ट्विशा केस: CBI ने केस दिल्ली ट्रांसफर करने का समर्थन किया, कहा- आरोपी प्रभावशाली, गवाहों को डरा धमका सकते हैं
ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले का ट्रायल भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की थी। उनका कहना था कि आरोपियों के स्थानीय स्तर पर प्रभाव और संपर्कों के कारण भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई को लेकर चिंता है।
Twisha Death Case: भोपाल की ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस केस की सुनवाई भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का भी समर्थन मिल गया है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में आशंका जताई है कि भोपाल में मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपियों के प्रभाव का इस्तेमाल हो सकता है। इससे गवाहों को डराने और निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित होने का खतरा है।
दरअसल, ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले का ट्रायल भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की थी। उनका कहना था कि आरोपियों के स्थानीय स्तर पर प्रभाव और संपर्कों के कारण भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई को लेकर चिंता है। अब CBI ने भी अपने जवाब में इन आशंकाओं को गंभीर बताया है।
'पूर्व जज गिरिबाला और समर्थ भोपाल में प्रभावशाली'
CBI ने अपने जवाब में आरोपी गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह का जिक्र किया है। गिरिबाला सिंह भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर रह चुकी हैं, जबकि उनके बेटे समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं। एजेंसी का कहना है कि दोनों का भोपाल में प्रभाव है। ऐसे में मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों को प्रभावित करने या उन्हें डराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। CBI ने यह भी कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए ऐसी स्थिति से बचना जरूरी है, जिसमें किसी पक्ष के प्रभाव के कारण न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो।
जांच में दखल देने के भी आरोप
CBI ने अपने जवाब में शुरुआती पुलिस जांच के दौरान गिरिबाला सिंह की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। एजेंसी के मुताबिक, ट्विशा की मौत के बाद घटनास्थल और सबूतों से जुड़े मामलों में उनके हस्तक्षेप के आरोप सामने आए थे।
CBI ने बताया कि जांच के दौरान गिरिबाला सिंह ने एक तकनीशियन से संपर्क कर संबंधित समय की CCTV फुटेज की कॉपी हासिल की थी। इसके अलावा 13 मई 2026 को उन्होंने एक्सप्रेशन ब्यूटी पार्लर की संचालिका से संपर्क कर ट्विशा के 12 मई को वहां आने के बारे में जानकारी ली थी। एजेंसी के अनुसार, इसके बाद कुछ लोगों को भेजकर पार्लर की CCTV फुटेज भी हासिल की गई। CBI ने इन घटनाओं को जांच में कथित अनावश्यक हस्तक्षेप का हिस्सा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा है। हालांकि, ये आरोप हैं और इन पर अंतिम फैसला अदालत को करना है।
12 मई को ससुराल में हुई थी ट्विशा की मौत
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। उनके परिवार ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे। मामले की शुरुआती जांच मध्य प्रदेश पुलिस ने की थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जांच CBI को सौंप दी गई। CBI ने 17 अगस्त 2026 को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 108 और 3(5) के तहत आरोप लगाए गए हैं। दहेज से जुड़े कुछ पहलुओं पर आगे की जांच जारी है।
सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई का इंतजार
ट्विशा के पिता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर को भोपाल की अदालत में चल रही ट्रायल प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी और CBI के साथ ही आरोपियों से जवाब मांगा था। 30 अक्टूबर को मामले पर सुनवाई होनी थी, लेकिन आरोपियों की ओर से समय मांगे जाने के बाद सुनवाई एक सप्ताह के लिए टाल दी गई।
अब सुप्रीम कोर्ट को तय करना है कि ट्विशा शर्मा केस का ट्रायल भोपाल में ही चलेगा या इसे दिल्ली स्थानांतरित किया जाएगा। इस फैसले पर दोनों पक्षों के साथ-साथ मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया की भी नजर रहेगी।



