिमांशु सिगरोहा के नाम से पासपोर्ट बनवाया था। वहीं नीरज फरीदपुरिया ने नीरज कौशिक नाम से पहचान बनाई थी। जांच एजेंसियों को शक है कि दोनों ने अपनी असली पहचान छिपाकर विदेश में ठिकाना बनाया और वहां से भारत में सक्रिय अपने नेटवर्क के संपर्क में रहे।
हिमांशु भाऊ पर हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हत्या, अपहरण और जबरन वसूली से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की तलाश में था। उसके खिलाफ इंटरपोल का नोटिस भी जारी किया गया था। पुलिस को शक है कि वह विदेश में रहकर अपने साथियों के जरिए आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहा था।
नीरज फरीदपुरिया पर 25 से ज्यादा मामले
नीरज फरीदपुरिया हरियाणा के पलवल जिले का रहने वाला है। उसके खिलाफ 25 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। उसे 2012 में एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। साल 2015 में एक हत्या के मामले में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, 2019 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी।
इसके बाद उसका नाम कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या के मामले में भी सामने आया। जून 2019 में फरीदाबाद में विकास चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में नीरज का नाम सामने आने के बाद एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं।
भारत लाने के लिए तैयारी
दोनों की गिरफ्तारी को विदेश में छिपे अपराधियों के खिलाफ भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई में अहम कदम माना जा रहा है। अब आगे की प्रक्रिया अमेरिकी कानून और संबंधित एजेंसियों के समन्वय के तहत पूरी होगी। भारत लाए जाने के बाद दोनों से अलग-अलग मामलों में पूछताछ की जा सकती है। हालांकि, प्रत्यर्पण या डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी होने तक उनकी वापसी को लेकर कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है।

