भोजशाला मंदिर के बाद अब लाट मस्जिद को लेकर तनाव, धार में हिंदू संगठनों का दावा- विजय मंदिर है; पुलिस बल तैनात
विवाद को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने मंगलवार को इस जगह को बंद करवा दिया। स्थल के आसपास पुलिस का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। तीन स्तर की बैरिकेडिंग के साथ चेतावनी भी जारी की है।
MP News: धार में भोजशाला मंदिर के बाद अब लाट मस्जिद को लेकर विवाद शुरू हो गया है। हिंदू संगठनों का दावा है कि लाट मस्जिद नहीं बल्कि ये परमार काल का विजय मंदिर है। इसको लेकर सनातन प्रहरी समिति ने मंगलवार को वराह मार्च निकालने का ऐलान किया था। लेकिन पुलिस ने मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी और मार्च निकालने से पहले ही एहितायतन सनातन प्रहरी समिति के आशीष बसु समेत 7 लोगों को हिरासत में ले लिया। वहीं विवाद के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति हो गई है। तनाव को देखते हुए धार के संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
बाइक रैली निकालने का किया था ऐलान
सनातन प्रहरी समिति ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे पीजी कॉलेज से विजय कीर्ति मंदिर तक बाइक रैली निकालने का ऐलान किया था। संगठन की ओर से इसे वराह मार्च नाम दिया गया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए इसकी अनुमति नहीं दी। अनुमति ना देने के बावजूद सनातन प्रहरी समिति के लोग वराह मार्च निकालने पर अड़ गए। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को हिरासत में ले लिया है। साथ ही सभी संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है।
संवेदनशील इलाकों में एक हजार जवान तैनात
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए धार शहर में करीब 800 से 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर तीन स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। इसके साथ ही CCTV कैमरों, ऊंची इमारतों और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों से भी फिलहाल धार ना आने और स्थानीय लोगों से वराह मार्च में शामिल ना होने की अपील की है।
क्या है लाट मस्जिद-विजय मंदिर विवाद?
धार में जिस ऐतिहासिक स्थल को मुस्लिम समाज लाट मस्जिद के रूप में मानता है, हिंदू पक्ष उसे विजय मंदिर बताता रहा है। इसी दावे को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। मुस्लिम समाज की ओर से यहां नमाज अदा की जाती है, जबकि हिंदू समाज की ओर से दशहरा पर्व के दौरान कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आती रही है। अब इसी स्थल से जुड़ा विवाद वराह मार्च के ऐलान के बाद फिर सुर्खियों में है।
ASI ने करवाया बंद
विवाद को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने मंगलवार को इस जगह को बंद करवा दिया। स्थल के आसपास पुलिस का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। तीन स्तर की बैरिकेडिंग के साथ चेतावनी भी जारी की गई है कि संरक्षित इमारत को नुकसान पहुंचाने या किसी तरह की अनधिकृत गतिविधि करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
धार में धारा 163 लागू
प्रशासन ने सिर्फ वराह मार्च की अनुमति ही रद्द नहीं की, बल्कि मुस्लिम समाज की ओर से प्रस्तावित वाहन रैली को भी अनुमति नहीं दी गई है। धार शहर में फिलहाल धारा 163 लागू है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी समुदाय को ऐसा आयोजन करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
भोजशाला से जुड़े विवादों के कारण पहले से संवेदनशील धार में अब लाट मस्जिद-विजय मंदिर विवाद को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। फिलहाल पुलिस का दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करने की कोशिश कर रही है।
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