'गरबा में मुस्लिम युवाओं का जाना हराम', मुफ्ती बोले- दूसरी कौम के त्योहार में जाना जायज नहीं
मुफ्ती गुफरान ने कहा कि मुस्लिम युवाओं को अपनी धार्मिक पहचान और परंपराओं को लेकर जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज की अपनी धार्मिक परंपराएं हैं और युवाओं को उन्हीं पर ध्यान देना चाहिए।
Bhopal Garba News: नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी को लेकर भोपाल में एक बार फिर धार्मिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। भोपाल के मुफ्ती मोहम्मद गुफरान खान नदवी ने गरबा में मुस्लिम युवाओं के शामिल होने को ‘हराम’ बताया है। बुधवार रात सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवाओं को दूसरी कौम के धार्मिक त्योहारों और रस्मों में शामिल होने से बचना चाहिए।
'दूसरी कौम की रस्म अदायगी मुसलमानों के लिए सही नहीं'
मुफ्ती गुफरान खान नदवी ने कहा कि अगर कोई मुस्लिम युवक अपने दोस्तों के साथ गरबा में जाने को ठीक समझता है, तो उसे ऐसा नहीं करना चाहिए। उनके मुताबिक, दूसरी कौम की धार्मिक पहचान और रस्मों का अनुकरण करना मुस्लिमों के लिए उचित नहीं है। उन्होंने ‘मुशाबहत’ का जिक्र करते हुए कहा कि दूसरी कौम के तौर-तरीकों को अपनाने से उसी तरह की पहचान से जुड़ाव माना जाता है।
‘दूसरे धर्म के त्योहारों की ओर आकर्षित होने की जरूरत नहीं’
मुफ्ती गुफरान ने कहा कि मुस्लिम युवाओं को अपनी धार्मिक पहचान और परंपराओं को लेकर जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज की अपनी धार्मिक परंपराएं हैं और युवाओं को उन्हीं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दूसरे धर्मों के त्योहारों की ओर आकर्षित होने की जरूरत नहीं होने की बात कही।
अपने बयान में उन्होंने मस्जिदों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर दूसरे समुदाय के लोग मस्जिद के गेट तक पहुंच रहे हैं तो आगे चलकर उनके अंदर आने की संभावना भी हो सकती है। उन्होंने लोगों को नमाज और मस्जिद से जुड़ने का संदेश दिया।
मुस्लिम त्योहार कमेटी भी कर चुकी है अपील
गरबा को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है, जब ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी भी मुस्लिम युवाओं से गरबा आयोजनों से परहेज करने की अपील कर चुकी है। कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेख इस्माइल खान ने 6 अक्टूबर को जारी अपील में कहा था कि इसका मकसद किसी धर्म या धार्मिक आयोजन का विरोध करना नहीं है। कमेटी ने इसे सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और विवाद से बचने की कोशिश बताया था।
'रील्स, व्यूज के लिए गरबा में जाने से बचें'
कमेटी ने मुस्लिम युवाओं से सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान करने के साथ विवाद, टकराव और उकसावे की स्थिति से दूर रहने को कहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कमेटी ने यह भी कहा कि केवल रील्स, लाइक्स और व्यूज के लिए गरबा आयोजनों में शामिल होने से बचना चाहिए।
BJP, हिंदूवादी संगठन करते रहे हैं विरोध
मध्य प्रदेश में इस नवरात्रि से पहले गरबा में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी को लेकर राजनीतिक बयान भी सामने आ चुके हैं। भोपाल के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और मंत्री विश्वास सारंग के बयानों के बाद इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी थी। बीजेपी और हिंदूवादी संगठन लगातार मुस्लिम युवाओं के गरबा में जाने का विरोध करते रहे हैं।
अब मुफ्ती गुफरान खान नदवी के बयान और मुस्लिम त्योहार कमेटी की अपील के बाद गरबा में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। वहीं, कमेटी ने साफ किया है कि उसकी अपील का उद्देश्य किसी धार्मिक आयोजन का विरोध करना नहीं, बल्कि संभावित विवाद और टकराव से बचना है।
