MP में 100 करोड़ के साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़, विदेशों से जुड़कर ऑनलाइन सट्टेबाजी कराते थे ठग
पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई बैंक खातों की जानकारी मिली है। अब संबंधित बैंकों से इन खातों के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि नेटवर्क में इस्तेमाल किए गए खातों और पैसों के प्रवाह का पता लगाया जा सके।
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MP News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 100 करोड़ के साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ हुआ है। साइबर क्राइम विंग ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और संदिग्ध बैंकिंग गतिविधियों से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। शहर के पॉश इलाके विंडसर हिल्स में किराए के डुप्लेक्स को ऑफिस की तरह इस्तेमाल कर ऑनलाइन सट्टा, गेमिंग और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त का काम किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार दुबई और श्रीलंका से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
'100 पैनल' वेबसाइट से सट्टा खिलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, साइबर क्राइम विंग को 12 सितंबर को विंडसर हिल्स स्थित एक डुप्लेक्स में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने वहां दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पांच युवक एक तरह के ऑफिस सेटअप में ऑनलाइन गतिविधियां संचालित करते मिले। पुलिस ने मौके से 23 मोबाइल फोन, 37 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, तीन लैपटॉप और छह बैंक पासबुक बरामद की हैं। जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी '100 पैनल' वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहे थे। इसके साथ ही बैंक खातों की खरीद-फरोख्त और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई बैंक खातों की जानकारी मिली है। अब संबंधित बैंकों से इन खातों के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि नेटवर्क में इस्तेमाल किए गए खातों और पैसों के प्रवाह का पता लगाया जा सके।
हर महीने 7-8 करोड़ का होता था ट्रांजेक्शन
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए हर महीने करीब 7 से 8 करोड़ रुपये का लेनदेन होने की बात सामने आई है। इस हिसाब से सालाना कारोबार करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि वास्तविक वित्तीय लेनदेन की तस्वीर बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस की पूछताछ में ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के तरीके को लेकर भी जानकारी मिली है। आरोप है कि शुरुआत में कम रकम लगाने वाले लोगों को जीत दिलाई जाती थी। इससे उनका भरोसा बढ़ता और वे ज्यादा पैसा लगाने लगते थे। बड़ी रकम दांव पर लगाने के बाद उन्हें नुकसान होता, जिसके बाद रकम वापस पाने की उम्मीद में वे और पैसा लगाते थे। पुलिस के मुताबिक, इसी तरीके से लोगों से लाखों रुपये तक की ठगी की जाती थी।
दुबई और श्रीलंका से कनेक्शन की जांच
पूछताछ में आरोपियों के व्हाट्सऐप संपर्कों से दुबई और श्रीलंका में बैठे कथित नेटवर्क से जुड़ी जानकारी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान इंटरनेट कनेक्शन बाधित होने के बाद विदेश से व्हाट्सऐप और टेलीग्राम कॉल आने लगीं। पुलिस अब डिजिटल डाटा के जरिए इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पड़ताल कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोहित करेर, दिनेश रायकवार, शांतनु श्रीवास, सुमित कुशवाह और दीपक आर्य के रूप में हुई है। पुलिस फरार बताए जा रहे सरगना और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही डुप्लेक्स के मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

